Page 2 of 178 FirstFirst 12341252102 ... LastLast
Results 11 to 20 of 1775

Thread: ज्योतिष

  1. #11
    सदस्य anita's Avatar
    Join Date
    Jun 2009
    Posts
    34,064

    Re: ज्योतिष

    भारतीय ज्योतिष शास्त्र ज्ञान की बहुत सारी शाखाये है,
    १. वैदिक ज्योतिष
    २. लाल किताब
    ३. हस्त रेखा शास्त्र
    ४. अंक शास्त्र
    ५.प्रशन शास्त्र
    ६. नाड़ी शास्त्र और नंदी शास्त्र
    और बहुत सारे उलेखित शास्त्र है

  2. #12
    कर्मठ सदस्य SUNIL1107's Avatar
    Join Date
    Jul 2009
    Posts
    3,055

    Re: ज्योतिष

    Quote Originally Posted by anita View Post
    आप सभी का बहुत ही धन्यवाद.
    ज्योतिष भारतीय ज्ञान परम्परा का एक हिस्सा है. जिस तरह से अलग अलग शास्त्र माने गए है उन्ही में से एक ज्योतिष शास्त्र भी एक है. ज्योतिष कब से शुरू हुआ ये कहना भुत मुश्किल है पर इस विषय पर एक कथा है.
    एक बार सब ही ऋषि मुनियों में इस विषय पर बहस हुई की तीनो देवताओ(विष्णु, बरह्मा, महेश) में कौन से देवता सब से बड़े है. तीनो की परीक्षा लेने के लिए भ्रगु ऋषि को मनोनीत किया गया. सवपर्थम, वो ब्रह्म लोक गए तो उन्होंने वह देखा की ब्रह्मा जी सरस्वती जी के साथ वीणा वादन में व्यस्त है और उन्होंने ऋषि की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया, उसके बाद वो केलाश पे गए जहा, शिव जी माता पारवती के साथ रति किर्या में व्यस्त थे, वहा से फिर वो विष्णु लोक पहुचे जहा पे उन्होंने देखा की विष्णु जी शेषनाग पर आँखे बंद करके आराम कर रहे थे और माता लक्ष्मी उन्हें हवा कर रही थी, ये देख कर ऋषि बहुत ही करोधित हो गए और उन्होंने विष्णु जी की छाती पे अपने पैर से प्रहार कर दिया, जिस से विष्णु जी की नीद खुल गयी और उन्होंने देखि की सामने भ्रगु ऋषि क्रोध में खड़े है, तो उन्होंने उन्हें प्रणाम करते हुई कहा की हे ऋषिवर मेरी वज्र जैसी छाती पे प्रहार करके आपके पैरो को बहुत कष्ट हुआ होगा उसके लिए मैं बहुत क्षमा मांगता हु, इस से ऋषि बहुत ही प्रसन हुई और कहा की आप त्रिदेवो में सब से बड़े है, पर लक्ष्मी जी बहुत क्रोधित हो गयी और उन्होंने भरगु ऋषि को शाप देते हुई कहा की तुम्हारे वंशजो के पास मैं कभी भी नहीं जाउंगी, इस पर भरगु ऋषि ने कहा की मैं ऐसे गरंथ की रचना करूँगा जिस से की मेरे वंशज अपनी जीविका निर्वाह कर सके और वही से ज्योतिष के आदि गरंथ भरगु सहिंता की रचना हुई और ज्योतिष शास्त्र की भी.
    कहानी अधूरी है अनीता जी !
    रफ्ता रफ्ता यूँ जमाने का सितम होता है !
    मेरी जिंदगी से रोज़ एक दिन कम होता है !!


  3. #13
    सदस्य anita's Avatar
    Join Date
    Jun 2009
    Posts
    34,064

    Re: ज्योतिष

    Quote Originally Posted by SUNIL1107 View Post
    कहानी अधूरी है अनीता जी !
    हा, पर यहाँ पे ये सिर्फ ज्योतिष के सन्दर्भ में दी गयी है

  4. #14
    सदस्य anita's Avatar
    Join Date
    Jun 2009
    Posts
    34,064

    Re: ज्योतिष

    Quote Originally Posted by SUNIL1107 View Post
    कहानी अधूरी है अनीता जी !
    कर्म किये जा फल की चिंता मत कर रे इन्सान ,ये है गीता का ज्ञान

  5. #15
    कर्मठ सदस्य SUNIL1107's Avatar
    Join Date
    Jul 2009
    Posts
    3,055

    Re: ज्योतिष

    और भी जानकारी दीजिये अनीता जी , ज्योतिष विषय बड़ा ही गूढ़ विषय समझा जाता है !
    रफ्ता रफ्ता यूँ जमाने का सितम होता है !
    मेरी जिंदगी से रोज़ एक दिन कम होता है !!


  6. #16
    रजत सदस्य sushilnkt's Avatar
    Join Date
    Feb 2011
    Location
    भू-लोक
    Posts
    27,138

    Re: ज्योतिष

    लाल किताब एक इंडिया में रहते हुए विदेसी द्वारा लिखी गयी हे ... उस ने अग्रेजो के सासन काल में पूरा भारत गुमकर हमारे दुवारा की जाने वाली टोटको को उसने लाल किताब का रुप दिया हे ....
    ...अपनी तो यारो बस इतनी सी कहानी है कुछ तो खुद से ही बर्बाद थे, कुछ इश्क की मेहेरबानी है...

  7. #17
    सदस्य anita's Avatar
    Join Date
    Jun 2009
    Posts
    34,064

    Re: ज्योतिष

    दिन-राशी- गृह
    सात दिन होते है, इतवार, सोमवार, मंगलवार,बुधवार, गुरुवार,शुक्रवार,श निवार. ये सात दिन सात गृह का प्रतिनिधितिव करते है.
    वैदिक ज्योतिष में दो छाया गृह भी माने गए है जो की राहू और केतु है.
    इसी परकार वैदिक ज्योतिष में २७ नक्षत्र माने गए है, हर एक नक्षत्र के चार हिस्से होते है, जिनको गुना करने पे १०८ आता है और यहाँ पे भी याद रखना चाहिए की एक बहुत पवित्र अंक है, जो की तुलसी या रुद्राक्ष की माला में भी होते है जो की जाप करने या मंत्रो के उच्चारण करने के लिए प्रयोग होती है.

    दिन प्रतिनिधितिव गृह
    रविवार सूर्य
    सोमवार चंद्रमा
    मंगलवार मंगल और कुंजा
    बुधवार बुधवार
    गुरुवार गुरु
    शुक्रवार शुक्र
    शनिवार शनि

  8. #18
    सदस्य anita's Avatar
    Join Date
    Jun 2009
    Posts
    34,064

    Re: ज्योतिष

    Quote Originally Posted by sushilnkt View Post
    लाल किताब एक इंडिया में रहते हुए विदेसी द्वारा लिखी गयी हे ... उस ने अग्रेजो के सासन काल में पूरा भारत गुमकर हमारे दुवारा की जाने वाली टोटको को उसने लाल किताब का रुप दिया हे ....
    नहीं ऐसा नहीं है ये किताब पंडित रूप चन्द्र जोशी द्वारा लिखी गयी है, ये ५ किताबो का संग्रह है, और ये उर्दू भाषा में लिखी गयी है, मूलतः अब इसका हिंदी भाषा में रूपांतर मिलता है.

  9. #19
    सदस्य hardeepmaan's Avatar
    Join Date
    Jul 2009
    Location
    Punjab
    Age
    37
    Posts
    454

    Re: ज्योतिष

    आज कल टीवी चेनलों पर बहुत सारे जोतिश आ रहे है जैसे की ये हर वार कहते है
    7-7-2007 7,7,7 को ये होगा 8-8-2008 8,8,8 वो होगा
    9-9-2009 9,9,9 यहाँ तबाही आएगी 10-10-2010 10,10,10 ये साल आप के लिए अच्छा नहीं है
    और 11-11-2011 11,11,11 में आप को दान जादा करना चाहिए इस में आप को लाब होगा ये लोग इतना जूठ क्यूं बोलते है क्या सिर्फ पैसे के लिए
    मेरे यहाँ एक पडोसी है उन्हों ने एक टीवी वाले पंडित को बुला लिए (ओक्टुबर 2011 को उनके घर आया था )
    वो पंडित इतना मशहूर है की मेरे खेयाल से हर कोई उसका नाम जनता होगा उस ने सबसे पहले कहा की आपके घर का वास्तु सास्तर ठीक नहीं है और उनके अछे भले घर का सतियानाश कर दिया
    मैं थोडा वियस्त हो गिया हु एक ज़रूरी जानकारी बाद में

  10. #20
    कांस्य सदस्य Raman46's Avatar
    Join Date
    Apr 2010
    Location
    Anandparvat
    Age
    30
    Posts
    12,816

    Re: ज्योतिष

    ज्योतिष विद्या या ज्योतिष विज्ञान कुछ भी कह लें / ये है वाश्ताविक में / पर आज कल जिस तरह से इसका अंधाधुंध प्रचार परसार किया जा रहा है वाकई में एक गहन सोच का विषय बनता जा रहा है / मुल्ला मौलवी तथा पाखंडी पंडित जम कर अपना उल्लू सीधा करते नजर आ रहे है / झोला छाप डॉक्टर की तरह / इनका जाल कुकुर मुत्ते की तरह अपना दानवी रूप हर ओर दिखने लगा है / साधारण पब्लिक इनके चंगुल का शिकार हुए जा रहे है / रटी रटाई भाषा का इस्तेमाल कर जनता को वेबकुफ़ बनाया जा रहा है / भविष्य बताने के नाम पर ये ज्योतिष महाराज अपना खजाना भर रहे हैं / इनके चंगुल से हमें बचाना होगा / ये अपने बारें में तो कुछ जानते नही हमें हमारा भविष्य बताने जा रहे है/ सावधान रहने की जरुरत है यैसे पाखंडी भविष्य कर्ता से .....................
    'अगर हम उत्सुक और उत्साहित हों तो चीजें अपने आप रोचक हो जाती हैं।'

Page 2 of 178 FirstFirst 12341252102 ... LastLast

Posting Permissions

  • You may not post new threads
  • You may not post replies
  • You may not post attachments
  • You may not edit your posts
  •