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Thread: वसंत

  1. #1
    कर्मठ सदस्य INDIAN_ROSE22's Avatar
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    Dec 2009
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    INDIA
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    वसंत

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    चंचल पग दीपशिखा के धर
    गृह मग वन में आया वसंत।
    सुलगा फागुन का सूनापन
    सौंदर्य शिखाओं में अनंत।

    सौरभ की शीतल ज्वाला से
    फैला उर-उर में मधुर दाह
    आया वसंत भर पृथ्वी पर
    स्वर्गिक सुंदरता का प्रवाह।

    पल्लव पल्लव में नवल रुधिर
    पत्रों में मांसल रंग खिला
    आया नीली पीली लौ से
    पुष्पों के चित्रित दीप जला।

    अधरों की लाली से चुपके
    कोमल गुलाब से गाल लजा
    आया पंखड़ियों को काले -
    पीले धब्बों से सहज सजा।

    कलि के पलकों में मिलन स्वप्न
    अलि के अंतर में प्रणय गान
    लेकर आया प्रेमी वसंत-
    आकुल जड़-चेतन स्नेह-प्राण।
    ''निर्वाण का अर्थ वासनाओ से मुक्ति।'' [Only Registered and Activated Users Can See Links. Click Here To Register...]

  2. #2
    सदस्य anita's Avatar
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    Jun 2009
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    बहुत बढ़िया

    बहुत दिनों मंच के एक अच्छे सदस्य का सूत्र देख कर ख़ुशी हुई


    आशा है की निरंता बनी रहेगी
    धन्यवाद
    सभी उपस्थित मित्रो से निवेदन है फोरम पे कुछ न कुछ योगदान करे,अपनी रूचि के अनुसार किसी भी सूत्र में अपना योगदान दे सकते है,या फिर आप भी कोई नया सूत्र बना सकते है

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