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Thread: कुछ दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण जानकारियाँ

  1. #1
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    Question कुछ दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण जानकारियाँ

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    मेरे इस सूत्र में कुछ दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण जानकारियाँ आपको शेयर की जाएँगी .
    अतः आप सभी दोस्तों से आग्रह है की आप अवस्य ही रिप्लाई दे.




    yaha aap logo ke liye mahtavpurn jankari share ki jayegi, ye sutr apne aap me gyan ka bhandar hai

    Here, Important Knowledge will be shared with you.

    Last edited by anita; 08-01-2016 at 11:57 PM.

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  2. #2
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    Re: कुछ दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण जानकारियाँ

    गंगाजल काफ़ी दिनों तक रखने के बावजूद ख़राब नहीं होता है जबकि साधारण जल कुछ दिनों में ख़राब हो जाता है, क्यों?

    गोमुख से निकली भागीरथी, देवप्रयाग में अलकनंदा से मिलती है. यहाँ तक आते-आते इसमें कुछ चट्टानें घुलती जाती हैं जिससे इसके जल में ऐसी क्षमता पैदा हो जाती है जो पानी को सड़ने नहीं देती. हर नदी के जल की अपनी जैविक संरचना होती है, जिसमें ख़ास तरह के घुले हुए पदार्थ रहते हैं जो कुछ क़िस्म के बैक्टीरिया को पनपने देते हैं कुछ को नहीं. बैक्टीरिया दोनों तरह के होते हैं, वो जो सड़ाते हैं और जो नहीं सड़ाते. वैज्ञानिक शोध से पता चला है कि गंगा के पानी में ऐसे बैक्टीरिया हैं जो सड़ाने वाले कीटाणुओं को पनपने नहीं देते, इसलिए पानी लंबे समय तक ख़राब नहीं होता. इस जल मैं बहुत तरह के जड़ी बूटी के भी अंश बहुतायत मात्र में पाए जाते हैं .

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  3. #3
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    Re: कुछ दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण जानकारियाँ

    हाथ की उंगलियों के नाख़ून, पैर की उंगलियों के नाख़ून की अपेक्षा जल्दी बड़े हो जाते हैं, क्यों?

    हाथ की उंगलियों के नाख़ून को जड़ से आगे बढ़ने में छः महीने लगते हैं जबकि पैर की उंगलियों के नाख़ून को कोई साल भर लगता है. हमारे नाख़ून कैराटिन नाम के एक प्रोटीन से बनते हैं. इनकी जड़ उँगली की खाल के भीतर होती है और नाख़ून का यही भाग जीवित होता है और दिखने वाला भाग मृत. इसीलिए जब हम नाख़ून काटते हैं तो हमें कोई तकलीफ़ नहीं होती. हाथ की उंगलियों के नाख़ून के अधिक तेज़ी से बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं. हाथ की उंगलियां बराबर हरकत में रहती हैं इसलिए उन्हे ख़ून की सप्लाई अधिक मिलती है, उन्हे पानी, धूप और हवा भी ज़्यादा मिलती है, फिर खुले में होने की वजह से उनकी टूट फूट अधिक होती है. कुछ आनुवांशिक कारण भी होते हैं.

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  4. #4
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    Re: कुछ दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण जानकारियाँ

    अगर विदेश यात्रा या लंदन यात्रा करते हुए किसी का पासपोर्ट खो जाए तो उस व्यक्ति के साथ क्या व्यवहार किया जाता है. क्या उसे जेल भेज दिया जाता है?

    बिल्कुल नहीं. अगर आपका पासपोर्ट खो जाए या चोरी हो जाए तो उसकी पुलिस रिपोर्ट करानी पड़ती है और उसकी संदर्भ संख्या लेकर भारतीय दूतावास जाना होता है. वहाँ आपको ऐल फ़ार्म मिलेगा, जिसे भर के जमा कराना होगा. ये फ़ार्म आपको दूतावास की वैबसाइट से भी मिल सकता है.
    अगर आपके पास खोए हुए पासपोर्ट की फ़ोटो कॉपी है तो सहूलियत हो जाएगी. फिर पासपोर्ट अधिकारी उस केंद्र के पासपोर्ट अधिकारी से सम्पर्क करेगा जहाँ से आपका पासपोर्ट जारी हुआ था. एक बार आपकी पहचान सुनिश्चित हो जाए तो आपको डुप्लिकेट पासपोर्ट जारी हो जाएगा. अगर आपके पास खोए हुए पासपोर्ट की फ़ोटोकॉपी नहीं है तो भी एक आपात सर्टिफ़िकेट जारी किया जा सकता है जिससे आप स्वदेश लौट सकते हैं.

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  5. #5
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    Re: कुछ दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण जानकारियाँ

    सूमो पहलवान इतने विशालकाय क्यों होते हैं ?

    सूमो कुश्ती जापान की सबसे पुरानी युद्ध कलाओं में से एक है. इसकी जड़ें शिंतो धर्म में मिलती हैं. अच्छी फ़सल के लिए देवताओं के आगे सूमो कुश्तियाँ कराई जाती थीं. ये परंपरा कोई डेढ़ हज़ार साल पुरानी है. सूमो कुश्ती शुरु होने से पहले कई अनुष्ठान किए जाते हैं और फिर दोनों पहलवान उस घेरे में प्रवेश करते हैं जिसे दोयो कहा जाता है. सारा खेल प्रतिपक्षी को घेरे के बाहर फेंकने या उसे धराशायी करने का है. और इसमें सत्तर तरह के दांव-पेंच इस्तेमाल किए जाते हैं.
    सूमो पहलवानों का वज़न भी बड़ा काम आता है. आमतौर पर पहलवानों का वज़न 250 पाउंड से 500 पाउंड के बीच होता है, क्यों, इसका कारण शायद ये है कि भारी भरकम काया ताक़त की प्रतीक है.

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  6. #6
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    Re: कुछ दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण जानकारियाँ

    अंग्रेज़ी चिकित्सा पद्धति ऐलोपैथी का जनक कौन है?
    हिपोक्रेटस को ऐलोपैथी का जनक माना जाता है. उनका जन्म ईसा से 460 वर्ष पूर्व हुआ था. वो अपने काल के सबसे महान चिकित्सक थे. उनकी चिकित्सा पद्धति मानव शरीर के विशद अध्ययन पर आधारित थी. उस समय बीमारियों को दुष्ट आत्माओं का प्रकोप या देवताओँ की नाराज़गी का कारण माना जाता था लेकिन हिपोक्रेटस ने इस मिथक को दूर किया और कहा कि हर बीमारी का कोई शारीरिक और तार्किक कारण होता है.
    दिलचस्प बात ये है कि डॉक्टरी की परीक्षा पास कर लेने के बाद हरेक को हिपोक्रेटस की शपथ लेनी पड़ती है.

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  7. #7
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    Re: कुछ दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण जानकारियाँ

    भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का डिज़ाइनर कौन था?

    फ़्रांसीसी क्रांति और उसके नारे स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का भारतीय राष्ट्रवाद पर गहरा असर पडा. सन् 1831 में जब राजा राम मोहन राय इंग्लैंड जा रहे थे तो उन्हें एक फ्रांसीसी जहाज़ पर फ़्रांस का झंडा लहराता दिखाई दिया. उसमें भी तीन रंग थे. 1857 की क्रांति ने भारतवासियों के दिल में आज़ादी के बीज बो दिए.
    बीसवीं शताब्दी में जब स्वदेशी आंदोलन ने ज़ोर पकड़ा तो एक राष्ट्रीय ध्वज की ज़रूरत महसूस हुई. स्वामी विवेकानंद की शिष्या सिस्टर निवेदिता ने सबसे पहले इसकी परिकल्पना की.
    फिर 7 अगस्त 1906 को कोलकाता में बंगाल के विभाजन के विरोध में एक रैली हुई जिसमें पहली बार तिरंगा झंडा फहराया गया. समय के साथ इसमें परिवर्तन होते रहे लेकिन जब अंग्रेज़ों ने भारत छोड़ने का फ़ैसला किया तो देश के नेताओं को राष्ट्रीय ध्वज की चिंता हुई.
    डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में एक ध्वज समिति का गठन किया गया और उसमें यह फ़ैसला किया गया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के झंडे को कुछ परिवर्तनों के साथ राष्ट्र ध्वज के रूप में स्वीकार कर लिया जाए, ये तिरंगा हो और इसके बीच में अशोक चक्र हो.

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    Re: कुछ दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण जानकारियाँ

    ईसा मसीह के सलीब पर आई ऐन आर आई लिखा रहता है, उसका क्या मतलब है?


    ये लैटिन भाषा के वाक्यांश Iesus Nazarenus Rex Iudaeorum का संक्षिप्त रूप है. इसका मतलब है नैज़ेरथ के ईसा यहूदियों के राजा. जिस तरह अपराधियों को पहचान के लिए कोई संख्या दी जाती है उसी तरह ये ईसा की पहचान थी जब उन्हें सूली पर चढ़ाया गया था.

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  9. #9
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    Re: कुछ दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण जानकारियाँ

    1896 के ओलंपिक खेल कहाँ हुए थे ?

    1896 के ओलंपिक खेल ग्रीस के एथेंस शहर में हुए थे. प्राचीन ग्रीस में चार खेल उत्सव हुआ करते थे, इस्थमियंस, नीमियंस, पायथियंस और ओलंपियाड. ओलंपिक खेल हर चार साल के बाद ओलंपिया में आयोजित होते थे. ये इतने महत्वपूर्ण माने जाते थे कि उन दिनों लड़ाइयाँ भी रुक जाती थीं. पहले ओलंपिक खेल 776 ईसा पूर्व हुए. एक हज़ार वर्ष तक ये क्रम चलता रहा लेकिन फिर बाइज़ैनटाइन सम्राट थियोडोसियस ने सन् 394 में इन्हें बंद कर दिया.
    पहले आधुनिक ओलंपिक खेलों का सिलसिला शुरू हुआ सन् 1896 में और इसका उद्देश्य था विभिन्न राष्ट्रों के बीच समझ और मैत्री विकसित करना.

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    Re: कुछ दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण जानकारियाँ

    भारत की राजधानी कोलकाता से दिल्ली कब लाई गई. ?

    सन् 1911 में. 1772 में कोलकाता को ब्रिटिश इंडिया की राजधानी बनाया गया था और भारत के प्रथम गवर्नर जनरल वॉरैन हेस्टिंग्स सभी महत्वपूर्ण कार्यालय मुर्शीदाबाद से कोलकाता ले गए थे. लेकिन फिर सन् 1911 में दिल्ली को फिर से राजधानी बनाया गया.

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