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View Full Version : गोपालदास "नीरज"



  1. दर्द दिया है
  2. दीप और मनुष्य
  3. हर दर्पन तेरा दर्पन है
  4. अधिकार सबका है बराबर
  5. यदि वाणी भी मिल जाए दर्पण को
  6. ओ प्यासे अधरोंवाली
  7. कारवाँ गुज़र गया
  8. रीती सागर का क्या होगा
  9. मैं पीड़ा का राजकुँवर हूँ