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Thread: मकर संक्रांति

  1. #31
    स्वर्ण सदस्य bndu jain's Avatar
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    सामान्यत: सूर्य सभी राशियों को प्रभावित करते हैं, किन्तु कर्क व मकर राशियों में सूर्य का प्रवेश धार्मिक दृष्टि से अत्यन्त फलदायक है। यह प्रवेश अथवा संक्रमण क्रिया छह-छह माह के अन्तराल पर होती है। भारत देश उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है। मकर संक्रांति से पहले सूर्य दक्षिणी गोलार्द्ध में होता है अर्थात् भारत से अपेक्षाकृत अधिक दूर होता है। इसी कारण यहां पर रातें बड़ी एवं दिन छोटे होते हैं तथा सर्दी का मौसम होता है।

    किन्तु मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध की ओर आना शुरू हो जाता है। अतएव इस दिन से रातें छोटी एवं दिन बड़े होने लगते हैं तथा गरमी का मौसम शुरू हो जाता है। दिन बड़ा होने से प्रकाश अधिक होगा तथा रात्रि छोटी होने से अंधकार कम होगा। अत: मकर संक्रांति पर सूर्य की राशि में हुए परिवर्तन को अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होना माना जाता है।

  2. #32
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    प्रकाश अधिक होने से प्राणियों की चेतनता एवं कार्यशक्ति में वृद्धि होगी। ऐसा जानकर सम्पूर्ण भारतवर्ष में लोगों द्वारा विविध रूपों में सूर्यदेव की उपासना, आराधना एवं पूजन कर उनके प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की जाती है।
    इस दिन दिया गया दान सौ गुना बढ़कर पुन: प्राप्त होता है।

    माघे मासे महादेव: यो दास्यति घृतकम्बलम।
    स भुक्त्वा सकलान भोगान अन्ते मोक्षं प्राप्यति॥


    घर में धन लक्ष्मी के स्थाई निवास हेतु विशेष पूजन

    पुराने समय में
    हिन्दू राजा-महाराजा मकर संक्रांति के दिन सर्व सुख प्रदान करने वाली माता महालक्ष्मी जी का पूजन करते थे। इस वर्ष आप सभी मित्र अपने-अपने घरों में सपरिवार महालक्ष्मी पूजा करके मां को श्रीयंत्र के रूप में अपने घर में विराजमान करें।

    यह पूजन समस्त ग्रहों की महादशा या अन्तर्दशा के लिए लाभप्रद होता है।
    इस समय माता लक्ष्मी की पूजा करने से 'सहस्त्ररुपा सर्व व्यापी लक्ष्मीजी' सिद्ध होती हैं।

    पूजा को सिद्ध करने का समय :
    दिनांक 14 जनवरी 2018 को रात्रि 11.30 बजे से सुबह 02.57 बजे के मध्य


  3. #33
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  4. #34
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  5. #35
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    मकर संक्रांति का त्योहार सूर्य देव को समर्पित होता है। मकर सर्दियों के मौसम का अंत माना जाता है। इस दिन के बाद लंबे दिनों की शुरुआत हो जाती है। लोग सूर्य देव को खुश करने के लिए अर्घ्य देकर उनसे प्रार्थना करते हैं। मकर संक्रांति के दिन दान-पुण्य करने से उसका सौ गुना फल लौट कर आता है।


    इस दिन भगवान सूर्यदेव धनु राशि छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। विभिन्न मतानुसार मकर संक्रांति का पर्व इस साल मंगलवार 15 जनवरी को मनाया जाएगा। मकर संक्रांति के दिन तिल का दान या तिल से बनी सामग्री ग्रहण करने से कष्टकारी ग्रहों से छुटकारा मिलता है। संक्रांति के दिन गंगा स्नान करने से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य मिलता है। इस दिन दान करने का विशेष महत्व होता है।

    आइए जानते हैं कि राशि अनुसार क्या दान करें कि पुण्य फल 100 गुना होकर लौट आए।

  6. #36
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    आइए जानते हैं कि राशि अनुसार क्या दान करें कि पुण्य फल 100 गुना होकर लौट आए।

    मेष - जल में पीले पुष्प, हल्दी, तिल मिलाकर अर्घ्य दें। तिल-गुड़ का दान करें।

    वृष - जल में सफेद चंदन, दूध, श्वेत पुष्प, तिल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें।

    मिथुन - जल में तिल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें।

    कन्या - जल में दूध, चावल, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें।

    मिथुन- जल में तिल, दूर्वा तथा पुष्प मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें और गाय को हरा चारा दें।

    कर्क- जल में दूध, चावल, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। संकटों से मुक्ति मिलेगी।

    सिंह- जल में कुमकुम तथा रक्त पुष्प, तिल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें।
    कन्या- जल में तिल, दूर्वा, पुष्प डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। मूंग की दाल की खिचड़ी बनाकर दान करें। गाय को चारा दें।

    तुला- सफेद चंदन, दूध, चावल का दान दें।

    वृश्चिक- जल में कुमकुम, रक्तपुष्प तथा तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। गुड़ का दान दें।

    धनु- जल में हल्दी, केसर, पीले पुष्प मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें।

    मकर- जल में काले-नीले पुष्प, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें।

    कुंभ- जल में नीले-काले पुष्प, काली उड़द, तेल-तिल का दान करें।

    मीन- हल्दी, केसर, पीले फूल के साथ तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें।


  7. #37
    स्वर्ण सदस्य bndu jain's Avatar
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  8. #38
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    वाह, प्रसंगोपात सुत्र के लिए धन्यवाद!
    महाठग आप ठगाईए, ओर न ठगिए कोय । आप ठगें सुख ऊपजे, ओर ठगें दुःख होय ॥

  9. #39
    स्वर्ण सदस्य bndu jain's Avatar
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    Quote Originally Posted by MahaThug View Post
    वाह, प्रसंगोपात सुत्र के लिए धन्यवाद!
    सूत्र पसंद करने के लिए धन्यवाद

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