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Thread: आज का भारत केसा है? कैसे है उसे चलाने वाले ? और चल क्या रहा है?

  1. #41
    कांस्य सदस्य sultania's Avatar
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    सभी शिकायतों पर एफआईआर दर्ज होने लगे तो पूरे देश में रोज़ करोड़ों शिकायतें दर्ज होंगी। इतनी पुलिस है आपके पास जाँच करने के लिए?

    प्रथम दृष्टया अपराध पाया जाएगा तभी तो एफआईआर दर्ज होगी।

    मुम्बई पुलिस ने 56 लोगों से पूछताछ की है अभी तक। क्या ये मामूली बात है? कम्बख्त कोई कुछ बताता ही नहीं।
    15 मिनट से कम समय मैं आत्महत्या साबित कर दी , बिना पूछताछ के जबकि परिजनों दुवारा हत्या की पूर्व आशंका थी, अब वे 56 क्या 5660 लोगो से पूछताछ करे कोई फर्क नही , यहां तक कि सुबह 8 बजे ही विकिपीडिया पर भी आनन फानन मैं आत्महत्या पोस्ट कर दी गयी , भला हो
    बिहार पुलिस का जिसने fir स्वीकार की ओर न्याय की ओर कदम बढ़ाए
    हकलाते हैं तो संस्कृत सीखें,जो व्यक्ति धाराप्रवाह बोल नहीं पाते, अटकते हैं या फिर हकलाते हैं उन्हें संस्कृत सीखना चाहिए।संस्कृत से हकलाना भी खत्म हो जाता है।

  2. #42
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    15 मिनट से कम समय मैं आत्महत्या साबित कर दी , बिना पूछताछ के जबकि परिजनों दुवारा हत्या की पूर्व आशंका थी, अब वे 56 क्या 5660 लोगो से पूछताछ करे कोई फर्क नही , यहां तक कि सुबह 8 बजे ही विकिपीडिया पर भी आनन फानन मैं आत्महत्या पोस्ट कर दी गयी , भला हो
    बिहार पुलिस का जिसने fir स्वीकार की ओर न्याय की ओर कदम बढ़ाए
    प्रथम दृष्टया आत्महत्या लगा इसलिए आत्महत्या कह दिया गया। जाँच तो चल ही रही थी।

    और फिर बिहार की एफआईआर असंवैधानिक है जिसे आप भली-भाँति जानते हैं। इस तरह तो जिसकी जिस स्टेट में पहुँच होगी, वहाँ पर शिकायत दर्ज कराकर अपने स्टेट की पुलिस भेज देगा। यह एक गलत परम्परा है।

  3. #43
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    आपका कहने का मतलब क्या है? पुलिस विकीपीडिया पेज अपडेट करती है? हमने तो ऐसा कहीं नहीं सुना।

  4. #44
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    प्रथम दृष्टया आत्महत्या लगा इसलिए आत्महत्या कह दिया गया। जाँच तो चल ही रही थी।

    और फिर बिहार की एफआईआर असंवैधानिक है जिसे आप भली-भाँति जानते हैं। इस तरह तो जिसकी जिस स्टेट में पहुँच होगी, वहाँ पर शिकायत दर्ज कराकर अपने स्टेट की पुलिस भेज देगा। यह एक गलत परम्परा है।
    लोग जांच होना क्यों ना चाहते ये समझ के बाहर है ?
    ऑलरेडी बिहार मे दर्ज fir के आधार पे ही सी बी आई जांच करेगी , ओर इसकी पुष्टि तुषार मेहता ने कल सुप्रीम कोर्ट को दी , किसी ने ये ना बोला की ये FIR गलत है , opposit advocate कुछ विरोध ना किये इसका , फेक्ट
    भी देखे , एक एजेंसी से हमें न्याय नही मिलता तो पीड़ित पक्ष आराम से दूसरी एजेंसी के पास जा सकता है ,
    आखिर क्यों जांच नही हो रही , जांच करेंगे तो बिना fir के करेंगे , पीड़ित पक्ष को आखिर गलत लग रहा है तो उनकी बात मानना ही होगा , जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी /

    उधर बॉलीवुड मैं भाई भतीजावाद नही होता, इसपे गवाह आ चुके है , सबसे पुख्ता है A R Rahman , इनके जादुई संगीत से हिंदी जनता को महरूम रखा गया , खुल के उन्होंने बोला है मुझे भी बॉलीवुड मैं काम नही मिलता , अब सन्नाटा छा गया है /
    इस शर्मनाक अपराध पे भी मुम्बई पोलिस खामोश है ,
    खुद से संज्ञान लेके मामले को दर्ज कर सकती थी /
    शुशांत के पापा झूठे
    A R rahman भी झुटे
    तो सच्चा कोन है ?
    हकलाते हैं तो संस्कृत सीखें,जो व्यक्ति धाराप्रवाह बोल नहीं पाते, अटकते हैं या फिर हकलाते हैं उन्हें संस्कृत सीखना चाहिए।संस्कृत से हकलाना भी खत्म हो जाता है।

  5. #45
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    लोग जांच होना क्यों ना चाहते ये समझ के बाहर है ?
    ऑलरेडी बिहार मे दर्ज fir के आधार पे ही सी बी आई जांच करेगी , ओर इसकी पुष्टि तुषार मेहता ने कल सुप्रीम कोर्ट को दी , किसी ने ये ना बोला की ये FIR गलत है , opposit advocate कुछ विरोध ना किये इसका , फेक्ट
    भी देखे , एक एजेंसी से हमें न्याय नही मिलता तो पीड़ित पक्ष आराम से दूसरी एजेंसी के पास जा सकता है ,
    आपको अच्छी तरह पता है- लॉ एंड ऑर्डर राज्य का विषय है और सीबीआइ और साइबर क्राइम के मामलों को छोड़कर जहाँ पर अपराध होता है उसी राज्य की पुलिस जाँच करती है।

  6. #46
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    आपका कहने का मतलब क्या है? पुलिस विकीपीडिया पेज अपडेट करती है? हमने तो ऐसा कहीं नहीं सुना।
    ये सब जांच होनी चाहिये , किसने ओर किस आधार पे अपडेट किया ? पेज पे अभी भी जा के देख ले , बिना पुलिस के बयान आये ही अस्तमहत्या छाप गया /
    हकलाते हैं तो संस्कृत सीखें,जो व्यक्ति धाराप्रवाह बोल नहीं पाते, अटकते हैं या फिर हकलाते हैं उन्हें संस्कृत सीखना चाहिए।संस्कृत से हकलाना भी खत्म हो जाता है।

  7. #47
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    आपको अच्छी तरह पता है- लॉ एंड ऑर्डर राज्य का विषय है और सीबीआइ और साइबर क्राइम के मामलों को छोड़कर जहाँ पर अपराध होता है उसी राज्य की पुलिस जाँच करती है।
    अब जब सुप्रीम कोर्ट को बता दिया गया है कि बिहार मे दर्ज FIR पे ही इस केस मैं
    सी बीआई जांच करेगी , ओर उसपे सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति नही है तो फिर Fir गलत नही बोली जा सकती /
    पीड़ित परिजन के शिकायत के आधार पे की गई fir बिलकुल सही है , सुप्रीम कोर्ट को fir पे कोई आपत्ति नही ।
    अगर मुम्बई पुलिस सही जांच करती तो ये नोबत ना आती/
    हकलाते हैं तो संस्कृत सीखें,जो व्यक्ति धाराप्रवाह बोल नहीं पाते, अटकते हैं या फिर हकलाते हैं उन्हें संस्कृत सीखना चाहिए।संस्कृत से हकलाना भी खत्म हो जाता है।

  8. #48
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    अब जब सुप्रीम कोर्ट को बता दिया गया है कि बिहार मे दर्ज FIR पे ही इस केस मैं
    सी बीआई जांच करेगी , ओर उसपे सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति नही है तो फिर Fir गलत नही बोली जा सकती /
    पीड़ित परिजन के शिकायत के आधार पे की गई fir बिलकुल सही है , सुप्रीम कोर्ट को fir पे कोई आपत्ति नही ।
    अगर मुम्बई पुलिस सही जांच करती तो ये नोबत ना आती/
    एपेक्स कोर्ट को बताया गया है जिसे सुना गया है। अभी उस पर राय नहीं रखी गई है।

  9. #49
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    एपेक्स कोर्ट को बताया गया है जिसे सुना गया है। अभी उस पर राय नहीं रखी गई है।
    गलत चीज सुप्रीम कोर्ट सुनता नही है , किसी भी चीज के लिऐ हल्फ़नामा दायर होता है , गलत होने पे स्वत् रिजेक्ट होता है , अभी तक पोस्ट लिखे जाने तक कही भी संवेधानिक तरीके से fir गलत है इसकी अपील नही की गई है , बल्कि अभियुक्त की तरफ से fir को केवल मुम्बई टाँसफ़र की बात बोली गयी है , जो खुद ही सी बी आई जांच से खत्म हो चुकी है /

    पर खुश होने वाली बात ये है कि भाई भतीजावाद मामले मे रोजी रोटी छीन
    के दुसरो को काम नही करने देने वालो के खिलाफ भी मुम्बई पोलिस कुछ नही कर रही , जबकी वर्ल्ड फेमस लोग सामने आके शिकायत कर रहे है /

    माया नगरी का नेक्सस सीबीआई तोड़ पाएगी ये मुश्किल ही है ?

    सुपर भाई चर्चा के लिए बहुत धन्यवाद आपका ।
    हकलाते हैं तो संस्कृत सीखें,जो व्यक्ति धाराप्रवाह बोल नहीं पाते, अटकते हैं या फिर हकलाते हैं उन्हें संस्कृत सीखना चाहिए।संस्कृत से हकलाना भी खत्म हो जाता है।

  10. #50
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    गलत चीज सुप्रीम कोर्ट सुनता नही है , किसी भी चीज के लिऐ हल्फ़नामा दायर होता है , गलत होने पे स्वत् रिजेक्ट होता है , अभी तक पोस्ट लिखे जाने तक कही भी संवेधानिक तरीके से fir गलत है इसकी अपील नही की गई है , बल्कि अभियुक्त की तरफ से fir को केवल मुम्बई टाँसफ़र की बात बोली गयी है , जो खुद ही सी बी आई जांच से खत्म हो चुकी है /

    पर खुश होने वाली बात ये है कि भाई भतीजावाद मामले मे रोजी रोटी छीन
    के दुसरो को काम नही करने देने वालो के खिलाफ भी मुम्बई पोलिस कुछ नही कर रही , जबकी वर्ल्ड फेमस लोग सामने आके शिकायत कर रहे है /

    माया नगरी का नेक्सस सीबीआई तोड़ पाएगी ये मुश्किल ही है ?

    सुपर भाई चर्चा के लिए बहुत धन्यवाद आपका ।
    भाई, हम एक राज्य से दूसरे राज्य में कूद-कूद कर FIR दर्ज करने के विरोध में नहीं खड़े हैं। यह तो बड़ी अच्छी सुविधाजनक बात है।

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