PDA

View Full Version : बशीर बद्र



  1. यूँ ही बेसबब न फिरा करो
  2. कोई फूल धूप की पत्तियों में
  3. आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा
  4. हँसी मासूम सी बच्चों की कापी में
  5. नारियल के दरख़्तों की पागल हवा
  6. सँवार नोक पलक अबरूओं में ख़म कर दे
  7. कोई लश्कर है के बढ़ते हुए ग़म आते हैं
  8. कभी यूँ भी आ मेरी आँख में
  9. सरे राह कुछ भी कहा नहीं कभी उसके घर में गया नहीं
  10. अभी इस तरफ़ न निगाह कर
  11. भीगी हुई आँखों का ये मन्ज़र न मिलेगा
  12. कभी यूँ भी आ मेरी आँख में के मेरी नज़र को ख़बर न हो
  13. ख़ुदा हम को ऐसी ख़ुदाई न दे
  14. कुछ तो मजबूरियाँ रही होगी
  15. सर झुकओगे तो पत्थर
  16. न जी भर के देखा न कुछ बात की
  17. सर से पा तक वो गुलाबों का शजर
  18. कभी तो शाम ढले अपने घर गए होते
  19. लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में
  20. सोचा नहीं अच्छा बुरा देखा सुना कुछ भी नहीं
  21. परखना मत, परखने में कोई अपना नहीं रहता
  22. रात आँखों में ढली पलकों पे जुगनूँ आए
  23. बाहर ना आओ घर में रहो तुम नशे में हो