Page 5 of 5 FirstFirst ... 345
Results 41 to 49 of 49

Thread: दिन-दहाड़े

  1. #41
    कर्मठ सदस्य sanjaychatu's Avatar
    Join Date
    Aug 2015
    Posts
    3,916
    फिर भी मनोरंजक रचना के लिए बुझे मन से रेपो दे रहा हु , कृपया अपने नकली कमंडल में धारण करे .

  2. #42
    कर्मठ सदस्य sanjaychatu's Avatar
    Join Date
    Aug 2015
    Posts
    3,916
    रेपो देने वाला स्टार बाबा ने अपनी बाबी शक्ति से गायब कर दिया है .

  3. #43
    कांस्य सदस्य superidiotonline's Avatar
    Join Date
    May 2017
    Posts
    6,338
    Quote Originally Posted by sanjaychatu View Post
    रेपो देने वाला स्टार बाबा ने अपनी बाबी शक्ति से गायब कर दिया है .
    हा-हा.. बाबी शक्ति से हम खुद ही गायब हो गए थे पिछले साल।

  4. #44
    कांस्य सदस्य superidiotonline's Avatar
    Join Date
    May 2017
    Posts
    6,338
    Quote Originally Posted by sanjaychatu View Post
    ऐसा क्याआआ ,,,,, ?????
    अरे भाई , हम तो इसे सच्ची घटना मान कर पढ़ रहे थे !
    और तो और , कुछ इंग्लिश मंचो पर हमने इसका अनुवाद भी चिपका दिया है !
    फ्रिक्शन वर्क बता करके आप ने तो मूड का सारा कचरा कर दिया !
    कॉपीराइट का उल्लंघन करके कितने मंचों पर चिपकाया? वैसे प्रेम जी से आपकी साँठ-गाँठ होने के कारण आप कॉपीराइट के दायरे में नहीं आते।

  5. #45
    कांस्य सदस्य superidiotonline's Avatar
    Join Date
    May 2017
    Posts
    6,338

    Cool

    हमारे पास एक हफ्ते का समय था और हमने इसका पूरा फ़ायदा उठाते हुए लड़की का ब्रेन वाश करके उसकी दिमाग़ में कुलबुला रहे सुसाइड के कीड़े का अन्तिम संस्कार कर दिया। इस अन्तिम संस्कार की प्रक्रिया में हमारा एक हज़ार रुपया खर्च हो गया। फिर भी हमें बड़ी उम्मीद थी कि अन्तिम संस्कार में खर्च हुई धनराशि के बदले हमें एक बेहतरीन ऑफ़ बीट लव-स्टोरी दुहने पर मिलेगी जिसकी मार्केट वैल्यू एक करोड़ के आसपास होगी, किन्तु उस वक्त हमें बड़ी निराशा हुई जब लड़की की ऑफ़ बीट लव स्टोरी एक लाख की भी नहीं निकली! कैसे निकलती? लड़की का शुरूआती आरोप उसी के शब्दों में यह था कि उसे 'यूज़' करने के बाद अन्त में धोखा दे दिया गया, किन्तु बाद में जब लड़की ने पूरी कहानी कुबूली तो पता चला कि सच्चाई कुछ और थी। लड़की किसी पारिवारिक समस्या के कारण चाहती थी कि जल्दी से जल्दी किसी से शादी करके घर छोड़कर चली जाए। 'चट मँगनी पट ब्याह' के चक्कर में लड़की ने 'निकटस्थ उपलब्ध' अपनी उम्र से काफी छोटे एक लड़के से फटाफट प्यार किया और फिर झटाझट उससे एक मन्दिर में गुपचुप ढंग से शादी कर ली। यह गुपचुप शादी एक साल भी नहीं चली, क्योंकि जैसे ही लड़के के माँ-बाप को गुपचुप शादी की बात पता चली, वे अपने 'बच्चे' को उठाकर अपने राज्य ले गए और फिर उन्होंने अपने 'बच्चे' का इस कदर ब्रेन वॉश कर दिया कि 'बच्चे' ने लड़की से फ़ोन पर बातचीत करना तक बन्द कर दिया। लड़के का राज्य लड़की के राज्य से काफी दूर था। अतः थक-हारकर लड़की ने लड़के पर मुकदमा ठोंक दिया। लड़की ने समझा कि मुकदमेबाजी से डरकर लड़का भागता चला आएगा और सुलह कर लेगा, किन्तु ऐसा बिल्कुल न हुआ और मुकदमे की कार्यवाही लम्बी खिंचने लगी। आशा के अनुरूप काम बनता न देखकर लड़की ने निराश होकर सुसाइड करने की ठान ली, क्योंकि उसके शब्दों में जीवित रहने का कोई लक्ष्य नहीं था। हमने लड़की के दिमाग़ में चल रहे सुसाइड के कीड़े का अन्तिम संस्कार करने के लिए लड़की को जीवित रहने के तमाम लक्ष्य समझा दिए। लड़की हमारी बात मान गई और उसने सुसाइड करने का विचार त्याग दिया। हम समझे कि हमारा काम खत्म हुआ और हम हमेशा के लिए सुरक्षित हो गए, किन्तु उस वक्त हम धड़ाम् से गिर पड़े जब लड़की के दिल में बदले की आग़ भभकने लगी और उसने हमसे कहा- 'धोखेबाज़ लड़के को किसी तरह टपकाना है!' हमने भड़ककर कहा- 'हमें सुपारी किलर समझ रखा है क्या?' लड़की ने हमें शान्त करते हुए 'टपकाने का अच्छा उपाय' बताने के लिए कहा। हमने और अधिक भड़ककर एक बहुप्रचलित फ़िल्मी डॉयलाग में संशोधन करते हुए कहा- 'कानून के हाथ ही नहीं, पैर भी लम्बे होते हैं। टपकाने का उपाय चाहे जितना अच्छा हो, कानून अपनी लम्बी टाँगों से कूदकर तुम्हारे सामने पहुँच जाएगा और फिर अपने लम्बे हाथों से तुम्हारी गर्दन दबोच लेगा।' लड़की घबड़ाकर चुप हो गई और फिर दो दिनों की चुप्पी के बाद लड़की ने हमसे ऐसी बात कही कि हमारे होश उड़ गए!
    Last edited by superidiotonline; 08-09-2018 at 12:27 AM.

  6. #46
    कांस्य सदस्य superidiotonline's Avatar
    Join Date
    May 2017
    Posts
    6,338
    लड़की ने कहा- 'तुम्हारी नज़रों में कोई पहुँचा हुआ तांत्रिक हो तो बताओ जो टपकाने की विद्या में माहिर हो। इस तरह गुपचुप ढंग से काम तमाम हो जाता है और फँसने का डर भी नहीं रहता!' हमने लड़की को समझाते हुए कहा- 'आजकल तंत्र-मंत्र के नाम पर लूटने वाले तांत्रिक ज़्यादा हैं। तंत्र-मंत्र से कोई फायदा-वायदा नहीं होने वाला। खाली-खूली पैसा बर्बाद होगा। असली पहुँचे हुए तांत्रिक तो हिमालय पर्वत में रहते हैं।' लड़की ने ज़िद करते हुए कहा- 'पता करो- हिमालय पर्वत वाला कोई असली तांत्रिक मिल जाए तो काम बन जाए!' हमने अपना पिण्ड छुड़ाने की गरज से कहा- 'ठीक है- पता करूँगा।' उसके बाद लड़की ने रोज़ फ़ोन करके हमारी नाक में दम करना शुरू किया तो हमने सफ़ेद झूठ बोलते हुए कहा- 'बड़ी मुश्किल से हिमालय पर्वत वाले एक तांत्रिक का पता चला है। बहुत पहुँचे हुए हैं। मंत्र फूँकते ही आदमी खून की उल्टी करने लगता है.. मगर उनसे मिलने में एक पेंच है!' लड़की ने कौतुहल से पूछा- 'क्या पेंच है?' हमने झूठ का पुलिंदा बाँधकर लड़की पर फेंकते हुए कहा- 'हिमालय पर्वत वाले पहुँचे हुए तांत्रिक एक ऐसी चोटी पर रहते हैं जिसकी सीधी चढ़ाई है। वहाँ तक पहुँचना आम आदमी के बस की बात नहीं है, क्योंकि सीधी चढ़ाई वाली बर्फ़ीली पहाड़ी पर रस्सी से चढ़ना पड़ता है। इसके लिए पर्वतारोहण की ट्रेनिंग होना बहुत ज़रूरी है।' लड़की ने संशय से पूछा- 'फिर? झूठ तो नहीं बोल रहे?' हमने तसल्ली देते हुए कहा- 'अरे नहीं.. मैंने तो पहाड़ी पर चढ़ने की ट्रेनिंग लेने के लिए कोचिंग सेन्टर में फ़ीस भी जमा कर दिया है। कल से ट्रेनिंग शुरू होगी। तुम बिल्कुल चिन्ता मत करो। एवरेस्ट पर सबसे पहले चढ़ने वाले हिलेरी के पुत्र के पुत्र हैरी ट्रेनिंग दे रहे हैं। एक साल का कोर्स तीन महीने में कराने का वादा किया है!' झूठ का पुलिंदा सटीक निशाने पर लगा था। हमारी गपाष्टक को सच समझकर लड़की खुश हो गई।

  7. #47
    कांस्य सदस्य superidiotonline's Avatar
    Join Date
    May 2017
    Posts
    6,338
    बहरहाल हमारे पास अब तीन महीने का समय था और इन तीन महीनों में लड़की का ब्रेनवाश करके बदला लेने का फितूर बाहर निकालना था। कल्पनालोक में हमारी पर्वतारोहण की ट्रेनिंग शुरू हुई। लड़की हमारी पर्वतारोहण की ट्रेनिंग के बारे में जानने में बहुत अधिक उत्सुक थी, क्योंकि एवरेस्ट पर सबसे पहले चढ़ने वाले हिलेरी के पुत्र के पुत्र हैरी ट्रेनिंग जो दे रहे थे! इसीलिए जब-तब लड़की का फ़ोन आ जाता था और हमें अपनी पर्वतारोहण ट्रेनिंग में की गई प्रगति के बारे में रिपोर्टिंग करनी पड़ती थी। हम रोज़ अपनी काल्पनिक रिपोर्टिंग सुना कर इतिश्री कर देते थे। हमारी पहले दिन की काल्पनिक रिपोर्टिंग सुनकर लड़की बड़ी निराश हो गई थी, क्योंकि पहले दिन हम सिर्फ़ चार इंच चढ़ना ही सीख पाए थे और चार इंच चढ़ने में हमारा घुटना भी छिल गया था! बाद में हमने लड़की को सान्त्वना देते हुए गप छोड़ते हुए समझाया कि पहले दिन की ट्रेनिंग चार इंच बहुत होती है, क्योंकि दूसरे लोग तो पहले दिन बामुश्किल एक इंच ही चढ़ पाते हैं। हमारी चार गुना अधिक सीखने की 'विशेष क्षमता' पर लड़की बहुत खुश हुई।


  8. #48
    कांस्य सदस्य superidiotonline's Avatar
    Join Date
    May 2017
    Posts
    6,338
    पर्वतारोहण ट्रेनिंग की दैनिक काल्पनिक रिपोर्टिंग के साथ-साथ हमने लड़की का ब्रेनवाश करना शुरू कर दिया। दो महीनों में हमारी मेहनत रंग लाई और लड़की के दिमाग़ से बदला लेने का फितूर लगभग गायब हो गया। कुल मिलाकर लड़की की स्टोरी में कोई दम ही नहीं था! इस बीच हमें पता चला कि लड़की के बाप की भी एक लव-स्टोरी थी जो लड़की की लव-स्टोरी से भी ज़्यादा मज़ेदार, दमदार और बिकाऊ थी! अतः तत्काल हमने उस मज़ेदार, दमदार और बिकाऊ लव-स्टोरी को अपने दिमाग़ के रिज़र्व कहानियों के गोदाम में भर्ती कर लिया जिसे हम जब-तब समय मिलते ही दिमाग़ के रिज़र्व गोदाम से बाहर निकालकर थोड़ा-थोड़ा काग़ज़ पर उतारते रहेंगे। बहरहाल पाठकों को यह जानकर बड़ी निराशा होगी कि समयाभाव और चोरी होने के डर से हम वो दमदार लव-स्टोरी यहाँ पर बिल्कुल सुनाने वाले नहीं हैं!

    फ़िलहाल लड़की के दिमाग़ से बदला लेने का फितूर लगभग गायब होने के बाद हम बड़े खुश हुए। रोज़ाना पर्वतारोहण ट्रेनिंग की काल्पनिक रिपोर्टिंग करने की झंझट से छुटकारा जो मिल गया था! हमने प्रसन्नतापूर्वक लड़की से कहा- 'फिर मैं पर्वतारोहण ट्रेनिंग पर जाना बन्द कर देता हूँ। बड़ी मुश्किल ट्रेनिंग है। फिर भी दो महीने में दो किलोमीटर चढ़ना सीख गया हूँ। तीन किलोमीटर की चढ़ाई पूरी करने पर ट्रेनिंग ख़त्म होती है। अब क्या करूँगा ट्रेनिंग पूरी करके? अब तो न ही लड़के को टपकाना है और न ही हिमालय पर्वत वाले पहुँचे हुए तांत्रिक से इतना जोखिम लेकर मिलने जाना है।'

    लड़की ने भड़ककर कहा- 'पागल हो क्या? लड़के को टपकाना नहीं है तो क्या हुआ? दूसरे छोटे-मोटे दुश्मन भी तो हैं मेरे। हम हिमालय पर्वत वाले पहुँचे हुए तांत्रिक से मिलकर सभी को एक-एक करके टपका देंगे!'

    आसमान से गिरे, खजूर में अटके! लड़की की बात सुनकर हम अपना सिर धुनते हुए लड़की से छुटकारा पाने की कोई कारगर तरकीब ढूँढ़ने लगे। वैसे तो कड़ाई से कठोर शब्द बोलकर लड़की से छुटकारा पाना बड़ा आसान काम था, किन्तु हम चाहते थे- लड़की भड़ककर खुद-ब-खुद भाग जाए। कई घण्टे तक अक्ल के घोड़े-गधे और खच्चर दौड़ाने के बाद आधी रात को आखिरकार हमें एक नायाब तरकीब मिल ही गई! तरकीब का प्रयोग करते ही लड़की ऐसे गायब हो जाती जैसे गधे के सिर से सींग।

    दूसरे दिन हमें लड़की के फ़ोन कॉल का बेसब्री से इन्तेज़ार था, क्योंकि हमें अपनी नायाब तरकीब का इस्तेमाल जो करना था। लड़की का जैसे ही फ़ोन आया, हमने अमरीश पुरी के लहजे में अट्टहास लगाते हुए कहा- 'और सुनाओ, बुलबुल.. क्या हाल है?' हमें पूरी उम्मीद थी- लड़की अपने लिए 'बुलबुल' शब्द सुनते ही बुरी तरह भड़क जाएगी। और फिर वही हुआ जैसा कि हमें उम्मीद थी। लड़की भड़ककर हमें अमरीश पुरी की उपाधि देते हुए अनाप-शनाप बकने लगी। हमने आग़ में और घी डालते हुए कहा- 'इतना न भड़क, बुलबुल.. जानेतमन्ना जानेमन जानेजिगर जानेफ़िगर.. हमने कब कहा- हम शरीफ़ हैं? विलेनगीरी में तो हम अमरीश पुरी के भी बाप हैं.. और इश्कगीरी में तो इमरान हाशमी की असली छाप हैं! बस तुम्हें हमें पहचानने में भूल हो गई।'

    फिर क्या था! लड़की ने भड़ककर फ़ोन काट दिया और हमने चैन की साँस लिया।

  9. #49
    कांस्य सदस्य superidiotonline's Avatar
    Join Date
    May 2017
    Posts
    6,338
    पाठकों को यह जानकर बड़ी खुशी होगी कि इस सूत्र को शीघ्र ही अपडेट किया जाएगा।

Page 5 of 5 FirstFirst ... 345

Posting Permissions

  • You may not post new threads
  • You may not post replies
  • You may not post attachments
  • You may not edit your posts
  •