तो दोस्तों, ये था हिन्दी फ़ीचर फ़िल्म 'कंटेनर' की स्क्रिप्ट का पहला ड्राफ्ट। इस ड्राफ्ट में कई छोटी-मोटी गलतियाँ हुई हैं जैसे-

१. कहानी के आरम्भ में शीतल के हाथ में सदा चिपकी रहने वाली कोकाकोला की बोतल बाद में भूलवश गायब हो गई।

२. अनुषा लाल चन्दानी को इंटरवल से पहले कहानी के आरम्भ में ही थोड़ी देर बाद एस्टैब्लिश कर देना चाहिए था।

३. इंटरवल से पहले गधा रंजन को कई दृष्यों में शीतल को ढूँढ़ता हुआ दिखाई देना चाहिए था।

दर्शकों को 'कंटेनर' की कहानी का सीक्वेल बनाकर लूटने के लिए दृष्य - ७३ के आगे एक छोटा सा दृष्य - ७४ जोड़ना पर्याप्त होगा और थिएटर छोड़कर जाते-जाते दर्शकों को पता चल जाएगा कि उन्हें फिर से लूटा जाएगा!

कल प्रस्तुत करेंगे 'कंटेनर-२' के लिए दृष्य-७४.. तब तक हाथ पर हाथ और पैर पर पैर रखकर इन्तेज़ार कीजिए!