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View Full Version : देव साहब-एक लेजेंड एक युग



shaukeen
04-12-2011, 01:49 PM
जिस पीढ़ी ने उनके परदे की रूमानियत को महसूस किया है वो पीढ़ी विश्वास ही नहीं कर पा रही है कि देव साहब हमसे बिछुड़ गए हैं.
व्यक्तिगत रूप में गाइड मेरी आज तक की सबसे पसंदीदा फिल्म है. लेकिन हरे रामा हरे कृष्णा ऐसी फिल्म थी जिसका विषय आज और भी ज्यादा समसामयिक हो गया है. माँ बाप के व्यक्तिगत तकरार तथा बच्चों के चरित्रविकास में किस बात का महत्त्व अधिक है.
यह विषय अभी भी बेहद विचारोत्तेजक है. बोलने को बहुत है लेकिन हार्दिक श्रध्हांजलि.

lotus1782
04-12-2011, 02:05 PM
देव आनंद जी को मेरी तरफ से भी श्रधांजलि

Prakash87
04-12-2011, 02:46 PM
:bloom:
http://www.youtube.com/watch?v=pD_iBSrkWSM:bloom:

:bloom:RIP

Lovely.indian
04-12-2011, 03:00 PM
देव आनंद जी को मेरी तरफ से भी श्रधांजलि

Badtameez
04-12-2011, 03:17 PM
पीङा से व्यथित हृदय स्थल हो गया।
मन में उदासी नयनों में जल हो गया।
अभी तक जिसको तू आज में देखता था,
अब देख'सौरभ'वो बीता कल हो गया।
.
.
नम आँखों से श्रद्धांजलि

nitin9935
04-12-2011, 03:29 PM
देव साहब अपने आप में एक अलग दुनिया थे
मैं तो उनका बहुत बड़ा फैन था फैन हूँ और हेमेशा रहूँगा

उनके जाने से हिंदी सिनेमा को एक अपूरणीय क्षति हुई है

मेरी तरफ से इस गीत के साथ उनको श्रधांजलि

http://youtu.be/IzC0_XVE3Vk

satya_anveshi
05-12-2011, 12:08 AM
सच कह रहे हो नितिन भाई। देव साहब को भारतीय सिनेमा का एक स्तंभ कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी, सिनेमा में उनके योगदान का अंदाज तो उन्हें मिले पुरस्कारों के आधार पर ही लगाया जा सकता है। देव साहब के जाने के साथ ही भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत हो गया है। उनके जाने का दुख तो सभी को है परंतु साथ ही यह संतुष्टि भी है कि एक कलाकार की कभी मृत्यु नहीं होती वरन वह तो दुनिया में अपनी कला के दम पर सदा जीवित रहता है।
देव साहब के लिए दो पंक्तियाँ याद आती हैं- 'मैं जिन्दगी का साथ निभाता चला गया, हर फिक्र को धुएँ में उङाता चला गया
बर्बादियोँ का शोक मनाना फिजूल था, बर्बादियोँ का जश्न मनाता चला गया'

mantu007
05-12-2011, 12:24 AM
भगवान उनकी आत्मो को शांति प्रदान करे ..........

deep deep
05-12-2011, 03:14 AM
उनके जाने से हिंदी सिनेमा को एक अपूरणीय क्षति हुई है
देव आनंद जी को मेरी तरफ से भी श्रधांजलि

RAM GAUTAM
05-12-2011, 10:08 AM
देव साहब हमारे सिनेमा के वो नायाब हीरा रहे हैं जिनकी कमी हमेशा फिल्म जगत और आम जन मानस को खलेगी

इस्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे.

encee
05-12-2011, 10:21 PM
सचमुच सिनेमा के प्रति समर्पित लोगों के लिए श्रद्धा भाव रखने वालों के लिए बहुत बड़ा आघात है.
श्रद्धांजलि के रूप में उनके कुछ यादगार गीत प्रस्तुत हैं.
१- फूलों के रंग से दिल की कलम से.
२-फूलों का तारों का सब का कहना है.
३- गाता रहे मेरा दिल तू ही मेरी मंजिल.
४-आसमा के नीचे हम आज अपने पीछे प्यार का जहाँ बसा के चले.
५- हे मैंने कसम ली हे तूने कसम ली.
६-शोखियों में घोला जाए फूलों का शबाब उसमे फिर मिलाई जाये थोड़ी सी शराब.
7-देखो रूठा न करो बात नज़रों की सुनो.
8- अभी न जाओ छोड़ कर कि दिल अभी भरा नहीं.
9-कहीं बेखयाल हो कर यूँ ही छू लिया किसी ने.
10-हम बेखुदी में तुम को पुकारे चले गए.
11-तेरी जुल्फों से जुदाई तो नहीं मांगी थी क़ैद मांगी थी रिहाई तो नहीं मांगी थी.
12-मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया हर फिक्र को धुएं में उडाता चला गया.
सुधिपाठक गण कृपया इस लिस्ट को और बढ़ाने में मदद करें.

Prakash87
05-12-2011, 10:34 PM
http://www.youtube.com/watch?v=KgezoiBPgWI


http://www.youtube.com/watch?v=eRqrolEKdBg

Prakash87
05-12-2011, 10:35 PM
http://www.youtube.com/watch?v=WealyzFhBW8&ob=av3e


http://www.youtube.com/watch?v=ptrl5WFwmTQ

encee
05-12-2011, 11:06 PM
http://www.youtube.com/watch?v=WealyzFhBW8&ob=av3e


http://www.youtube.com/watch?v=ptrl5WFwmTQ

dhanyawad mitr.

Rated R
06-12-2011, 03:31 PM
भगवान् उनकी आत्मा को शान्ति दे..!
88 साल की उम्र में भी उनमें एक नौजवान जितना जोश था..
उन्होंने ये साबित किया की उम्र तो सिर्फ एक संख्या है,सिर्फ जीने की तमन्ना होनी चाहिए,..!!

shaukeen
08-12-2011, 06:23 AM
[QUOTE=encee;706409]सचमुच सिनेमा के प्रति समर्पित लोगों के लिए श्रद्धा भाव रखने वालों के लिए बहुत बड़ा आघात है.
श्रद्धांजलि के रूप में उनके कुछ यादगार गीत प्रस्तुत हैं.
१- फूलों के रंग से दिल की कलम से.
२-फूलों का तारों का सब का कहना है.
३- गाता रहे मेरा दिल तू ही मेरी मंजिल.
४-आसमा के नीचे हम आज अपने पीछे प्यार का जहाँ बसा के चले.
५- हे मैंने कसम ली हे तूने कसम ली.
६-शोखियों में घोला जाए फूलों का शबाब उसमे फिर मिलाई जाये थोड़ी सी शराब.
7-देखो रूठा न करो बात नज़रों की सुनो.
8- अभी न जाओ छोड़ कर कि दिल अभी भरा नहीं.
9-कहीं बेखयाल हो कर यूँ ही छू लिया किसी ने.
10-हम बेखुदी में तुम को पुकारे चले गए.
11-तेरी जुल्फों से जुदाई तो नहीं मांगी थी क़ैद मांगी थी रिहाई तो नहीं मांगी थी.
12-मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया हर फिक्र को धुएं में उडाता चला गया.
सुधिपाठक गण कृपया इस लिस्ट को और बढ़ाने में मदद करें. [/QUOTE




किसका रास्ता देखें ऐ दिल ऐ सौदाई मीलों है ख़ामोशी बरसों है तन्हाई. (फिल्म जोशीला)

swami ji
05-01-2012, 08:05 PM
देव को आनद साहब को मेरा प्रिय ...................

asr335704
16-07-2019, 03:11 PM
देव आनंद एक शानदार अभिनेता थे। मैंने उनकी सभी प्रसिद्ध फिल्में देखी हैं। देव साहब को मेरी तरफ से भावभीनी श्रद्धांजलि ।