Page 3 of 3 प्रथमप्रथम 123
Results 21 to 24 of 24

Thread: ईश्वर नहीं है!

  1. #21
    नवागत Global baba's Avatar
    Join Date
    May 2018
    प्रविष्टियाँ
    34
    Rep Power
    0
    Ajay ratilal kanchrecha ji badhiya

  2. #22
    कर्मठ सदस्य MahaThug's Avatar
    Join Date
    Aug 2016
    प्रविष्टियाँ
    1,064
    Rep Power
    3
    ईश्वर हमें मिलने से रहा। वह किसी महाठग, अजय या बाबा जी को नहीं मिलेगा। उनके लिए ईश्वर है ही नहीं। सिर्फ पंचतत्व से बनी आंखे ईसके लिए पर्याप्त नहीं है। अनुयायी या देवता भले दिखाई दें, किंतु ईश्वर कभी दर्शन नहीं देते। वह एक तेजोमय प्रकाशपुंज है। उसका कोई रूप नहीं, आकार नहीं। उसीमें हमारी आत्मा समा जाना चाहती है। लेकिन कर्मों और ईच्छाओं के कारण उसे पृथ्वी पर पुनः आना होता है।
    महाठग आप ठगाईए, ओर न ठगिए कोय । आप ठगें सुख ऊपजे, ओर ठगें दुःख होय ॥

  3. #23
    वरिष्ठ सदस्य
    Join Date
    Jun 2016
    Location
    Ahmedabad, Gujarat.
    प्रविष्टियाँ
    813
    Rep Power
    2
    आपने जो ईश्वर के बारेमें बताया वह सहि है की उसका कोई रुप नहीं, आकार नहीं, एक तेजोमय प्रकाशपुंज है। इसके अतिरीक वह महाशक्ति संपन्न और मायापति है। वह भक्तों को एक अनुयायी या देवता को निमित्त बनाकर दर्शन अवश्य देता है। पर अजय में वह विवेक नहीं हो, वह भक्ति नही है, उसको पहेचानने के लिए सच्चे सदगुरु का मार्गदर्शन नही है जिससे वह उसे पहेचान नही पाता। तो यह तो अजय की मुश्किल है इसमें ईश्वर क्या करें.....

  4. #24
    नवागत Global baba's Avatar
    Join Date
    May 2018
    प्रविष्टियाँ
    34
    Rep Power
    0
    Aap dono hi sahi ho

Page 3 of 3 प्रथमप्रथम 123

Thread Information

Users Browsing this Thread

There are currently 1 users browsing this thread. (0 members and 1 guests)

Bookmarks

Posting Permissions

  • You may not post new threads
  • You may not post replies
  • You may not post attachments
  • You may not edit your posts
  •