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  • vishal's Avatar
    22-07-2017, 06:51 PM
    उदाहरण के तौर पर आज अगर कोई कहता है इस पर प्रेत साया है प्रेत भूत बाधा है तो आज इसको सिद्ध करने का हमारे पास कोई तरीका नही केवल विज्ञान को आधार...
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  • vishal's Avatar
    22-07-2017, 06:46 PM
    अगर उनसे ये सवाल पूछा जाए प्रभु जब आपने ये सब करके इतना ज्ञान प्राप्त कर ही लिया तो उन सबमे हमे क्यो उलझा रहे हो सीधा साधा जो रास्ता है उसे बता कर...
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  • vishal's Avatar
    22-07-2017, 06:43 PM
    किसी भी तरह गुरु मिल भी गया तो जब तक गुरु की योग्यता की पहचान होगी और गर गुरुजी पाखंडी निकले इन सब चीज़ों से अपने आप ही विरक्ति होने लगेगी । अब...
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  • vishal's Avatar
    22-07-2017, 06:41 PM
    इसका तर्क देते हुए कुछ लोग कहते है सामर्थ्यवान योग्य और समर्पित शिष्य न मिलने की वजह से इसको आगे नही दिया जा सका । बहुत खूब …..क्या इक वैज्ञानिक...
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  • vishal's Avatar
    22-07-2017, 06:39 PM
    अगर आत्मज्ञान खुद प्राप्त हुआ तो इसका अर्थ उसको जप तप साधनाओ की और गुरु की आवश्यकता ही नही पड़ी जैसे गौतम बुद्ध उन्होंने अपने स्तर पर निर्वाण...
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  • vishal's Avatar
    22-07-2017, 06:38 PM
    क्या इस दुनिया के अलावा और भी किसी आलौकिक दुनिया का अस्तित्व है जो कथा कहानियों आदि में सुनते आए हैं। न जाने कितने संतो के व्रतांत कितने योगियों...
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  • vishal's Avatar
    22-07-2017, 06:31 PM
    पराशक्ति अलौकिक दुनिया के अनुभव जिन्न भूत प्रेत परियां चुड़ैल और न जाने कितने ही चरित्र बचपन से लेकर आज तक सभी ने सुने होंगे । कभी मन मे जिज्ञासा...
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  • vishal's Avatar
    17-07-2017, 07:42 PM
    - मुझे माफ़ कर दो । बोतल से बँधा पिशाच गिङगिङाया - जोगी की शक्ति पाकर मैं मतवाला हो गया था । प्रेतत्व की मर्यादा भूल गया था । मैंने एक पतिवृता स्त्री...
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  • vishal's Avatar
    17-07-2017, 07:39 PM
    - दिव्य । फ़िर वह बोली - आप थोङा अलग हो जायें । ये कठिनता से शरीर त्यागेगा । प्रसून लिली का हाथ थामे परे हो गया । मृत्युकन्या की भयानक गण सेना...
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  • vishal's Avatar
    17-07-2017, 07:34 PM
    लिली भौंचक्का रह गयी । प्रसून ने एक गहरी सांस ली । और ढेर सारा पानी जोगी के सर पर उङेल दिया । - आप । फ़िर वह दुखी स्वर में बोला - बच जाओगे महाराज...
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  • vishal's Avatar
    17-07-2017, 07:30 PM
    फ़िर उसने खुद को संभाला । और आगे देखते हुये ड्राइव करने लगा । गाङी जंगल की सीमा में प्रवेश कर गयी । और बमुश्किल ही जोगी के सिद्ध मठ तक पहुँची । ...
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  • vishal's Avatar
    17-07-2017, 07:27 PM
    वह बङी दक्षता से कार चला रहा था । स्टेयरिंग पर उसके हाथ मजबूती से जमे हुये थे । - प्रसून जी । सङक पर देखती हुयी लिली अचानक उससे चिपक कर बोली - तुम...
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  • vishal's Avatar
    17-07-2017, 07:22 PM
    आँसू आज दिनकर जोगी की आँखों से भी बह रहे थे । पश्चाताप के आँसू । जीवन की सभी अच्छी बुरी घटनायें उसे रह रहकर याद आ रही थीं । अपने अखण्ड साम्राज्य के...
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  • vishal's Avatar
    17-07-2017, 07:08 PM
    एकाएक उन्हें कुछ न सूझा । तब उसी ने फ़ोन लिया । और बोला - हल्लो ! - देखिये । उस तरफ़ से आवाज आयी । तो उसने लाउड मोड सैट किया - खुशखबरी है । आपके...
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  • vishal's Avatar
    17-07-2017, 07:03 PM
    अगला दिन । शायद इसी को कहते हैं - मालिक से सब होत हैं । बन्दे से कुछ नाहिं । राई को पर्वत करे । पर्वत राई माँहि । अगला दिन । जहाँ जोगी के लिये...
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  • vishal's Avatar
    17-07-2017, 06:56 PM
    - मालिक । उसे पिशाच की दयनीय आवाज सुनाई दी - मुझ पर दया करो । इस योग किरण से मुझे बचाओ । ये मुझे जला रही है । - सब खत्म हो गया । वह नशे में...
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  • vishal's Avatar
    17-07-2017, 06:55 PM
    उसने गहरी सांस ली । शायद वाकई चिङिया खेत चुग गयी थी । वह हवाओं का राजा था । किस्म किस्म की प्रेत वायु उसकी चाकरी में रहती थी । पर आज जिन अशरीरी...
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  • vishal's Avatar
    17-07-2017, 06:53 PM
    - मालिक । पिशाच गिङगिङाता हुआ सा बोला - मुझ पर दया करो । इस योग किरण से मुझे बचाओ । ये मुझे जला देगी । जोगी के चौङे माथे पर चिंता की गहरी लकीरें...
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  • vishal's Avatar
    17-07-2017, 12:33 PM
    अब समझ आया आखिर माजरा क्या है लंगूर के मुँह में अंगूर वाली कहावत इसी आधार पर रची गई है शायद
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  • vishal's Avatar
    17-07-2017, 12:30 PM
    बिल्कुल सत्य और सटीक रचना
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  • vishal's Avatar
    17-07-2017, 09:03 AM
    - माँ जी । वह गम्भीरता से बोला - सच तो यही है कि मैं एक इंसान हूँ । सिर्फ़ एक इंसान । एक सीधा सच्चा । भगवान को मानने वाला इंसान । न मैं हिन्दू । न...
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  • vishal's Avatar
    17-07-2017, 09:01 AM
    - कमाल है । वह हैरत से आश्चर्य में डूबा हुआ सा बोला - ये तो कमाल ही हो गया । माँ जी ये उपाय आपको जिन महात्मा ने बताया होगा । वह निश्चय ही बङी पहुँच...
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  • vishal's Avatar
    17-07-2017, 09:00 AM
    उसने एक गहरी सांस ली । ज्ञान का पँथ कृपाण की धारा । - कसम तो । वह भावहीन स्वर में बोला - खाई ही झूठ बोलने के लिये जाती है । कसम उठाने का साफ़ अर्थ...
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  • vishal's Avatar
    17-07-2017, 08:57 AM
    और फ़िर रात के ग्यारह बजे । जब मंजरी और लिली सो रही थी । तब वह कुछ निश्चिंत हुआ । कम से कम आज की रात उसके लिये चैन से सोने की रात थी । वह मोटे...
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  • vishal's Avatar
    17-07-2017, 08:53 AM
    तारा उसी के पास जमीन पर बैठी थी । और वह उसके घाव कुरेद रहा था । सहला रहा था । मरहम भी लगा रहा था । सही ही था । उस घर में जैसे गुजरा वक्त फ़िर से चल...
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  • vishal's Avatar
    17-07-2017, 08:51 AM
    धन्यबाद श्रीराम जी
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  • vishal's Avatar
    16-07-2017, 06:59 PM
    पर अभी भी बहुत कुछ बाकी था । रोग बहुत कट गया था । पर अभी भी बहुत रह गया था । उसने रोग निवारण हेतु औषधि भी खिला दी थी । रोग प्रतिरोधक औषधि की...
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  • vishal's Avatar
    16-07-2017, 06:57 PM
    तारा और मंजरी । दोनों को बस एक झटका सा लगा था । जैसे अचानक डरावना ख्वाव देखकर । महीनों बाद । अभी अभी नींद से जागी हों । जैसे अचानक बेहोशी टूटी हो ।...
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  • vishal's Avatar
    16-07-2017, 06:52 PM
    पागलों को समझाना आसान है । पर दुनियाँ के पागलों को समझाना बहुत कठिन है । उस छोटे से शहर में ये खबर जंगल की आग की तरह फ़ैल गयी । तारा के घर के...
    74 replies | 694 view(s)
  • vishal's Avatar
    16-07-2017, 06:51 PM
    तम का अँधेरा मिट रहा था । सत का उजाला फ़ैल रहा था । अभी मंजरी के उस प्रेम घरौंदे की खुशियाँ तो नहीं लौटी थी । तारा के बगीचे के वे दो चिङा चिङी भी...
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अंतर्द्वंद और रहस्य 22-07-2017 06:51 PM
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