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View Full Version : घरेलू उपाय तुरंत आजमाएँ



Bhawani7000
28-01-2011, 11:54 AM
मोच आने पर क्या करें
काम करते समय कई बार हमें यह मालूम नहीं हो पाता कि हाथ-पाँव में मोच लग गई है, कुछ समय बाद उस जगह दुःखने पर यह पता लगता है।

ज्यादा परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर को बताएँ और उपचार लें। यदि मोच छोटी है तो आप घरेलू उपचार कुछ इस तरह करें।

* आधा चम्मच हल्दी का दूध के साथ तुरंत सेवन करें। इससे हड्डियों के अंदर की चोट को आराम मिलता है।

* मोच खाए या टूटे अंग की मालिश कभी भी न करें। इससे कोई लाभ नहीं होता, बल्कि हानि पहुँच सकती है।

* मोच खाए जोड़ को ठीक करने के लिए इलास्टिक की पट्टियों से बांधे।

* मोच खाए टखने पर एड़ी से शुरू कर पट्टी को ऊपर की ओर बांधें, ध्यान रहे कि पट्टी बहुत सख्त न हो और हर दो घंटे में खोलते रहें। यदि दर्द और सूजन 48 घंटे में कम न हो तो चिकित्सा सहायता लें।

* पीड़ा और सूजन में कमी लाने के लिए मोच खाए अंग पर हर घंटे बाद बर्फ या ठंडे पानी की भीगी हुई पट्टियाँ रखें। इससे पीड़ा और सूजन में कमी आती है।
************************************************** *********
प्रस्तुत उपाय छोटी-मोटी चोट के लिए है अत: किसी भी प्रकार की चोट की गंभीरता जानने के लिए पहले विशेषज्ञ से जाँच करवाना आवश्यक है
************************************************** *********

sagar -
01-02-2011, 09:55 AM
अच्छी जानकारी दी हे आगे भी और जानकारी देते रहे !

man-vakil
01-02-2011, 10:00 AM
ज्ञान्वर्दक

ashwanimale
05-08-2012, 04:33 AM
अच्छी जानकारी है अगर एलोपैथी खाए बिना कम बन जाये तो अच्छी बात है

Munneraja
18-02-2013, 10:24 AM
पुराने जमाने में मक्खन और मिश्री का ही मेल बताया गया है
गाँव में अभी भी मक्खन के साथ मिश्री ही दी जाती है
मिश्री ठंडी मानी जाती है,
दांतों में जोर होना चाहिए....
मिश्री खाने का मजा ही कुछ और है
मैं खाने के बाद अभी भी मिश्री की छोटी डलियाँ मुह में रखता हूँ

ashwanimale
18-02-2013, 11:14 AM
मक्खन के साथ शहर में रहने वालों को पिसी चीनी और गांव में रहने वालों को मिश्री भेजिये, भगवान ही जाने दांत कैसे निकले मिश्री पाने वालों के।

Vrinda
18-02-2013, 11:17 AM
eeee meine kabhi try nahi kiya... mujhe to lassi bhi namkeen bhali laage..

Krish13
18-02-2013, 11:20 AM
मक्खन के साथ शहर में रहने वालों को पिसी चीनी और गांव में रहने वालों को मिश्री भेजिये, भगवान ही जाने दांत कैसे निकले मिश्री पाने वालों के।

मेरे अलावा तो शायद गाँव मेँ कोई नही रहते
सब शहर वाले हैँ?

ashwanimale
18-02-2013, 11:30 AM
मेरे अलावा तो शायद गाँव मेँ कोई नही रहते
सब शहर वाले हैँ?
तभी तो पिसी चीनी कही थी, लेकिन सभी ऐक्टिंग करके मिश्री चाह रहे हैं, अब कैसे खायेंगे वे ही जानें। ....... विपरीत बुध्ही

Krish13
18-02-2013, 11:42 AM
तभी तो पिसी चीनी कही थी, लेकिन सभी ऐक्टिंग करके मिश्री चाह रहे हैं, अब कैसे खायेंगे वे ही जानें। ....... विपरीत बुध्ही

हाँ तो मिश्री खाने मेँ क्या दिक्कत है
मुँह मेँ डालेँगे और खा लेँगे

बस बुजुर्गोँ को थोड़ी दिक्कत होगी.... :)

Vrinda
18-02-2013, 11:47 AM
हाँ तो मिश्री खाने मेँ क्या दिक्कत है
मुँह मेँ डालेँगे और खा लेँगे

बस बुजुर्गोँ को थोड़ी दिक्कत होगी.... :)

jaise ki paath ji or munneraja ji .. hi hi hi hi hi ...central 41

Munneraja
18-02-2013, 11:47 AM
मक्खन के साथ शहर में रहने वालों को पिसी चीनी और गांव में रहने वालों को मिश्री भेजिये, भगवान ही जाने दांत कैसे निकले मिश्री पाने वालों के।
शहर में सारी चीजें दिखावटी मिलती हैं
है ना.... central 14

eeee meine kabhi try nahi kiya... mujhe to lassi bhi namkeen bhali laage..
कभी कभी थोडा मीठा खाना भी सीखिए

मैं पहले मीठे से दूर रहा करता था
चाय कोफी पीता नहीं
दूध भी कभी कभार ही लेता हूँ सो मीठा अक्सर शरीर में कम ही जा पाता था.
एक बार तबियत गडबड हुई तो टेस्ट पर टेस्ट होते गए
कुछ पता नहीं चला
ब्लड सुगर में एक छोटी गडबड आई वो थी PP 168
ये मानक 120 से कुछ ज्यादा थी
इसके अतिरिक्त और कोई गडबड नहीं, अब मुझे मीठा खाने की इच्छा करती थी तो मन मारना पड़ता था...

मैं मेरे मित्र डॉक्टर के यहाँ इलेक्ट्रोनिक आइटम रिपेयरिंग के लिए उनके यहाँ गया था तो उन्होंने मुझसे पूछा
चाय या ठंडा ?
मेरा उत्तर था = डॉक्टर साहब, चाय कोफी पीता नहीं और ठंडा ले नहीं सकता, मीठा तो पहले भी खाता नहीं था और उपर से ये बिमारी और..
तो उनका उत्तर सुन कर मेरी आँखे खुल गई
*मुन्ना जी, इसीलिए अपनी तरफ से कुछ भी खाना पीना बंद नहीं रखना चाहिए
जाने कब किस बिमारी के कारण क्या खाना बंद हो जाए तो सारी उम्र वो चीज खाने के लिए तरस जाओगे *

खैर, भगवान की कुदरत, मैंने कुछ प्राकृतिक प्रयोग किये और समस्या हल हो गई, अब मैं मीठा खा लिया करता हूँ.

तभी तो पिसी चीनी कही थी, लेकिन सभी ऐक्टिंग करके मिश्री चाह रहे हैं, अब कैसे खायेंगे वे ही जानें। ....... विपरीत बुध्ही
आप अपने बारे में ये सब कुछ कैसे बता देते हैं ? :pointlol:

Munneraja
18-02-2013, 11:55 AM
jaise ki paath ji or munneraja ji .. hi hi hi hi hi ...central 41

मेरी चिंता छोडिये मोहतरमा
मैं तो बड़े आराम से खाता हूँ, मैंने कहा भी है कि मैं अक्सर खाने के बाद मिश्री खाता हूँ

आप अपनी बताइये :pointlol:

ashwanimale
18-02-2013, 12:01 PM
खैर, भगवान की कुदरत, मैंने कुछ प्राकृतिक प्रयोग किये और समस्या हल हो गई, अब मैं मीठा खा लिया करता हूँ.

प्रयोग के बारे में भी हल्का फुल्का बताएं, बीमारी तो नहीं है, लेकिन किसी का भला करने लायक ज्ञान इकठ्ठा करते रहने की आदत है,

http://www.hindivichar.com/images/misc/quote_icon.png Originally Posted by ashwanimale http://www.hindivichar.com/images/buttons/viewpost-right.png (http://www.hindivichar.com/showthread.php?p=1845246#post1845246)
तभी तो पिसी चीनी कही थी, लेकिन सभी ऐक्टिंग करके मिश्री चाह रहे हैं, अब कैसे खायेंगे वे ही जानें। ....... विपरीत बुध्ही



आप अपने बारे में ये सब कुछ कैसे बता देते हैं ?

हाँ जी, अपने बारे में नहीं कहा था, अब शहर में रहने वाले मिश्री मांगें तो, यही कहा जाएगा, विनाश काले विपरीत बुध्ही

* मैं भी ३० वर्षों से शहरी ही हूँ |
* अपने बारे में बुरा कह पाना आसान है, जब यह सोच लिया, तुम मुझमें हो, मैं तुममे हूँ, - गीता, निष्कर्ष निकाला की सभी बराबर के सम्मान के हक़दार हैं इश्वर की संतान हैं

Munneraja
18-02-2013, 12:57 PM
खैर, भगवान की कुदरत, मैंने कुछ प्राकृतिक प्रयोग किये और समस्या हल हो गई, अब मैं मीठा खा लिया करता हूँ.

प्रयोग के बारे में भी हल्का फुल्का बताएं, बीमारी तो नहीं है, लेकिन किसी का भला करने लायक ज्ञान इकठ्ठा करते रहने की आदत है,

http://www.hindivichar.com/images/misc/quote_icon.png Originally Posted by ashwanimale http://www.hindivichar.com/images/buttons/viewpost-right.png (http://www.hindivichar.com/showthread.php?p=1845246#post1845246)
तभी तो पिसी चीनी कही थी, लेकिन सभी ऐक्टिंग करके मिश्री चाह रहे हैं, अब कैसे खायेंगे वे ही जानें। ....... विपरीत बुध्ही



आप अपने बारे में ये सब कुछ कैसे बता देते हैं ?

हाँ जी, अपने बारे में नहीं कहा था, अब शहर में रहने वाले मिश्री मांगें तो, यही कहा जाएगा, विनाश काले विपरीत बुध्ही

* मैं भी ३० वर्षों से शहरी ही हूँ |
* अपने बारे में बुरा कह पाना आसान है, जब यह सोच लिया, तुम मुझमें हो, मैं तुममे हूँ, - गीता, निष्कर्ष निकाला की सभी बराबर के सम्मान के हक़दार हैं इश्वर की संतान हैं
शहर में एक मानसिकता देखी जाती है
पैसा देकर काम करवाने की
आप की सूचनार्थ मैं बता दूं कि मेरे पास लगभग ४०० स्क्वायर फुट कार्य स्थल एवं इतना ही कोरिडोर है
सीढियां ४२ अलग से है
पूरे की सफाई मैं ही करता हूँ, झाडू पोछा आदि,
इस से शरीर को आवश्यक मेहनत मिल जाती है
हाथ पैर चलते रहते हैं.
इसे विवशता भी मान सकते हैं कि मैंने दो बंदे अलग अलग समय पर सफाई कार्य के लिए रखे थे लेकिन उनकी लंबी छुट्टी पर जाने से मुझे ही कार्य करना होता था तो मैंने अंत में यही निर्णय लिया कि ये कार्य मैं ही किया करूँ.
शहरी हों तो भी प्रकृति के नजदीक रहेंगे तो बहुत सी बिमारियों से भी दूर रहेंगे
चीनी के स्थान पर मिश्री के आयुर्वेदिक गुण अच्छे पाए गए हैं.

इस शिकायत से असम्बद्ध वार्तालाप यदि नियामक चौपाल में स्थानातरित कर दिया जाए तो उचित रहेगा ............
यहाँ इतनी चर्चा हुई है, चौपाल पर नहीं हो सकती थी.
क्योंकि शिकायत पर सभी प्रबंधन सदस्य आते ही हैं.
जैसे ही यह चर्चा बंद हो तो सभी प्रविष्टियाँ वहाँ भेजी जा सकती हैं
फिलहाल इसे यूं ही चलना ठीक होगा = मेरा विचार मात्र

Munneraja
18-02-2013, 01:00 PM
प्रयोग के बारे में भी हल्का फुल्का बताएं, बीमारी तो नहीं है, लेकिन किसी का भला करने लायक ज्ञान इकठ्ठा करते रहने की आदत है,


जब कभी किसी को जरूरत पड़े तो मुझसे विस्तार से चर्चा की जा सकती है
यहाँ मैं यह कार्य जयपुर में करता हूँ
जो भी डाईबिटिक रोगी मुझसे चर्चा करते हैं उनको मैं ये इलाज बताता हूँ

ashwanimale
18-02-2013, 01:15 PM
जब कभी किसी को जरूरत पड़े तो मुझसे विस्तार से चर्चा की जा सकती है
यहाँ मैं यह कार्य जयपुर में करता हूँ
जो भी डाईबिटिक रोगी मुझसे चर्चा करते हैं उनको मैं ये इलाज बताता हूँ
द ग्रेट मुन्ना जी, हेल्प लेनी ही पड़ेगी, एक रिलेटिव अंडर ट्रीटमेंट हैं,

ashwanimale
18-02-2013, 01:18 PM
.....मिश्री के आयुर्वेदिक गुण.....
महोदय थोड़े से ही बता दीजिये, आपाधापी के जीवन में ध्यान नहीं दे सका, चीनी का एक रूप समझता रहा!

Munneraja
18-02-2013, 01:30 PM
द ग्रेट मुन्ना जी, हेल्प लेनी ही पड़ेगी, एक रिलेटिव अंडर ट्रीटमेंट हैं,
आप जरुरत के अनुसार मुझसे मोबाइल पर बात कर सकते हैं
नम्बर आपको भेज दिए गये हैं

महोदय थोड़े से ही बता दीजिये, आपाधापी के जीवन में ध्यान नहीं दे सका, चीनी का एक रूप समझता रहा!
चीनी को पानी में संतृप घोल बना कर मिश्री तैयार की जाती है
मिश्री की तासीर ठंडी मानी जाती है
अक्सर गर्मी को शांत करने के लिए मिश्री का प्रयोग किया जाता है
जैसे गर्मियों में निम्बू की शिकंजी में,
"ठंडाई" नामक तैयार किये जाने वाले पेय में
मुह के छाले दूर करने के लिए मिश्री वाला गुलकंद
कुछ और भी हैं ...

इसके अतिरिक्त जयपुर में मिश्री मावा नामक मिठाई में मिश्री को सिके हुए मावे में मिलाया जाता है.
प्रसाद के रूप में सूखे पिसे हुए धनिया पाउडर में मिश्री के टुकड़े डाले जाते हैं.

मुह के छाले के लिए एक अक्सीर इलाज ::
दो चम्मच धनिया पाउडर
एक गिलास पानी
और लगभग दो से पांच ग्राम मिश्री
इन्हें उबालिए
पानी जब ३/४ गिलास रह जाये तो छान कर पीएं, ये एक खुराक है.
दिन में दो बार पीना है
तीन दिनों में छाले मिट जायेंगे

ashwanimale
18-02-2013, 03:06 PM
आप जरुरत के अनुसार मुझसे मोबाइल पर बात कर सकते हैं .... मिश्री तैयार की जाती है तासीर ठंडी मानी जाती है .. गर्मी को शांत करने के लिए मिश्री ....छाले मिट जायेंगे
इतनी काम की जानकारी देने के लिए साधुवाद मुन्ना जी

gill1313
12-03-2013, 06:40 PM
इस खतरनाक बीमारी को कंट्रोल करना हो तो रोज खाएं केला
यूं तो हर फल अपने अन्दर कुछ न कुछ प्राकृतिक गुणों को समाए रहता है,आपने कभी बंदरों को हार्टअटैक
से मरते हुए सुना होगा ..नहीं कारण है ,प्राकृतिक फलों का सेवन ,इन्हीं कन्द मूलों एवं फलों को खाकर हमारे ऋषि -मुनि लम्बी आयु को निरोगी रहकर बिताते थे।


फलों के इन्हें गुणों की पुष्टि आज के वैज्ञानिक भी कर रहे हैं। अब केले को ही ले लीजिए,भारत के मनीपाल एवं जॉन हापकिंस विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन से यह निष्कर्ष निकाला है, कि आप केला खाकर अपने रक्तचाप (ब्लड-प्रेशर ) को दस प्रतिशत तक नियंत्रित कर सकते हैं।


केला उच्च रक्तचाप में दी जानेवाली दवा एस -इनहीबिटर के रूप में काम करता है। तो आज से ही नाश्ते में लें एक पूरा केला या फिर केले से बनाएं फ्रूट सलाद ,इससे मिलेगा पोटेशियम और विटामिन सी और रक्तचाप भी रहेगा नियंत्रित है न मजे की बात।

Munneraja
15-03-2013, 02:31 PM
VICKS नाम की दवा अमेरिका में
बनाना और बेचना दोनों जुर्म है! अगर
किसी डॉक्टर ने किसी को VICKS
की prescription लिख दी तो उस डॉक्टर
को 14 साल की जेल हो जाती है,
उसकी डिग्री छीन ली जाती है |
क्यूंकि विक्स जहर है, एवं ये आपको दमा,
अस्थमा, ब्रोंकिअल अस्थमा कर सकता है
| इसीलिए दुनिया भर में WHO और
वैज्ञानिकों ने इसे जहर घोषित किया |
और ये जहर भारत में सबसे
ज्यादा बिकता है विज्ञापनों की मदद से
| लेकिन कानून के हिसाब से
किसी दवा का विज्ञापन टीवी पे
नही दिया जा सकता! लेकिन पैसे के ताकत
से, घूसखोरी से ये सब होता है | राजीव
भाई आगे बताते है कि विक्स बहुत
ज्यादा महंगी मिलती है उदहारण के तौर
पे 25 ग्राम 40 रुपिया की, मतलब 1
किलो विक्स की कीमत 1600 रुपिया है
| विक्स पेट्रोलियम जेल्ली से बनता है
जिसकी कीमत 60 -70 रुपिया किलो है
और विक्स की बिक्री में प्रोक्टर एंड
गम्ब्ले कंपनी को 20000 % से
ज्यादा का मुनाफा है | ये मुनाफा आप
की जेब से लूटा जा रहा है और सरकार इस
घोटाले में शामिल है | सरकार ने
लाइसेन्स दे रखा है, आँखे बंद कर रखी है और
कंपनी देश को लूट रही है!
इस दवा को ना खरीदें और इसके बारे में
दुसरो को भी बताएं! मैं
आपका आभारी रहूँगा!
जय हिंद-जय भारत !
पोस्ट को शेयर जिससे आपके मित्रो को भी इस बारे में
जानकारी मिले करें और अपने मित्रो को भी टेग करें--
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dhanrajk75
15-03-2013, 03:10 PM
VICKS नाम की दवा अमेरिका में
बनाना और बेचना दोनों जुर्म है! अगर
किसी डॉक्टर ने किसी को VICKS
की prescription लिख दी तो उस डॉक्टर
को 14 साल की जेल हो जाती है,
उसकी डिग्री छीन ली जाती है |
क्यूंकि विक्स जहर है, एवं ये आपको दमा,
अस्थमा, ब्रोंकिअल अस्थमा कर सकता है
| इसीलिए दुनिया भर में WHO और
वैज्ञानिकों ने इसे जहर घोषित किया |
और ये जहर भारत में सबसे
ज्यादा बिकता है विज्ञापनों की मदद से
| लेकिन कानून के हिसाब से
किसी दवा का विज्ञापन टीवी पे
नही दिया जा सकता! लेकिन पैसे के ताकत
से, घूसखोरी से ये सब होता है | राजीव
भाई आगे बताते है कि विक्स बहुत
ज्यादा महंगी मिलती है उदहारण के तौर
पे 25 ग्राम 40 रुपिया की, मतलब 1
किलो विक्स की कीमत 1600 रुपिया है
| विक्स पेट्रोलियम जेल्ली से बनता है
जिसकी कीमत 60 -70 रुपिया किलो है
और विक्स की बिक्री में प्रोक्टर एंड
गम्ब्ले कंपनी को 20000 % से
ज्यादा का मुनाफा है | ये मुनाफा आप
की जेब से लूटा जा रहा है और सरकार इस
घोटाले में शामिल है | सरकार ने
लाइसेन्स दे रखा है, आँखे बंद कर रखी है और
कंपनी देश को लूट रही है!
इस दवा को ना खरीदें और इसके बारे में
दुसरो को भी बताएं! मैं
आपका आभारी रहूँगा!
जय हिंद-जय भारत !
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ग्राहक की डिमांड बढती जा रही है महोदय विक्स का

sultania
15-03-2013, 04:29 PM
VICKS नाम की दवा अमेरिका में
बनाना और बेचना दोनों जुर्म है! अगर
किसी डॉक्टर ने किसी को VICKS
की prescription लिख दी तो उस डॉक्टर
को 14 साल की जेल हो जाती है,
उसकी डिग्री छीन ली जाती है |
क्यूंकि विक्स जहर है, एवं ये आपको दमा,
अस्थमा, ब्रोंकिअल अस्थमा कर सकता है
| इसीलिए दुनिया भर में WHO और
वैज्ञानिकों ने इसे जहर घोषित किया |
और ये जहर भारत में सबसे
ज्यादा बिकता है विज्ञापनों की मदद से
| लेकिन कानून के हिसाब से
किसी दवा का विज्ञापन टीवी पे
नही दिया जा सकता! लेकिन पैसे के ताकत
से, घूसखोरी से ये सब होता है | राजीव
भाई आगे बताते है कि विक्स बहुत
ज्यादा महंगी मिलती है उदहारण के तौर
पे 25 ग्राम 40 रुपिया की, मतलब 1
किलो विक्स की कीमत 1600 रुपिया है
| विक्स पेट्रोलियम जेल्ली से बनता है
जिसकी कीमत 60 -70 रुपिया किलो है
और विक्स की बिक्री में प्रोक्टर एंड
गम्ब्ले कंपनी को 20000 % से
ज्यादा का मुनाफा है | ये मुनाफा आप
की जेब से लूटा जा रहा है और सरकार इस
घोटाले में शामिल है | सरकार ने
लाइसेन्स दे रखा है, आँखे बंद कर रखी है और
कंपनी देश को लूट रही है!
इस दवा को ना खरीदें और इसके बारे में
दुसरो को भी बताएं! मैं
आपका आभारी रहूँगा!
जय हिंद-जय भारत !
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भारत मैं बहुत लोग विक्स के आदि हो चुके है,मैंने देखा है ऐसे बहुत लोगो को जो सोने के पहले पलक ,नाक मैं विक्स लगाते है, शायद विक्स के नशे के गुलाम बन रहे है भारतवासी /

robin hood
19-03-2013, 09:51 AM
भारत मैं बहुत लोग विक्स के आदि हो चुके है,मैंने देखा है ऐसे बहुत लोगो को जो सोने के पहले पलक ,नाक मैं विक्स लगाते है, शायद विक्स के नशे के गुलाम बन रहे है भारतवासी /
नशा करने वाली दवाओं में विक्स भी शामिल हें ,

loolugupta
08-11-2013, 09:04 AM
badhiya sutra hai

loolugupta
08-11-2013, 09:06 AM
lage rahiye aur upyogi jankari hai

pkj21
02-12-2013, 12:47 PM
नशा करने वाली दवाओं में विक्स भी शामिल हें ,

gupta rahul
28-01-2014, 10:00 PM
अच्छी जानकारी दी हे आगे भी और जानकारी देते रहे

Kamal Ji
19-02-2014, 06:52 PM
अच्छे भले सूत्र की ऐसी की तैसी इस मुई मिश्री ने करदी.....

mangaldev
21-02-2014, 06:01 PM
aajkal svdeshi k naam par log jhoothi sachhi baatein likh rhe hn. svdeshi itni hi achhi aur sasti hoti to logon ko itna rona na padta. ramdev jaise dhongi svdeshi k naam par itni costly dawaii bechta h aur baaki k sabhi desi vaid logon ka satyanaash karne par tule hn

लेकिन मैं तो अपनी हर बिमारी का प्राथमिक इलाज घरेलु ओषधियो से ही करता हुँ। मैं एलोपैथी का विरोधी नही हुँ। रामदेव की उत्भर्त्सना भी नही करता क्योकि रामदेव ने आयुर्वेद पद्धति को देश विदेश तक पहुचाया है। जब तक किसी विधा का वाणिज्यकरण नही होता तब तक उसका विस्तार और विकास नही होता। स्वदेशी का मतलब लोग सस्ता मानते है ये आपकी गलत फहमी है। स्वदेशी का मतलब होता है अपने देश मे बना हुआ जरुरी नही कि वो विदेशी से सस्ता हो ....

mangaldev
28-02-2014, 11:03 PM
ok. to main baat.. sasta bhi nahi aur quality bhi kuch khaas nahi. log to achhe product ko hi use karna pasand karenge. chahe desi ho ya videshi..

मेडम जी देशी माने घरेलु जिसे घर पर बनाया है तो अच्छा ही होगा क्योकि वो आपके द्वारा आपके ही हाथो से आपके लिये ही बनाया हुआ होगा। हां महंगा हो सकता है।

mangaldev
28-02-2014, 11:21 PM
अगर आप शुगर यानि डायबिटीज के पेशेंट है तो अपने घर के आस पास गिलोय की बेल को किसी नीम के वृक्ष की जड़ से सटाते हुये लाये फिर उसे नीम के वृक्ष के चारो और लपेटते हुये उपर की और बान्ध दे। वर्षाकाल में वह बेल बढते हुये नीम वृक्ष के उपर की और बढने लगती है। दो चार माह में यह खूब फल फूल जाती है।
रोजाना प्रात: काल फ्रेस होने के बाद खाली पेट इस गिलोय के दो पत्ते तोड़े और पानी से अच्छी तरह धोकर इने चबा कर खा ले इसके 10 मिनिट बाद तक कुच्छ नही खाये पिये उसके पश्चात कुल्ला करके कुच्छ भी खा पी सकते है। कोई परहेज नही है एक माह लगातार ले।
परिणाम आप स्वयं महसूस करेगे।
जिसके डायबिटिज नही है वे भी ले सकते है हप्ते में एक दिन दो दिन या कभी कभी बेहतर स्वास्थ्य व रोगप्रतिरोधक क्षमता बढाने व बनाये रखने के लिये

mangaldev
28-02-2014, 11:31 PM
अगर आप दंत रोग से पिड़ीत रहते है अक्षर आपको दांतो में खुजली चलना, मसुड़ो का लूज होना, चाये जब दांत मे दर्द होना, दांतो मे चीस चलना आदि की शिकायत रहती है तो सांय का दिन अस्त होने से पहले गिलोय के दो पत्ते तोड ले व रात्रि खाना खाने के आधे घंटे के बाद इस पत्ते को अच्छी तरह पानी से धोकर चबा ले फिर अगुली से ही इसके चबाये हुये पत्ते का रस हो मुह में बन गया है उससे अच्छी तरह मालीस करे जैसे दातुन करते है थोडा सा पानी मुह मे लेकर दो चार मिनिट अच्छी तरह कुल्ला करे। उसके बाद आधे घण्टे तक कुच्छ खाये पिये नही। एक हप्ते तक लगातार एसा करने से आप हर प्रकार के दंत रोग से छुटकारा पा सकते है। अगर आपके कोई दंत रोग नही है फिर भी आप इस प्रकार हप्ते मे एक दो बार कभी भी ये प्रयोग करते है तो आप हमेशा दंत रोग से मुक्त रह सकते है।

mangaldev
28-02-2014, 11:45 PM
गिलोय की बेल पूरे भारत में पाई जाती है। इसकी आयु कई वर्षों की होती है। मधुपर्णी, अमृता, तंत्रिका, कुण्डलिनी गुडूची आदि इसी के नाम हैं। गिलोय की बेल प्रायः कुण्डलाकार चढ़ती है। नीम और आम के वृक्ष के पस में यह उग जाती है। नीम के पेड़ पर चढ़ी गिलोय को औषधीय दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।इसके पत्तो का स्वाद कसैला हल्का कड़वा होता है। इसके पत्तो का सेवन खाली पेट या खाना खाने के एक घण्टे के बाद करे। कड़्वे कसैलेपन के कारण उल्टी जैसा मन हो सकता है लेकिन दो-तीन दिन तक लगातार करने से इसके सेवन का अभ्यास हो जाता है।

mangaldev
01-03-2014, 12:03 AM
यदि आप सुखी खासी से पिडित है तो 100 गुड ग्राम के करीब गुड में 30 ग्राम हल्दी पीसी हुई हल्दी को मिलाकर उसकी अंगुर के आकार की गोलिया बना ले। जब भी पानी पिये उसके बाद इस गोली को मुह मे रखकर चुसते रहे। एक गोली रात को सोने से पहले पानी दुग्ध जो भी पिना हो पी ले उसके बाद मुह मे रख कर चुसते रहे। दिन ने तीन चार बार और रात के एक बार सोते समय
ये प्रयोग दो-तीन दिन लगातार करने से सूखी खासी जड़ समाप्त हो जाती है।

mangaldev
01-03-2014, 12:07 AM
कफ युक्त खासी होने पर पीसी हुई हल्दी की दो चुटकी हर दो घंटे के बाद पानी पीने के बाद मुह मे चीभ के नीचे डाल ले और उसे धीरे धीरे चुसते रहे। यही प्रयोग रात्रि को सोने से पहले भी कर ले। तीन दिन लगातार करते रहने से कफ युक्त खासी खत्म हो जाती है।

ध्यान रहे हल्दी मुह मे रखने से पहले जो भी खाना पिना हो पहले ही खा पी ले इसको मुह मे रखने के बाद आधे घ्ंटे तक कुच्छ भी खाये पीये नही सिर्फ हल्दी को चुसते रहे धीरे धीरे निगलते रहे।

mangaldev
01-03-2014, 12:27 AM
यदि आपको शीत काल मे अक्सर कोल्ड एलर्जी रहती है यानि ठण्ड लगने से नजला जुखाम लग जाता है और इससे नाक बहने की शिकायत रहती है तो आप इससे बचाव का उपाय इस प्रकार कर सकते है।

एक ग्राम केशर को बारीक पीस ले फिर इसे 200 एमएल गुलाब जल से भरी कांच की शीशी मे डाल कर रख ले। शीत काल के दोरान प्रति रात्रि सोते से पहले एक गिलास गर्म दुग्ध में इस शीशी को हिला कर इसने से एक चम्मच केसर मिश्रित गुलाब जल मिला कर पी ले।
शीत काल में होने वाली कोल्ड एलर्जी नजला जुखाम से आप बचे रहेंगे।
युवा व किशोर अवस्था वाले इसकी एक चम्मच
5 से ग्यारह वर्ष तक के बच्चे को आधी चम्मच
व वृद्धो को दो चम्मच
शीत काल में रात्रि को सोते समय गर्म दुग्ध में मिलाकर लेने से नजला जुखाम कोल्ड एलर्जी का श्रेष्ठ बचाव का उपाय है।

jaggajat
01-03-2014, 10:22 PM
मंगलदेव जी आपने गजब जानकारी दी है। खासी के दोरान हल्दी वाला उपाय तो मेरा भी अजमाया हुआ है। ये 100% कारगार है।
गिलोय के बारे में भी खूब सुना है। हमारे यहा गिलोय को अमृताक्षी यानि अमृत जैसी कहा जाता है इसकी बेल(लता) नीम व जामून के पेड़ पर सांप की कुंडलाकार मे चारो और लपटते हुये उपर की और बढती है। इसकी टहनी को छाया में सुखाकर कूटपीस कर चुर्ण बना ले। ये चुर्ण सुबह खाली पेट में रोजाना सेवन करने से ज्वर व बिमारी के बाद होने वाली कमजोरी दूर हो जाती है।

gupta rahul
18-03-2014, 10:09 PM
जानकारी देते रहे

rksupoo
16-04-2014, 12:30 AM
jankari achhi he...

donsplender
22-04-2014, 01:55 AM
यदि आपको शीत काल मे अक्सर कोल्ड एलर्जी रहती है यानि ठण्ड लगने से नजला जुखाम लग जाता है और इससे नाक बहने की शिकायत रहती है तो आप इससे बचाव का उपाय इस प्रकार कर सकते है।

एक ग्राम केशर को बारीक पीस ले फिर इसे 200 एमएल गुलाब जल से भरी कांच की शीशी मे डाल कर रख ले। शीत काल के दोरान प्रति रात्रि सोते से पहले एक गिलास गर्म दुग्ध में इस शीशी को हिला कर इसने से एक चम्मच केसर मिश्रित गुलाब जल मिला कर पी ले।
शीत काल में होने वाली कोल्ड एलर्जी नजला जुखाम से आप बचे रहेंगे।
युवा व किशोर अवस्था वाले इसकी एक चम्मच
5 से ग्यारह वर्ष तक के बच्चे को आधी चम्मच
व वृद्धो को दो चम्मच
शीत काल में रात्रि को सोते समय गर्म दुग्ध में मिलाकर लेने से नजला जुखाम कोल्ड एलर्जी का श्रेष्ठ बचाव का उपाय है।


मित्र मुझे घर की पुरानी—बांसी धुल से एलर्जी है । मतलब जैसे दिवाली की सफाई हो रहे घर में जाते ही छींके आना चालु हो जाती है । गर्मी के मौसम में पंखे चालु रहते है तो इधर—उधर की पुरानी धुल भी उड़ के वातावरण में शामील हो जाती है ... और इसी धुल से में छींक—छींक के परेशान हो गया हूं ! छींकों के साथ ही मुंह में उपर की तरफ तालु के पिछे जंहां कण्ठ होता है वहां लाल दाने से उभर आते है जिसमें खुजाल सी मचती है !


अब तक ये इलाज करता रहा जो कि अब बे असर हो रहे है —


तकलिफ के समय सेट्रीजन की एक गोली रात को सोते समय लेता था जिससे अगले दिन परेशानी नहीं होती थी पर अब ये भी काम नहीं कर रही !!


चाय या दूध के साथ चुटकी भर हल्दी ले लेता हूं तो तुरन्त छींक आना बन्द हो जाती है और आराम पड़ जाता है पर 1—2 घण्टे बाद वापस वही समस्या चालु होजाती है !!


इन सबसे पहले मेने चित्रक हरितकी का उपयोग किया था उससे बहुत ज्यादा होने वाली परेशानी में तो परमानेन्ट आराम हो गया पर पुरी तरह से आराम नहीं मिला !!


कोई घरेलु उपाय हो तो अवश्य बताएं !

pkj21
22-04-2014, 11:09 AM
achha sutra hai

anubhav007
23-04-2014, 12:49 PM
आम तोर पर शादीशुदा ओरतो के बारे में सुना जाता है सफ़ेद पानी का आना जिसे हिंदी में स्वेत प्रदर कहते है अंग्रेजी में व्हाइट डिस्चार्ज! इसका एक अचूक इलाज है देसी बाबुल की पत्ती सात में उसकी फली भी हो तो भी चलेगा धियान रहे देसी बाबुल पत्ती और फली को सुख ले बराबर मात्रा में खांड या मिश्री मिला ले सुबह शाम खली पेट सादे पानी से ले तुरंत आराम मिलेगा

Kamal Ji
23-04-2014, 01:54 PM
आम तोर पर शादीशुदा ओरतो के बारे में सुना जाता है सफ़ेद पानी का आना जिसे हिंदी में स्वेत प्रदर कहते है ************************* सुबह शाम खली पेट सादे पानी से ले तुरंत आराम मिलेगा
कौन ढूँढने जाएगा देसी बबूल को ?
शहरों में नही मिलती दिल्लीकी बात नही कर रहा हूँ.
यह गाँवों में मिलती है और इसके लिए जानकारी भी बहुत जरूरी है.
तो..........................?

ऐसे करें..किसी पंसारी की दूकान से लाल फिटकरी ले लें......
बस उसे जिस महिला को यह परेशानी हो तो वह अपने गुप्तांग में रख ले.
यह क्रिया तीन दिन तक करनी है.
यानी की.........तीन दिन तक रखे रखनी है.
बस वह नामुराद बिमारी100% खतम.
परीक्षित है जी या नुस्खा.

donsplender
23-04-2014, 03:04 PM
मित्रों मेरी छिंके बन्द करवाओ भाई कोई तो ?

pkj21
24-04-2014, 01:22 PM
कौन ढूँढने जाएगा देसी बबूल को ?
शहरों में नही मिलती दिल्लीकी बात नही कर रहा हूँ.
यह गाँवों में मिलती है और इसके लिए जानकारी भी बहुत जरूरी है.
तो..........................?

ऐसे करें..किसी पंसारी की दूकान से लाल फिटकरी ले लें......
बस उसे जिस महिला को यह परेशानी हो तो वह अपने गुप्तांग में रख ले.
यह क्रिया तीन दिन तक करनी है.
यानी की.........तीन दिन तक रखे रखनी है.
बस वह नामुराद बिमारी100% खतम.
परीक्षित है जी या नुस्खा.fitkari to ek hi tarah ki aati hai

Kamal Ji
24-04-2014, 02:44 PM
fitkari to ek hi tarah ki aati hai

लाल फिटकरी मिल जाती है...
पर रखना उसने है जिसे वह बिमारी हो.

anubhav007
24-04-2014, 03:09 PM
fitkari to ek hi tarah ki aati haiआप कोई परेशान है ये प्रॉब्लम शादी शुदा ओरतो को ही होती है !

Kamal Ji
24-04-2014, 03:33 PM
आप कोई परेशान है ये प्रॉब्लम शादी शुदा ओरतो को ही होती है !

anubhav ji aapko is baat ka anubhav nhi hai.
यह बिना शादीशुदा औरतों को भी होता है.
और आप कैसे कह सकते हैं पिंकी शादी शुदा नही है ?

anubhav007
24-04-2014, 03:52 PM
anubhav ji aapko is baat ka anubhav nhi hai.
यह बिना शादीशुदा औरतों को भी होता है.
और आप कैसे कह सकते हैं पिंकी शादी शुदा नही है ?हो सकता है कुवारी लडकिया को भी होता हो सायद परन्तु मेने शादी शुदा का ही सुना है और भाई जी मेने तो वैसे ही कह दिया pkj21 के बारे में! मै तो यहाँ किसी को ठीक से जनता भी नही

Kamal Ji
24-04-2014, 05:09 PM
हो सकता है कुवारी लडकिया को भी होता हो सायद परन्तु मेने शादी शुदा का ही सुना है और भाई जी मेने तो वैसे ही कह दिया pkj21 के बारे में! मै तो यहाँ किसी को ठीक से जनता भी नही

अब उनको क्या कहा जाए जिन्होंने शादी से पहले ही सम्भोग कर लिया हो ?
वह चाहे लड़की हो या लड़का.
इस कारण मैं कहना चाहता हूँ.
जिसने सम्भोग कर लिया हो उसे यह होने के बहुत अधिक चांस होते हैं.
बिना सम्भोग लड़की को बहुधा कम होता है.

anubhav007
24-04-2014, 05:18 PM
अब उनको क्या कहा जाए जिन्होंने शादी से पहले ही सम्भोग कर लिया हो ?
वह चाहे लड़की हो या लड़का.
इस कारण मैं कहना चाहता हूँ.
जिसने सम्भोग कर लिया हो उसे यह होने के बहुत अधिक चांस होते हैं.
बिना सम्भोग लड़की को बहुधा कम होता है.भाई साहब जी में घुमा फ़िर कर कह रहा था आप ने सीधा सीधा कह दिया

Raja44
25-04-2014, 11:33 AM
अच्छा लगा सूत्र पर आ कर आगे जारी रखें ।।

rajkumarjolly
29-04-2014, 02:18 PM
Friend, You can use Arjun Powder Churn Tea for permanent cure of your disease

rajkumarjolly
29-04-2014, 02:20 PM
Arujun Powder is available with pansaari. You will use this powder as substitue of tea leaf and after making the tea with arjun powder, milk, sugar. you please drink it an your this and many more disease will ends.

pkj21
30-04-2014, 01:46 PM
arjun powder kya hota hai

sajan love
30-04-2014, 02:06 PM
अब उनको क्या कहा जाए जिन्होंने शादी से पहले ही सम्भोग कर लिया हो ?वह चाहे लड़की हो या लड़का.इस कारण मैं कहना चाहता हूँ.जिसने सम्भोग कर लिया हो उसे यह होने के बहुत अधिक चांस होते हैं.बिना सम्भोग लड़की को बहुधा कम होता है.यह किस किस्म की बिमारी है दोस्त

pkj21
30-04-2014, 03:39 PM
यह किस किस्म की बिमारी है दोस्त
white discharge

rajkumarjolly
02-05-2014, 09:02 AM
white discharge Dost Arjun Powder Arjun Tree ki chaal ka powder hota hai. Kisi bhi pansaari ke yaha jaakar Arjun chaal Powder maangne par woh kisi bhi company Jhandu, Dabur etc.. ka de dega iski 100 gram/200 gram ki dibbi Rs.50/- ki aati hai. Heart disease, saans phoolna, shareer ki kamjoori etc.. kai rogo mei ye kaam aata hai. Hum log tea peete hai. Tea patti ki jagah utna hi arjun ki chaal ka powder daalkar tea banakar peeye to hamey tea se bhi *****kara mil jayega aur hamar heart bhi strong ho jayega aur hamare shareer ki kai beemariya bhi dheere dheere theek ho jayengi. Jadi booti se ilaaz sambandhit aur jaankari ke liye bhi aap mere se sampark kar sakte hai.

pinky jain
22-05-2014, 04:50 PM
arjun ki chhal kya hai

bhokal
23-06-2014, 01:36 PM
क्या एक्जिमा का कोई ठोस ईलाज है? उंगलियों पर ह जो अब बढ़ रहा है।

bhokal
23-06-2014, 01:39 PM
eczima का ईलाज बताये कृपा

Aeolian
24-06-2014, 03:13 PM
badiya jankari hai.

Sameer123
19-12-2014, 07:41 PM
मेरे गाल बहुत मोटे हो गये है गल्ले निकल गये है गल्ले कम करने का कोई तरीका बताए

rajkumarjolly
20-12-2014, 04:22 PM
Early in the morning when you wakeup drink 1 glass of water without washing your mouth and then after brushing your teeth take 2 tea spoon honey in one glass of warm water this will reduce the fat of your face.

rajkumarjolly
20-12-2014, 04:24 PM
Arjun ki chhal arjubun tree ki skin hoti hai jo heart aur asthama mei bahut kaam aati hai arjun ki chhal ka powder chaipatti ki jagah par daalkar chai(Tea) peene se sehat bhi theek rehti hai aur swasthey bhi.

Manavji
28-12-2014, 06:12 PM
मित्रो कई बार चोट लग जाती है और कुछ छोटे बहुत ही गंभीर हो जाती है। और अगर किसी डाईबेटिक पेशेंट( शुगर का मरीज ) है और चोट लग गयी तो उसका सारा दुनिया जहां एक ही जगह है, क्योंकि जल्दी ठीक ही नही होता है। और उसके लिए कितनी भी कोशिश करे डॉक्टर को हर बार सफलता नहीं मिलती और अंत में वो चोट धीरे धीरे गैंग्रीन (अंग का सड़ जाना) में कन्वर्ट हो जाती है। और फिर वो अंग काटना पड़ता है, उतने हिस्से को शारीर से निकालना पड़ता है।

ऐसी परिस्तिथि में एक औषधि है जो गैंग्रीन को भी ठीक करती है और Osteomyelitis (अस्थिमज्जा का प्रदाह) को भी ठीक करती है। गैंग्रीन माने अंग का सड़ जाना, जहाँ पर नई कोशिकाएं विकसित नही होती । न तो मांस में और न ही हड्डी में !और सब पुरानी कोशिकाएं भी मरती जाती है । इसीका एक छोटा भाई है Osteomyelitis इसमें भी कोशिका कभी पुनर्जीवित नही होती

Manavji
28-12-2014, 06:12 PM
जिस हिस्से में ये होता है वहाँ बहुत बड़ा घाव हो जाता है और वो ऐसा सड़ता है के डॉक्टर कहता है की इसको काट के ही निकलना है और कोई दूसरा उपाय नही है।। ऐसे परिस्थिति में जहां शारीर का कोई अंग काटना पड़ जाता हो या पड़ने की संभावना हो, घाव बहुत हो गया हो उसके लिए आप एक औषधि अपने घर में तैयार कर सकते है।

औषधि है देशी गाय का मूत्र लीजिये (सूती के आठ परत कपड़ो में छान लीजिये ) ,
हल्दी लीजिये और गेंदे के फूल लीजिये । गेंदे के फुल की पीला या नारंगी पंखरियाँ निकलना है, फिर उसमे हल्दी डालकर गाय मूत्र डालकर उसकी चटनी बनानी है।

Manavji
28-12-2014, 06:13 PM
अब चोट का आकार कितना बढ़ा है उसकी साइज़ के हिसाब से गेंदे के फुल की संख्या तय होगी, माने चोट छोटे एरिया में है तो एक फुल, काफी है चोट बड़ी है तो दो, तीन,चार अंदाज़े से लेना है। इसकी चटनी बनाके इस चटनी को लगाना है जहाँ पर भी बाहर से खुली हुई चोट है जिससे खून निकल जुका है और ठीक नही हो रहा। कितनी भी दावा खा रहे है पर ठीक नही हो रहा, ठीक न होने का एक कारण तो है डाईबेटिस दूसरा कोई जैनेटिक कारण भी हो सकते है।

इसको दिन में कम से कम दो बार लगाना है जैसे सुबह लगाके उसके ऊपर रुई पट्टी बांध दीजिये ताकि उसका असर बॉडी पे रहे; और शाम को जब दुबारा लगायेंगे तो पहले वाला धोना पड़ेगा ! इसको गोमूत्र से ही धोना है डेटोल जैसो का प्रयोग मत करिए, गाय के मूत्र को डेटोल की तरह प्रयोग करे। धोने के बाद फिर से चटनी लगा दे। फिर अगले दिन सुबह कर दीजिये।

Manavji
28-12-2014, 06:13 PM
यह इतना प्रभावशाली है इतना प्रभावशाली है के आप सोच नही सकते देखेंगे तो चमत्कार जैसा लगेगा। यहाँ आप मात्र post पढ़ रहे लेकिन अगर आपने सच मे किया तब आपको इसका चमत्कार पता चलेगा !इस औषधि को हमेशा ताजा बनाके लगाना है। किसीका भी जखम किसी भी औषधि से ठीक नही हो रहा है तो ये लगाइए। जो सोराइसिस गिला है जिसमे खून भी निकलता है, पस भी निकलता है उसके लीजिये भी यह औषधि पूर्णरूप से ठीक कर देती है।

अकसर यह एक्सीडेंट के केस में खूब प्रोयोग होता है क्योंकि ये लगाते ही खून बंद हो जाता है। ऑपरेशन का कोई भी घाव के लिए भी यह सबसे अच्छा औषधि है। गिला एक्जीमा में यह औषधि बहुत काम करता है, जले हुए जखम में भी काम करता है।