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View Full Version : जामफल : गुणकारी और स्वादिष्ट



Bhawani7000
28-01-2011, 11:50 AM
जामफल में विटामिन, मिनरल और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

विटामिन "सी" की अधिकता होने के कारण यह त्वचा से संबंधित बीमारियों को कम करता है और त्वचा में निखार लाता है।

नाक और मसूढ़ों में खून निकलने के उपचार में लाभदायक है।

फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाने के कारण कब्ज को दूर करता है।

यह मोटापा कम करता है।

एसीडिटी, अस्थमा, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, दाँत और मसूढ़ों के दर्द में राहत पहुँचाता है।

सर्दी-खाँसी से बचाव तथा पाचन क्रिया को बढ़ाता है।

हृदय से संबंधित बीमारी, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल को भी कम करने में सहायक है।
http://hindi.webdunia.com/miscellaneous/health/homeremedies/1101/27/images/img1110127036_1_1.jpg
जामफल के औषधीय प्रयोग
पके हुए जामफलों का बीज रहित गूदा 250 ग्राम दूध और खांड को साथ मिलाकर फेंट लें। इसको पीने से स्वप्नदोष नहीं होता, इसी गूदे को शहद के सात खाने से शक्ति और स्फूर्ति बढ़ती है।

जामफल का अर्क 10 ग्राम और शहद 5 ग्राम दोनों को मिलाकर फेंट लें। सुबह-शाम खाली पेट सेवन करने से सूखी खाँसी जड़ से समाप्त हो जाती है।

जामफल का अर्क हर दिन सुबह-शाम लेने पर पाचन क्रिया और पित्त संबंधी विकार दूर होते हैं।

भोजन के साथ जामफल की चटनी और भोजन के बाद जामफल का मुरब्बा तीन महीने तक खाने से हृदय रोग में लाभ होता है। इससे रक्त संबंधी विकार भी दूर होते हैं।

sangita_sharma
01-02-2011, 10:32 AM
जामफल में विटामिन, मिनरल और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

विटामिन "सी" की अधिकता होने के कारण यह त्वचा से संबंधित बीमारियों को कम करता है और त्वचा में निखार लाता है।

नाक और मसूढ़ों में खून निकलने के उपचार में लाभदायक है।

फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाने के कारण कब्ज को दूर करता है।

यह मोटापा कम करता है।

एसीडिटी, अस्थमा, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, दाँत और मसूढ़ों के दर्द में राहत पहुँचाता है।

सर्दी-खाँसी से बचाव तथा पाचन क्रिया को बढ़ाता है।

हृदय से संबंधित बीमारी, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल को भी कम करने में सहायक है।
http://hindi.webdunia.com/miscellaneous/health/homeremedies/1101/27/images/img1110127036_1_1.jpg
जामफल के औषधीय प्रयोग
पके हुए जामफलों का बीज रहित गूदा 250 ग्राम दूध और खांड को साथ मिलाकर फेंट लें। इसको पीने से स्वप्नदोष नहीं होता, इसी गूदे को शहद के सात खाने से शक्ति और स्फूर्ति बढ़ती है।

जामफल का अर्क 10 ग्राम और शहद 5 ग्राम दोनों को मिलाकर फेंट लें। सुबह-शाम खाली पेट सेवन करने से सूखी खाँसी जड़ से समाप्त हो जाती है।

जामफल का अर्क हर दिन सुबह-शाम लेने पर पाचन क्रिया और पित्त संबंधी विकार दूर होते हैं।

भोजन के साथ जामफल की चटनी और भोजन के बाद जामफल का मुरब्बा तीन महीने तक खाने से हृदय रोग में लाभ होता है। इससे रक्त संबंधी विकार भी दूर होते हैं।

bhawani ji jaamfal bahut gunkaari hai iski sbji bhi bahut aacchi banti hI MAGAR BIJ NIKAAL KAR KYUKI ISKE BIJ KHAANE SE APEDIKS HOTA HAI

sanjay jangir
13-10-2011, 11:27 AM
sir ji namste,
kya aap meri help kar sakte hai.
I Want to an ayurvedic plant of ANKOL & Teliakand.
so My Dear Friend Please Help me.

vidya thakur
19-10-2011, 05:12 PM
एक लाजवाब सूत्र के लिए बहुत बहुत बधाई . कृपया रेपो स्वीकार करें

sanjay jangir
29-10-2011, 10:17 AM
sir ji namste,
kya aap meri help kar sakte hai.
I Want to an ayurvedic plant of ANKOL & Teliakand.
so My Dear Friend Please Help me.

Raja44
16-12-2011, 08:00 PM
जामफल में विटामिन, मिनरल और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

विटामिन "सी" की अधिकता होने के कारण यह त्वचा से संबंधित बीमारियों को कम करता है और त्वचा में निखार लाता है।

नाक और मसूढ़ों में खून निकलने के उपचार में लाभदायक है।

फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाने के कारण कब्ज को दूर करता है।

यह मोटापा कम करता है।

एसीडिटी, अस्थमा, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, दाँत और मसूढ़ों के दर्द में राहत पहुँचाता है।

सर्दी-खाँसी से बचाव तथा पाचन क्रिया को बढ़ाता है।

हृदय से संबंधित बीमारी, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल को भी कम करने में सहायक है।
http://hindi.webdunia.com/miscellaneous/health/homeremedies/1101/27/images/img1110127036_1_1.jpg
जामफल के औषधीय प्रयोग
पके हुए जामफलों का बीज रहित गूदा 250 ग्राम दूध और खांड को साथ मिलाकर फेंट लें। इसको पीने से स्वप्नदोष नहीं होता, इसी गूदे को शहद के सात खाने से शक्ति और स्फूर्ति बढ़ती है।

जामफल का अर्क 10 ग्राम और शहद 5 ग्राम दोनों को मिलाकर फेंट लें। सुबह-शाम खाली पेट सेवन करने से सूखी खाँसी जड़ से समाप्त हो जाती है।

जामफल का अर्क हर दिन सुबह-शाम लेने पर पाचन क्रिया और पित्त संबंधी विकार दूर होते हैं।

भोजन के साथ जामफल की चटनी और भोजन के बाद जामफल का मुरब्बा तीन महीने तक खाने से हृदय रोग में लाभ होता है। इससे रक्त संबंधी विकार भी दूर होते हैं।

भाई जी जामफल मेँ सब कुछ ठीक है ये साले बीज तकलीफ देते हैँ इनका कोई उपाय बताईये

Shri Vijay
13-01-2012, 08:01 PM
मित्र श्री भावानिजी जी आप के ईस उत्क्रष्ट सूत्र के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ l क्रपया जामफल का मुरब्बा और सरबत केसे बनाते हें यह बताने का कष्ट करे l

dr.sunny
16-01-2012, 07:39 PM
मित्र श्री भावानिजी जी आप के ईस उत्क्रष्ट सूत्र के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ l क्रपया जामफल का मुरब्बा और सरबत केसे बनाते हें यह बताने का कष्ट करे l

आज बनाऊंगा अगर अच्छा बन गया तो कल बताऊंगा
हा हा हा (मजाक)
मै कल कोशिश कर्ता हूँ आपको बताने की