Page 25 of 25 प्रथमप्रथम ... 15232425
Results 241 to 242 of 242

Thread: कंटेनर

  1. #241
    कर्मठ सदस्य superidiotonline's Avatar
    Join Date
    May 2017
    प्रविष्टियाँ
    4,220
    Rep Power
    6
    तो दोस्तों, ये था हिन्दी फ़ीचर फ़िल्म 'कंटेनर' की स्क्रिप्ट का पहला ड्राफ्ट। इस ड्राफ्ट में कई छोटी-मोटी गलतियाँ हुई हैं जैसे-

    १. कहानी के आरम्भ में शीतल के हाथ में सदा चिपकी रहने वाली कोकाकोला की बोतल बाद में भूलवश गायब हो गई।

    २. अनुषा लाल चन्दानी को इंटरवल से पहले कहानी के आरम्भ में ही थोड़ी देर बाद एस्टैब्लिश कर देना चाहिए था।

    ३. इंटरवल से पहले गधा रंजन को कई दृष्यों में शीतल को ढूँढ़ता हुआ दिखाई देना चाहिए था।

    दर्शकों को 'कंटेनर' की कहानी का सीक्वेल बनाकर लूटने के लिए दृष्य - ७३ के आगे एक छोटा सा दृष्य - ७४ जोड़ना ही पर्याप्त होगा और थिएटर छोड़कर जाते-जाते दर्शकों को पता चल जाएगा कि उन्हें फिर से लूटा जाएगा!

    कल प्रस्तुत करेंगे 'कंटेनर-२' के लिए दृष्य-७४.. तब तक हाथ पर हाथ और पैर पर पैर रखकर इन्तेज़ार कीजिए!

  2. #242
    कर्मठ सदस्य superidiotonline's Avatar
    Join Date
    May 2017
    प्रविष्टियाँ
    4,220
    Rep Power
    6
    'कंटेनर'

    (दृष्य-७४)

    (स्विटज़रलैण्ड के होटल के कमरे में लगी दीवार-घड़ी रात के दो बजा रही है। पंकज और शीतल बेड पर सो रहे हैं। उसी समय बाहर से दरवाज़ा पीटने और कालिंग बेल की आवाज़ आती है जिसके कारण पंकज और शीतल घबड़ाकर जाग जाते हैं और फिर उठकर बैठ जाते हैं तथा एक-दूसरे को प्रश्नवाचक दृष्टि से देखते हैं।)

    शीतल : इतनी रात गए कौन दरवाज़ा पीट रहा है? नींद ख़राब कर दिया।

    (उसी समय बाहर से अनुषा लाल चन्दानी की घबराई हुई आवाज़ आती है।)

    अनुषा की आवाज़ : शीतल.. शीतल..

    शीतल : अरे.. ये तो अनुषा की आवाज़ है। क्या है? नींद ख़राब कर दिया!

    अनुषा की आवाज़ : बहुत बड़ी बुरी ख़बर है, शीतल.. गधा रंजन ऑरा से भूत बन गया है!

    शीतल : (घबड़ाकर) क्या? गधा रंजन ऑरा से भूत बन गया है?

    अनुषा की आवाज़ : हाँ, शीतल.. गधा रंजन ऑरा से भूत बन गया है.. और वो भी बहुत ही ख़तरनाक और ताकतवर भूत! उसके अन्दर हजारों गधों के भूतों की ताकत है।

    (पंकज सिर पकड़ लेता है। शीतल पंकज की ओर देखती है।)

    शीतल : अब क्या होगा?

    (दरवाज़ा पीटने की आवाज़ के साथ अनुषा लाल चन्दानी की घबराई हुई आवाज़ आती है।)

    अनुषा की आवाज़ : गधा रंजन इधर ही आ रहा है, शीतल!

    शीतल : (भयभीत स्वर में) नहीं..!

    (कमरे के बाहर कॉरीडोर में गधा रंजन आता हुआ दिखाई देता है जो पहले से और अधिक भयानक लग रहा है।)

    (दृष्य - ७४ समाप्त)

Page 25 of 25 प्रथमप्रथम ... 15232425

Thread Information

Users Browsing this Thread

There are currently 2 users browsing this thread. (0 members and 2 guests)

Bookmarks

Posting Permissions

  • You may not post new threads
  • You may not post replies
  • You may not post attachments
  • You may not edit your posts
  •