Page 2 of 2 प्रथमप्रथम 12
Results 11 to 15 of 15

Thread: किरचें ( नरेन्द्र कोहली )

  1. #11
    कर्मठ सदस्य sajan love's Avatar
    Join Date
    Apr 2014
    Location
    हमारा ठिकाना गुलाबी डगर है
    प्रविष्टियाँ
    1,617
    Rep Power
    7
    सूर्य ढल चुका था। गाडियाँ अस्पताल के अहाते में प्रवेश कर रही थीं और हो तब तक अधिकारी को कुछ नहीं बता पाया था।
    हो बरामदे के एक कोने से दूसरे कोने तक टहल रहा था। वह रात-भर इसी प्रकार टहलता रहा और अब ऊषा की पहली किरणें धरती को छू रही थीं।
    हो को पता भी नहीं चला कि रात किधर गई। वह तो यह जानता है कि डॉक्टर ने लि को सरसरी नजर से देखकर ऑपरेशन थिएटर में भेज दिया था। उसे इतना-भर बता दिया गया कि लि बम से छिटक आए हुए धातु के टुकडे से घायल हुई थी और धातु का टुकडा लि के बाएं नितंब के भीतर घुस गया था और अभी भी भीतर ही था। उसे ऑपरेशन करके निकाला जा सकता है। लि थिएटर के भीतर बंद थी और वह बाहर टहल रहा था।
    काई एक बेंच पर सोया पडा था।
    हो ने एक नजर काई को देखा। वह अपने घुटने पेट से लगाए गठरी बना सोया पडा था। हो के जी में आया कि उसे एक चादर ही ओढा दे। पर चादर कहाँ से लाता?
    रात-भर हो टहलता रहा। और किसी ने भी उसे यह नहीं बताया था कि लि कैसी है। वह बचेगी भी या नहीं- वह नहीं जनता था। यदि लि नहीं बची तो?
    'उसके मरने से पहले मुझे उससे थोडी बात कर लेने दो, वह कहना चाहता था, पर किससे कहता? यहाँ कौन था जो उसकी बात सुनता? जिस दरवाजे के भीतर उसकी लि को ले जाया गया था, उसके भीतर उसे जाने नहीं दिया गया था और स्वयं भीतर घुस जाने का साहस वह नहीं कर पाया था।
    और तभी दरवाजा खुला था।
    14 एप्रिल को अपने बाबा का जन्मदिन है
    [Only Registered and Activated Users Can See Links. Click Here To Register...]

  2. #12
    कर्मठ सदस्य sajan love's Avatar
    Join Date
    Apr 2014
    Location
    हमारा ठिकाना गुलाबी डगर है
    प्रविष्टियाँ
    1,617
    Rep Power
    7
    हो पलटकर खडा हो गया। उसकी सांस रुकने-सी लगी।
    'मिस्टर हो, आप आ सकते हैं। खुले दरवाजे के बीच प्रकट हुई नर्स ने कहा।
    नर्स उसे कई रास्तों से घुमाती हुई वार्ड में ले आई थी। घायलों के उस जंगल में उसने एक बेड पर लि को देखा।
    जीती-जागती लि उसके सामने लेटी हुई थी। उसकी आंखों से आंसू टप-टप गिर रहे थे। हो को देखकर लि एक बार जोर से सुबकी और फिर उसी प्रकार शांत होकर रोती रही।
    हो के सिर से मनों बोझ हट गया। उसके होंठों पर एक मुस्कान फैल गई, 'लि! रो क्यों रही हो?
    वह आकर उसके सिरहाने के पास खडा हो गया। लि कुछ नहीं बोली। हो ने आश्चर्य से लि को देखा और फिर उसकी ऑंखें नर्स की ओर उठ गईं।
    नर्स उसके पास आ गई थी। 'हमें खेद है, मिस्टर हो! हम आपकी बच्ची को नहीं बचा सके।
    'बच्ची! और सहसा हो को ध्यान आया कि लि अपने शरीर में एक नन्ही-सी जान को भी पाल रही थी।
    हो की ऑंखों में ऑंसू उतर आए।
    'आप बच्ची को देखना चाहेंगे? नर्स उससे पूछ रही थी।
    हो का सिर अपने आप ही स्वीकृति में हिल गया।
    और फिर हो नर्स के पीछे-पीछे चलता हुआ बहुत सारे गलियारों को पार कर एक कमरे के सम्मुख आया।
    नर्स उसे वहीं रुकने का इशारा कर स्वयं भीतर चली गई।
    वह बंद दरवाजे को ताकता रहा। इस बंद दरवाजे के उस पार उसकी बच्ची थी, जो कल लि के शरीर का अंग थी।
    दरवाजा खुला। नर्स के हाथों में सफेद कपडों में लिपटा एक बच्चा था। नर्स ने कपडे की तहें हटा दीं।
    एक गोरा-चिट्टा, स्वस्थ बच्चा कपडे के बीच पडा था। उसके मुख पर रोने के-से भाव थे। शायद चीखती-चीखती ही उसकी बच्ची मर गई थी।
    और नर्स ने बच्ची के सिर को एक ओर घुमाते हुए हो को बधाी का बायाँ गाल दिखाया। गाल पर एक बडा-सा ताजा-ताजा घाव था। चमडी फटी हुई थी और नंगा लाल मांस दिख रहा था। खून चारों ओर जमकर काला पड रहा था।
    'यह बम के उस धातु के टुकडे से हुआ है, नर्स बोली, 'जो श्रीमती लि के नितंब में घुस गया था।
    नर्स ने कपडे से बच्ची को ढँक दिया।
    14 एप्रिल को अपने बाबा का जन्मदिन है
    [Only Registered and Activated Users Can See Links. Click Here To Register...]

  3. #13
    कर्मठ सदस्य sajan love's Avatar
    Join Date
    Apr 2014
    Location
    हमारा ठिकाना गुलाबी डगर है
    प्रविष्टियाँ
    1,617
    Rep Power
    7
    हमें खेद है, मिस्टर हो! वह फिर बोली, 'हम आपकी बच्ची को बचा नहीं सके। पर इतनी कम आयु का घायल इससे पहले कभी हमारे पास आया भी तो नहीं था!
    नर्स ने ऑंखें मीचकर अपनी ऑंखों में आए ऑंसू झटक दिए और दरवाजे के भीतर चली गई।
    थोडी देर बाद हो लि के बेड के पास एक स्टूल पर बैठा था। काई उसकी गोद में था, जो आश्चर्य से कभी माँ को देखता, कभी बाप को। बोल कोई भी नहीं पा रहा था।

    समाप्त
    Last edited by anita; 17-04-2015 at 10:08 AM.
    14 एप्रिल को अपने बाबा का जन्मदिन है
    [Only Registered and Activated Users Can See Links. Click Here To Register...]

  4. #14
    सदस्य anita's Avatar
    Join Date
    Jun 2009
    प्रविष्टियाँ
    33,941
    Rep Power
    300
    कृपया कलर थोड़ा डार्क रखे, ये पढ़ने में नहीं आ रहा है

    जैसे आखरी प्रविष्टि को मैंने सम्पादित किया है
    सभी उपस्थित मित्रो से निवेदन है फोरम पे कुछ न कुछ योगदान करे,अपनी रूचि के अनुसार किसी भी सूत्र में अपना योगदान दे सकते है,या फिर आप भी कोई नया सूत्र बना सकते है

  5. #15
    कर्मठ सदस्य sajan love's Avatar
    Join Date
    Apr 2014
    Location
    हमारा ठिकाना गुलाबी डगर है
    प्रविष्टियाँ
    1,617
    Rep Power
    7
    आगे से ध्यान रखुंगा
    14 एप्रिल को अपने बाबा का जन्मदिन है
    [Only Registered and Activated Users Can See Links. Click Here To Register...]

Page 2 of 2 प्रथमप्रथम 12

Thread Information

Users Browsing this Thread

There are currently 1 users browsing this thread. (0 members and 1 guests)

Similar Threads

  1. Replies: 674
    अन्तिम प्रविष्टि: 02-07-2015, 06:13 AM
  2. Replies: 23
    अन्तिम प्रविष्टि: 24-08-2013, 04:17 PM
  3. Replies: 2
    अन्तिम प्रविष्टि: 02-10-2012, 03:59 PM

Bookmarks

Posting Permissions

  • You may not post new threads
  • You may not post replies
  • You may not post attachments
  • You may not edit your posts
  •