Page 23 of 26 प्रथमप्रथम ... 132122232425 ... LastLast
Results 221 to 230 of 253

Thread: कोरोना वायरस

  1. #221
    कांस्य सदस्य superidiotonline's Avatar
    Join Date
    May 2017
    प्रविष्टियाँ
    5,681
    Rep Power
    8

  2. #222
    कांस्य सदस्य superidiotonline's Avatar
    Join Date
    May 2017
    प्रविष्टियाँ
    5,681
    Rep Power
    8

  3. #223
    कांस्य सदस्य superidiotonline's Avatar
    Join Date
    May 2017
    प्रविष्टियाँ
    5,681
    Rep Power
    8

  4. #224
    कांस्य सदस्य superidiotonline's Avatar
    Join Date
    May 2017
    प्रविष्टियाँ
    5,681
    Rep Power
    8

  5. #225
    हीरक सदस्य bndu jain's Avatar
    Join Date
    Sep 2016
    Location
    मध्य प्रदेश
    प्रविष्टियाँ
    67,180
    Rep Power
    50

  6. #226
    कांस्य सदस्य superidiotonline's Avatar
    Join Date
    May 2017
    प्रविष्टियाँ
    5,681
    Rep Power
    8
    जब भी किसी साल के अंत में शून्य आया, महामारी का प्रकोप छाया, जानिये अंकशास्त्र की दृष्टि से ढेरों उदाहरण

    Numerology : कोरोना वायरस पूरी दुनिया पर कहर बनकर टूट पड़ा है। रोज मृतकों और संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। ऐसा लगता है जैसे मानवता इस महामारी के चंगुल में फंसती जा रही है। इस मामले में अंकशास्त्र और ज्योतिष की अपनी दृष्टि है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि कोरोना वायरस जिन हालातों में पनपा और फैला, उसका अंकशास्*त्र और ज्*योतिष के पास पर्याप्त कारण है। मसलन, जब भी किसी वर्ष, दशक या शताब्*दी के अंत में शून्य की संख्या आई, दुनिया में किसी महामारी को सहा है। दूसरी तरफ, ज्योतिष गणना कहती है कि कोरोना आगामी समय में कब और कैसे समाप्त होगा। विशेषज्ञ से बातचीत के आधार पर हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ रोचक तथ्य। ध्यान से पढ़ें।

    अंक ज्योतिष में कोरोना जैसी महामारी का उल्लेख प्रायः होता रहा है परंतु अंक ज्योतिष को कई बार गंभीरता से नहीं लिया गया। जब भी किसी शताब्दी के अंत में शून्य , जीरो आया है, उसी कालखंड में कोई न कोई महामारी आई है जिसने पूरे विश्व में जनता को अपना ग्रास बनाया है।

    यों तो ईसा पूर्व की शताब्दियों में भी इसका उल्लेख मिलता है परंतु लिखित रिकार्ड 1520 से मिल जाता है जब अफ्रीकी गुलामों के कारण यूरोप में चेचक और प्लेग के कारण काफी लोग मरे थे। इसके बाद 1620 में भी इसी तरह का जानलेवा संक्रमण फैेला और मानव जीवन को नुक्सान पहुंचा। यहां तक कि 1620 में केवल इटली में ही 17 लाख लोग प्लेग से मरे और उत्तरी अफ्रीका में 50000 लोग मारे गए। बुबानिक प्लेग ने भी फ्रांस में लगभग 100,000 लोगों की जान ली। फिर 1820 में थाईलैंड, इंडोनेशिया और फिलीपींस में हैजा फैल गया। अगली शती अर्थात 1920 में ,स्पेनिश फलू जिसे इन्फलूएंजा कहा गया, फेैल गया। अब 2020 में चीन के वुहान से आई ,कोरोना नामक महामारी का दोगुना प्रभाव हो गया जिससे विश्व के कितने ही देश चपेट में आ गए हैं। यह देखने में आया है कि जब भी किसी साल में 0 शून्य आया है, उस साल कोई न कोई प्लेग, हैजा, कुष्ठ रोग, तपेदिक, चेचक, फलू, एड्स, हैपीटाइटिस जैसा कोई न कोई वायरस विश्व में छाया है।

    अंकशास्त्र - 4 अंक की भूमिका

    अंकशास्त्र के अनुसार भी 2022 का अंक राहु का 4 है। कोरोना का पहला मरीज 4 दिसंबर, 2019 अर्थात 4 अंक वाली डेट को मिला। अब 4 महीने समाप्त होने यानी चौथे महीने के बाद ही इस महामारी से कुछ राहत मिलेगी, पूरी तो पहली जुलाई के बाद ही छुटकारा होगा। परंतु 2022 राहु का साल होने से , किसी न किसी ऐसी और आपदा से इंकार नहीं किया जा सकता है।

    4 के अंक, चीन और कोरोना पर यह कहता है ज्योतिष

    4 का अंक चीन के वुहान क्षेत्र से दुनियाभर में फैल रहे कोरोना वायरस के संबंध में कहा जा रहा है। साल 2020 का योग 4 आता है जो राहु का प्रतीक है। इस वर्ष प्रौद्योगिकी में विकास के साथ साथ संक्रमण से कैसे बचा जा सकता था। राहु ग्रह, त्वचा रोगों, खुजली, , जहर फैलाना, क्रानिक बीमारियां, महामारी, इत्यादि का कारक होता है।

    आर्द्रा नक्षत्र में फैला था कोरोना

    जब से राहु ने आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश किया है तभी से कोरोना वायरस का इस दुनिया मे संक्रमण फैला है। राहु का गोचर मिथुन राशि व आर्द्रा नक्षत्र में चल रहा है। मिथुन राशि वायु तत्व राशि होती है। और आर्द्रा का अर्थ भी नमी होता है। राहु वायरस है। और इसका विस्तार वायु व नमी में ही बहुत तेजी से होता है। इसलिए राहु को मिथुन राशि व आर्द्रा नक्षत्र में सबसे ज्यादा बलशाली भी माना जाता है।आर्द्रा नक्षत्र के मध्य में इसका ज्यादा प्रभाव रहेगा और नक्षत्र के लास्ट में इसका प्रभाव भी कम हो जाएगा। इसका असर 14 अप्रैल से कम होना शुरू हो जाएगा।

    गुरु और केतु की युति से जन्मा विषैला वायरस

    यहां गुरु ग्रह की भूमिका को भी नजरअंदाज नहीं कर सकते। पांच नवंबर 2019 को जैसे ही गुरु और केतु धनु राशि में आए, पूरे विश्वमें एक विषैले वायरस का जन्म हो गया। 26 दिसंबर के ग्रहण ने इस में और आग लगा दी। जब देव गुरु बृहस्पति 30 मार्च को अपनी नीच राशि मकर में गोचर करेंगे, तब इसका प्रभाव बढ़ सकता है। फिर गुरु 29 जुलाई को पुनः धनु में आ जाएंगे। कोरोना का कहर पहली जुलाई को बिल्कुल समाप्त हो जाएगा।

    14 अप्रैल के बाद बदल सकते हैं हालात

    भारतीय ज्योतिष में वायरस का कारक राहु और शनि को माना जाता है। इन्हीं के प्रकोप के कारण कोरोना महामारी फैली है। शनि के स्वराशि मकर में होने के कारण इस महामारी का प्रभाव निरंतर बढ़ रहा है। हालांकि, सूर्य जब मेष राशि में प्रवेश करेंगे, तब कोरोना का अंत भी संभव हो पाएगा। ज्योतिष के अनुसार, सूर्य 14 अप्रैल 2020 को मेष राशि में प्रवेश करेंगे। वर्तमान में राहु उच्च राशि मिथुन में गोचर कर रहे हैं । इसे कालपुरुष की कुंडली में मुंह, नाक, कान, गले का कारक माना जाता है। राहु लग्नस्थ और साथ ही शुक्र षष्टेश होकर शनि के साथ तृतीयस्थ हैं। अर्थात तृतीय भाव से श्वांस नली, दमा, खांसी, फेफड़े, श्वांस संबंधी रोग हो रहे हैं। चूंकि वायरस हवा के माध्यम से फैल रहा है और आक्सीजन का कारण चंद्र हैं।

    नारद संहिता के श्लोक में महारोग का उल्लेख

    नारद संहिता में एक श्लोक में इस युग में एक बड़े महारोग के बारे हजारों साल पहले लिखा गया है कि सूर्य ग्रहण के पश्चात् पूर्वी देश से एक महारोग आएगा। 26 दिसंबर ,2019 को सूर्य ग्रहण लगा और इसी के लगते ही ,चीन के वुहान से इस महारोग की यात्रा आरंभ हो गई। संवत 2076 वैसे भी शनि प्रधान था जबकि 25 मार्च,2020, को आरंभ होने वाले नवसंवत 2077, में राजा बुध और चंद है।
    (अंक ज्योतिष गणना डॉ पंडित गणेश शर्मा, ज्योतिषाचार्य सीहोर के अनुसार)
    ------------------
    साभार: नईदुनिया.जागरण

  7. #227
    कांस्य सदस्य superidiotonline's Avatar
    Join Date
    May 2017
    प्रविष्टियाँ
    5,681
    Rep Power
    8
    कोरोना पॉजिटिव युवती की कहानी / मुंबई से जोधपुर ट्रेन से आई; पूरी सावधानी बरती, फिर भी खुद को संक्रमण से नहीं बचा पाई

    जोधपुर में अब तक कोरोना के चार मामले सामने आ चुके हैं।

    युवती तुर्की से लौटे कोरोना संक्रमित पति-पत्नी के साथ ट्रेन के एक ही कूपे में बैठी थी

    यात्रा के दौरान युवती ने पूरी एहतियात बरती और अपने हाथ सैनेटाइज करती रही


    जोधपुर. कोरोनावायरस किस तरह फैलता है इसे ट्रेन में संक्रमित हुई जोधपुर की युवती के साथ हुई घटना से समझा जा सकता है। पेशे से आईटी इंजीनियर इस युवती ने मुंबई से जोधपुर तक की यात्रा के दौरान काफी सावधानी बरती और पूरे रास्ते लगातार अपने हाथ सैनेटाइज करती रही। इसके बावजूद नीचे की सीट पर बैठे कोरोना पॉजिटिव पाए गए दो यात्रियों से खुद को संक्रमित होने से नहीं बचा पाई।

    जोधपुर की 24 साल की युवती मुंबई की एक कंपनी में काम करती है। महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बाद परिजन ने उसे जोधपुर आने की कहा। 17 मार्च को युवती मुबई से जोधपुर के लिए ट्रेन से रवाना हुई। ट्रेन में फर्स्ट क्लास कोच में उसके साथ जोधपुर के ही पति-पत्नी थे। दोनों तुर्की से आए थे। युवती की बर्थ ऊपर थी।

    पूरे रास्ते ऊपर की बर्थ पर लेटी रही

    इस युवती ने बताया कि ट्रेन में सवार होने के बाद एहतियत के तौर पर उसने अपने साथ सफर कर रहे यात्रियों से कोई बात नहीं की। सीधे अपनी बर्थ पर जाकर लेट गई। पूरे रास्ते में वह सिर्फ बाथरूम में जाने के लिए नीचे उतरी। बाथरूम से लौटने पर हर बार उसने अपने हाथ सैनेटाइज किए। साथ ही, पूरी यात्रा के दौरान उसने चेहरे पर मास्क भी लगा रखा था। उसे याद नहीं कि वह किस तरह संक्रमित हुई।

    युवती ने बताया कि अपनी बर्थ पर चढ़ने और उतरने के दौरान हो सकता है कि वह संक्रमण की चपेट में आ गई हो या फिर सहयात्रियों के खांसने के कारण कोरोना वायरस उस तक पहुंचा हो। 18 मार्च को जोधपुर पहुंचने के बाद से लेकर 23 मार्च तक वह स्वस्थ थी। 23 मार्च को उसे हल्के बुखार के साथ खांसी की शिकायत हुई। इस बीच तुर्की से आए सहयात्री, जिन्होंने ट्रेन में उसके साथ सफर किया था वह पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने ट्रैवल हिस्ट्री के आधार पर 23 मार्च को युवती को घर में आइसोलेट कर दिया। 24 मार्च को तबीयत बिगड़ने पर वह जांच के लिए एम्स पहुंची। बुधवार सुबह आई रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। फिलहाल युवती एम्स में भर्ती है और उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

    -----------------
    साभार: दैनिकभास्कर

  8. #228
    कांस्य सदस्य superidiotonline's Avatar
    Join Date
    May 2017
    प्रविष्टियाँ
    5,681
    Rep Power
    8
    आप घर में हैं फिर हर घंटे धोने पड़ेंगे हाथ, नहीं तो जकड़ लेगा कोरोना

    कोरोना वायरस से बचाव के लिए औसतन हर एक घंटे पर हाथ धोना सबसे बड़ी सावधानियों में से एक है...

    आप घर में हैं फिर हर घंटे धोने पड़ेंगे हाथ, नहीं तो जकड़ लेगा कोरोना


    लखनऊ. बधाई हो... सरकार द्वारा जारी एडवायजरी पर आप अपने घर में रह रहे हैं, परिवार के साथ वक्त बिता रहे हैं और भीड़भाड़ से बच रहे हैं। लेकिन क्या आप और परिवार के लोग दिन में औसतन हर एक घंटे पर हाथ साफ कर रहे हैं..., अरे क्यों नहीं भाई। क्या कहा... आप घर से बाहर नहीं जा रहे हैं, इसलिए आपको बारबार हाथ धुलने की जरूरत नहीं है। ऐसा नहीं है जनाब, आप घर में हैं तो भी आपको अपने हाथों को पूरी तरह से साफ रखने की जरूरत है। ऐसा हम नहीं बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू.एच.ओ.) और वरिष्ठ चिकित्सक कह रहे हैं।

    वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुसार कोरोना वायरस से बचाव के लिए औसतन हर एक घंटे पर हाथ धोना सबसे बड़ी सावधानियों में से एक है। लेकिन यह बात सिर्फ उन पर ही लागू नहीं होती जो कोरोना वायरस की चपेट में हैं, घर से बाहर निकल रहे हैं या मरीजों का इलाज कर रहे हैं। यह बात उन सभी पर भी लागू होती है, जो अपने घरों में रह रहे हैं और स्वस्थ हैं । चिकित्सकों का कहना है कि लगातार हाथों को साफ रखकर आप कोरोना वायरस से ही नहीं बल्कि कई दूसरी बीमारियों से बचाव कर अस्पताल जाने से बच सकते हैं। कोरोना से बचने के लिए हमें घर में रहने की सलाह दी जा रही है। लेकिन इस दौरान यदि परिवार का कोई भी सदस्य किसी भी बीमारी की चपेट में आता है, तो उसे और परिवार के अन्य सदस्यों को उसके उपचार के लिए घर से बाहर निकल कर अस्पताल तक जाना होगा। इस अवस्था को आप साफ हाथों से टाल सकते हैं और ऐसा करके आप न सिर्फ कोरोना बल्कि दूसरे संक्रमण से भी बच सकते हैं।

    बाराबंकी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रमेश चंद्र का कहना है कि इस समय मौसम में बदलाव हो रहा है। ऐसे में लोग सर्दी, जुकाम की चपेट में तेजी से आते हैं। हवा में पराग कणों की मात्रा अधिक होने से तमाम लोग एलर्जी से भी ग्रसित हो सकते हैं। ऐसे में व्यक्तिगत साफ-सफाई से हम खुद को और अपने परिवार को स्वस्थ रख सकते हैं।

    इस तरह हाथों को करें साफ

    हाथों की सफाई का सबसे बेहतर सुमन (SUMAN) के तरीके हैं। इसके छह चरण हैं। इसके पहले चरण में S का मतलब हाथों को सीधा साफ करना, U से हाथों को उल्टा करके साफ करना, M का मतलब मुट्ठी साफ करना, A से अंगूठा साफ करना, N से नाखून साफ करना और K से कलाई साफ करना। इस क्रम मे कम से कम 40 सेकेंड तक हाथों को साफ करना चाहिए।

    --------------------
    साभार: पत्रिका

  9. #229
    हीरक सदस्य bndu jain's Avatar
    Join Date
    Sep 2016
    Location
    मध्य प्रदेश
    प्रविष्टियाँ
    67,180
    Rep Power
    50

  10. #230
    हीरक सदस्य bndu jain's Avatar
    Join Date
    Sep 2016
    Location
    मध्य प्रदेश
    प्रविष्टियाँ
    67,180
    Rep Power
    50



    विश्व भर में कोरोनावायरस के मामले

    घोषित मरीज 494,317 मृत्यु 22,285 स्वस्थ हुए 119,785




    भारत में कोरोनावायरस के मामले

    घोषित मरीज 693 मृत्यु 15 स्वस्थ हुए 45

Page 23 of 26 प्रथमप्रथम ... 132122232425 ... LastLast

Posting Permissions

  • You may not post new threads
  • You may not post replies
  • You may not post attachments
  • You may not edit your posts
  •