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Thread: आरक्षण

  1. #1
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    आरक्षण

    * जो लोग मानते हो की आरक्षण की वजह से ही देश बर्बाद हुआ है, तो फिर यह पोस्ट सिर्फ उनके लिए ही है....जरूर पढ़ें!
    *"लश्कर भी तुम्हारा है, सरदार भी तुम्हारा है।*
    *तुम झूठ को सच लिख दो अखबार भी तुम्हारा है।*
    *तुम जो कहो वो सच, हम जो कहें वो झूठ*
    *मुल्क में नफरत का ऐसा तूफान मचा ड़ाला है।"*
    *कुछ बुद्धिमान बोलते है कि आरक्षण ने देश को बर्बाद कर दिया"*

    *(1) अब आप बताइये कि देश आजाद होने के बाद 14 व्यक्ति देश के राष्ट्रपति बने उनमे से कितने आरक्षण वाले बने....*
    *(2) 15 प्रधानमन्त्री बने उनमे से कितने आरक्षण वाले बने...*
    *(3) 43 उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायधीश बने कितने आरक्षण वाले बने...*
    *(4) 19 मुख्य चुनाव आयुक्त बने उनमे से कितने आरक्षण वाले बने...*
    *(5) देश के जो बड़े घोटाले हुए उनमे कितने ओबीसीे SC/ST घोटालेबाज हैं, बताएं ज़रा...*
    *(6) आप बताइये भारत देश में कितने SC/ST लोग ऐसे बड़े कॉर्पोरेट घरानों के व्यवसायी हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं ?*
    *(7) अब आप बताइये देश को बर्बाद कौन कर रहा है....अगर सम्भावित ब्लैकमनी वालो की लिस्ट देखें तो कोई आरक्षण वाला नजर नही आता...*
    *(8) तो फिर देश को बर्बाद कौन कर रहा है..*
    *(9) जितने लोग बेंको का रूपया हज़्म करके बैठे है या भाग गए उनमे कितने आरक्षण वाले है शायद कोई नही तो फिर देश को बर्बाद कौन कर रहा है....*
    *(10) बड़े बड़े ठेकेदार जो सरकारी ठेके लेते है रोड बनाते है सरकारी बिल्डिंग्स बनाते है उनमे कितने आरक्षण वाले है तो जवाब मिलेगा 1 या 2 % ।*
    *(11) तो फिर इस देश को बर्बाद आरक्षण कर रहा है या फिर मेरिट वाले...*
    *(12) जब ब्लैक मनी लिस्ट में एक भी नाम रिजर्व कैटेगरी के लोगों का नही, सारे नाम जनरल के हैं । फिर भी कुछ बेवकूफ कहते हैं कि देश को रिजर्वेशन वाले बर्बाद कर रहे हैं....सच में इससे बड़ा जोक कोई और हो ही नही सकता !!*
    *(13) बोफोर्स तोप घोटाला, कॉमन वैल्थ घोटाला, आदर्श सोसायटी घोटाला, सत्यम घोटाला, काला धन घोटाला, स्टाम्प घोटाला, यूरिया घोटाला, सुखराम टेलिकॉम घोटाला, शेयर घोटाला, चीनी घोटाला....बहुत लंबी सूची है इन घोटालों की, ये सभी घोटाले क्या आरक्षण प्राप्त लोगों ने किये हैं ? बताएँगे इसमें किसी ST/SC का नाम ?*
    *कब तक बेवकूफ बनाते रहोगे*
    *और हाँ ! फिर भी हम लोग अपने हुनर और काबलियत से थोडा सा आरक्षण का सहारा पा कर क्या कामयाब होने लगे, आपके पेट में मरोड़े उठने लगे....*
    *" जिनको अपनी थोथी मेरिट पे घमंड है और आरक्षण से परेशानी है वो अपने बच्चों को 5 साल वहाँ पढ़ाए जहाँ ग़रीब और किसानों के बच्चे अभावों में रहकर पढ़ते हैं,*
    *फिर देखना सारी मेरिट हवा न हो जाए तो कहना !!!"*
    *और यदि कुछ तथाकथित उच्चवर्ग के लोग ये कहते हैं की, वो किसी से भेदभाव नही करते....तो उनसे एक ही सवाल ?*
    *क्या वो SC/STपरिवार से रोटी - बेटी का रिश्ता करने को तैयार हैं, जातियाँ खत्म करने को तैयार है।। अगर नही...*
    *तो फिर मान लीजिये अभी आरक्षण ख़त्म नही होना चाहिए...*


    *निवेदन एवं आग्रह *
    *आपको सिर्फ 10 लोगो को ये मेसेज फॉरवर्ड करना है और वो 10 लोग भी दुसरे 10 लोगों को मेसेज करें ।*
    *इस प्रकार*
    *1 = 10 लोग*
    *यह 10 लोग अन्य 10 लोगों को मेसेज करेंगे*
    *इस प्रकार :-*
    *10 x10 = 100*
    *100x10=1000*
    *1000x10=10000*
    *10000x10=100000*
    *100000x10=1000000*
    *1000000x10=10000000*
    *10000000x10=100000000*
    *100000000x10=100000 number but 0000 (100 करोड़ )*
    *बस आपको तो एक कड़ी जोड़नी है देखते ही देखते सिर्फ आठ steps में पूरा देश जुड़ जायेगा।*
    मौत को लोग यूहि बदनाम करते है तकलीफ तो जिंदगी देती है

  2. #2
    कर्मठ सदस्य pkpasi's Avatar
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    बामनो का नंगा सच -इसलिये हिन्दू हिन्दू कर रहा है मूर्ख बना रहा है सबको ?
    इस पोस्ट को जरुर पढ़े लेखक डा0 हीरालाल यादव पीएचडी; इतिहास ; बधाई के पात्र हैं।


    आप सभी बहनो भाइयो
    से अनुरोध हे दो minute
    का टाइम निकाल कर ये
    पोस्ट जरूर पढे ।


    अंग्रेजों ने भारत पर 150 वर्षों तक राज किया ब्राह्मणों ने उनको भगाने
    का हथियार बन्द
    आंदोलन क्यों चलाया?


    जबकि भारत पर सबसे पहले हमला मुस्लिम
    शासक मीर काशीम ने 712ई. किया! उसके बाद महमूद गजनबी, मोहमंद गौरी,चन्गेज खान ने हमला किये और फिर कुतुबदीन एबक, गुलाम वंश, तुग्लक वंश, खिल्जीवंश, लोदि वंश
    फिर मुगल आदी वन्शो
    ने भारत पर राज किया
    और खूब अत्याचार
    किये लेकिन ब्राह्मण ने
    कोइ क्रांति या आंदोलन
    नही चलाया! फिर
    अन्ग्रेजो के खिलाफ़ ही
    क्यो क्रांति कर दी


    जानिये क्रांति और आंदोलन की वजाह


    1- अंग्रेजो ने 1795
    में अधिनयम 11 द्वारा
    शुद्रों को भी सम्पत्ति
    रखने का कानून बनाया।


    2- 1773 में ईस्ट इंडिया
    कम्पनी ने रेगुलेटिग एक्ट
    पास किया जिसमें न्याय
    व्यवस्था समानता पर
    आधारित थी।6 मई 1775
    को इसी कानून द्वारा
    बंगाल के सामन्त ब्राह्मण
    नन्द कुमार देव को फांसी हुई थी।


    3- 1804 अधिनीयम 3 द्वारा कन्या हत्या पर रोक अंग्रेजों नेलगाई (लडकियों के पैदा होते ही तालु में अफीम चिपकाकर, माँ के
    स्तन पर धतूरे का
    लेप लगाकर, एवम्
    गढ्ढाबनाकर उसमें दूध डालकर डुबो कर मारा जाता था


    4- 1813 में ब्रिटिश सरकार
    ने कानून बनाकर शिक्षा
    ग्रहण करने का सभी
    जातियों और धर्मों के
    लोगों को अधिकार दिया।


    5- 1813 में ने दास प्रथा
    का अंत कानून बनाकर किया।


    6- 1817 में समान नागरिक
    संहिता कानून बनाया
    (1817 के पहले सजा का
    प्रावधान वर्ण के आधार
    पर था। ब्राह्मण को कोई
    सजा नही होती थी ओर
    शुद्र को कठोर दंड दिया
    जाता था। अंग्रेजो ने सजा
    का प्रावधान समान कर
    दिया।)


    7- 1819 में अधिनियम 7
    द्वारा ब्राह्मणों द्वारा शुद्र
    स्त्रियों के शुद्धिकरण पर
    रोक लगाई। (शुद्रोंकी शादी
    होने पर दुल्हन को अपने
    यानि दूल्हे के घर न जाकर
    कम से कम तीन रात ब्राह्मण के घर शारीरिक सेवा देनी पड़ती थी।)


    8- 1830 नरबलि प्रथा पर
    रोक ( देवी -देवता को प्रसन्न
    करने के लिए ब्राह्मण शुद्रों,
    स्त्री व् पुरुष दोनों को मन्दिर
    में सिर पटक पटक कर
    चढ़ा देता था।)


    9- 1833 अधिनियम 87
    द्वारा सरकारी सेवा में भेद
    भाव पर रोक अर्थात
    योग्यता ही सेवा का
    आधार स्वीकार किया
    गया तथा कम्पनी के
    अधीन किसी भारतीय
    नागरिक को जन्म स्थान,
    धर्म, जाति या रंग के
    आधार पर पद से वंचित
    नही रखा जा सकता है।


    10-1834 में पहला भारतीय विधि आयोग का गठन हुआ। कानून
    बनाने की व्यवस्था जाति,
    वर्ण, धर्म और क्षेत्र की भावना से ऊपर उठकर करना आयोग का प्रमुख उद्देश्य था।


    11-1835 प्रथम पुत्र को गंगा दान पर रोक (ब्राह्मणों ने नियम बनाया
    की शुद्रों के घर यदि पहला
    बच्चा लड़का पैदा हो तो
    उसे गंगा में फेंक देना
    चाहिये।
    पहला पुत्र ह्रष्ट-पृष्ट एवं
    स्वस्थ पैदा होता है।यह
    बच्चा ब्राह्मणों से लड़ न
    पाए इसलिए पैदा होते ही
    गंगा को दान करवा देते थे।


    12- 7 मार्च 1835 को
    लार्ड मैकाले ने शिक्षा
    नीति राज्य का विषय
    बनाया और उच्च शिक्षा
    को अंग्रेजी भाषा का
    माध्यम बनाया गया।


    13- 1835 को कानूनबनाकर अंग्रेजों ने शुद्रों को कुर्सी पर बैठने का अधिकार दिया।


    14- दिसम्बर 1829 के
    नियम 17 द्वारा विधवाओं
    को जलाना अवैध घोषित कर सती प्रथा का अंत किया।


    15- देवदासी प्रथा पर
    रोक लगाई।ब्राह्मणों के
    कहने से शुद्र अपनी
    लडकियों को मन्दिर की
    सेवा के लिए दान देते थे। मन्दिर के पुजारी उनका
    शारीरिक शोषण करते थे।
    बच्चा पैदा होने पर उसे
    फेंक देते थे।और उस
    बच्चे को हरिजन नाम
    देते थे।
    1921 को जातिवार जनगणना के आंकड़े के अनुसार अकेले मद्रास में कुल जनसंख्या 4 करोड़
    23 लाख थी जिसमें 2
    लाख देवदासियां मन्दिरों
    में पड़ी थी।
    यह प्रथा अभी भी दक्षिण भारत के मन्दिरो में चल
    रही है।


    16- 1837 अधिनियम द्वारा ठगी प्रथा का अंत किया।


    17- 1849 में कलकत्ता
    में एक बालिका विद्यालय
    जे ई डी बेटन ने स्थापित
    किया।


    18- 1854 में अंग्रेजों ने
    3 विश्वविद्यालय कलकत्ता
    मद्रास और बॉम्बे में
    स्थापित किये। 1902 मे
    विश्वविद्यालय आयोग
    नियुक्त किया गया।


    19- 6 अक्टूबर 1860
    को अंग्रेजों ने इंडियन
    पीनल कोड बनाया।
    लार्ड मैकाले ने सदियों
    से जकड़े शुद्रों की
    जंजीरों को काट दिया
    ओर भारत में जाति, वर्ण
    और धर्म के बिना एक
    समान क्रिमिनल लॉ
    लागु कर दिया।


    20- 1863 अंग्रेजों ने कानून बनाकर चरक पूजा पर रोक लगा दिया (आलिशान भवन एवं पुल
    निर्माण पर शुद्रों को
    पकड़कर जिन्दा चुनवा
    दिया जाता था इस पूजा
    में मान्यता थी की भवन
    और पुल ज्यादा दिनों
    तक टिकाऊ रहेगें।


    21- 1867 में बहू विवाहप्रथा पर पुरे देश में प्रतिबन्ध लगाने के
    उद्देश्य से बंगाल सरकार
    ने एक कमेटी गठित किया ।


    22- 1871 में अंग्रेजों ने भारत में जातिवार गणना प्रारम्भ की। यह जनगणना 1941 तक हुई । 1948 में पण्डित नेहरू ने कानून बनाकर जातिवार गणना पर रोक लगा दी।


    23- 1872 में सिविल
    मैरिज एक्ट द्वारा 14
    वर्ष से कम आयु की कन्याओं एवम् 18 वर्ष से कम आयु के लड़को
    का विवाह वर्जित करके
    बाल विवाह पर रोक
    लगाई।


    24- अंग्रेजों ने महार और चमार रेजिमेंट बनाकर
    इन जातियों को सेना में
    भर्ती किया लेकिन 1892
    में ब्राह्मणों के दबाव के कारण सेना में अछूतों की भर्ती बन्द हो गयी।


    25- रैयत वाणी पद्धति अंग्रेजों ने बनाकर प्रत्येक पंजीकृत भूमिदार को
    भूमि का स्वामी स्वीकार
    किया।


    26- 1918 में साऊथ
    बरो कमेटी को भारत मे अंग्रेजों ने भेजा। यह कमेटी भारत में सभी जातियों का विधि
    मण्डल (कानून बनाने
    की संस्था) में भागीदारी
    के लिए आया था। शाहू
    जी महाराज के कहने पर पिछङो के नेता भाष्कर
    राव जाधव ने एवम्
    अछूतों के नेता डा
    अम्बेडकर ने अपने लोगों
    को विधि मण्डल में
    भागीदारी के लिये
    मेमोरेंडम दिया।


    27- अंग्रेजो ने 1919 में भारत सरकार अधिनियम का गठन किया ।


    28- 1919 में अंग्रेजो ने ब्राह्मणों के जज बनने पर रोक लगा दी थी और
    कहा था की इनके अंदर
    न्यायिक चरित्र नही
    होता है।


    29- 25 दिसम्बर 1927
    को डा अम्बेडकर द्वारा
    मनु समृति का दहन किया।
    मनु स्मृति में शूद्रों और महिलाओं को गुलाम तथा भोग की वस्तु समझा जाता था
    एक पुरूष को अनगिनत शादियां करने का धार्मिक अधिकार है महिला अधिकार विहीन तथा दासी की स्थिति में थी। एक - एक औरत के अनगिनत सौतने हुआ करती थी औरतो- शूद्रों को सिर्फ और सिर्फ गुलामी लिखा है जिसको राक्षस मनु ने धर्म का नाम दिया है।


    30- 1 मार्च 1930 को
    डा अम्बेडकर द्वारा काला
    राम मन्दिर (नासिक)
    प्रवेश का आंदोलन
    चलाया।


    31- 1927 को अंग्रेजों ने कानून बनाकर शुद्रों के सार्वजनिक स्थानों पर जाने का अधिकार दिया।


    32- नवम्बर 1927 में साइमन कमीशन की नियुक्ति की। जो 1928 में भारत के अछूत लोगों की स्तिथि की सर्वे करने और उनको अतिरिक्त अधिकार देने के लिए आया। भारत के लोगों को अंग्रेज अधिकार न दे सके इसलिए इस कमीशन के भारत पहुँचते ही गांधी और लाला लाजपत राॅय ने इस कमीशनके विरोध में बहुत बड़ा आंदोलन चलाया। जिस कारण
    साइमन कमीशन अधूरी
    रिपोर्ट लेकर वापस
    चला गया। इस पर
    अंतिम फैसले के लिए
    अंग्रेजों ने भारतीय
    प्रतिनिधियों को 12
    नवम्बर 1930 को लन्दन गोलमेज सम्मेलन में
    बुलाया।


    33- 24 सितम्बर 1932
    को अंग्रेजों ने कम्युनल
    अवार्ड घोषित किया
    जिसमें प्रमुख अधिकार
    निम्न दिए----


    A--वयस्क मताधिकार


    B--विधान मण्डलों और
    संघीय सरकार में
    जनसंख्या के अनुपात
    में अछूतों को आरक्षण
    का अधिकार


    C--सिक्ख, ईसाई और मुसलमानों की तरह अछूतों (SC/ST )को भी स्वतन्त्र निर्वाचन के क्षेत्र का
    अधिकार मिला। जिन क्षेत्रों में अछूत प्रतिनिधिखड़े होंगे उनका चुनाव केवल अछूत ही करेगें।


    D--प्रतिनिधियोंको चुनने
    के लिए दो बार वोट का
    अधिकार मिला जिसमें
    एक बार सिर्फ अपने
    प्रतिनिधियों को वोट देंगे
    दूसरी बार सामान्य
    प्रतिनिधियों को वोट देगे।


    34- 19 मार्च 1928 को बेगारी प्रथा के विरुद्ध डा अम्बेडकर ने मुम्बई
    विधान परिषद में आवाज
    उठाई। जिसके बाद
    अंग्रेजों ने इस प्रथा को
    समाप्त कर दिया।


    35- अंग्रेजों ने 1 जुलाई 1942 से लेकर 10 सितम्बर 1946 तक डाॅ अम्बेडकर को वायसराय की कार्य साधक
    कौंसिल में लेबर मेंबर बनाया। लेबरो को डा अम्बेडकर ने 8.3 प्रतिशत आरक्षण दिलवाया।


    36-- 1937 में अंग्रेजों
    ने भारत में प्रोविंशियल गवर्नमेंट का चुनाव करवाया।


    37-- 1942 में अंग्रेजों
    से डा अम्बेडकर ने 50
    हजार हेक्टेयर भूमि को
    अछूतों एवम् पिछङो में
    बाट देने के लिए अपील
    किया ।
    अंग्रेजों ने 20 वर्षों की
    समय सीमा तय किया था।


    38- अंग्रेजों ने शासन प्रसासन में ब्राह्मणों की भागीदारी को 100% से 2.5% पर लाकर खड़ा
    कर दिया था।


    इन्ही सब वजाह से ब्राह्मणों
    ने अन्ग्रेजो के खिलाफ़
    क्रांति शुरू कर दी क्योकि
    अन्ग्रेजो ने शुद्रो और महिलाओं को सारे अधिकार दे दीये थे और
    सब जातियो के लोगो को एक समान अधिकार देकर सबको बराबरी मे लाकर खडा किया


    जनजागरण हेतु ज्यादा से ज्यादा ग्रुपों में शेयर करो ,आगे बढाओ
    भारत देश की अखण्डता बचाओ पाखण्ड मुक्त भारत बनाओ
    मौत को लोग यूहि बदनाम करते है तकलीफ तो जिंदगी देती है

  3. #3
    नवागत
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    one more leftist propa****a to malign the image of sanatan dharma

    every single word above in the post is a big lie

    thumbs down

  4. #4
    कर्मठ सदस्य pkpasi's Avatar
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    Quote Originally Posted by khirusingh View Post
    one more leftist propa****a to malign the image of sanatan dharma

    every single word above in the post is a big lie

    thumbs down
    अगर गलत लगता है तो इतिहास के पन्ने खगालकर देख लो
    मौत को लोग यूहि बदनाम करते है तकलीफ तो जिंदगी देती है

  5. #5
    नवागत
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    I read history

    analyze it

    only then i realize that above is crap

    if you use your wisdom you too will realize it sooner or later

  6. #6
    कर्मठ सदस्य pkpasi's Avatar
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    Quote Originally Posted by khirusingh View Post
    I read history

    analyze it

    only then i realize that above is crap

    if you use your wisdom you too will realize it sooner or later
    ये हिंदी सूत्र है इसलिए यहाँ हिन्दी लिपि मे ही लिखे।
    और रही बात ऊपर लिखी बातो की तो लगता है आपने इतिहास का गहन अध्ययन नही किया सिर्फ अग्रेजो के बारे मे कक्षा मे रटाया जाता है वही पढा है।
    मौत को लोग यूहि बदनाम करते है तकलीफ तो जिंदगी देती है

  7. #7
    नवागत
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    I know this is Hindi forum and sorry for my English as I did not know Hindi typing.

    Yes I read history in school but I used my consciousness with wisdom and read other books also and from their only I realize that whatever you mentioned above is a piece of crap before that I too believe the so called history you mentioned as truth

    To you I will say only one thing raise your wisdom and you will get every answer

    Simple

    Also one more thing I too belong to reservation category so don’t think I am misguiding you

    Thanks

  8. #8
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    यहाँ बात आजादी की नही ब्रामाणो द्वारा शूद्रो पर हुए अत्याचारो की है।
    मौत को लोग यूहि बदनाम करते है तकलीफ तो जिंदगी देती है

  9. #9
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    सुत्र का विषय आरक्षण है तो ईसी से शुरुआत करते है।
    यह सच है की आरक्षण एक गंभीर मसला है जो दायकों से विद्यार्थीयों को सहन करना पड़ रहा है। 'सहन करना' ईसलिए क्युं की राजनीतीक पार्टीयों ने ईसे अपनी अपनी तरह खुब हवा दी जिसके चलते आंदोलन और मनमुटाव हो रहें है। यह नात-जात का विषय ही एसा है की हरएक व्यक्ति ईसे बहुत गंभीरता से ले बैठता है। उपर से ईसे आरक्षण के साथ जोड़ कर एक बहुत तीक्ष्ण मुद्दा बन जाता है - अपने बच्चे का भविष्य। ईसके खातिर कोई भी ईन्सान मरने मारने पर उतारु हो सकता है। ईन्हीं ज्वलनशील मुद्दे पर राजनैतिक पार्टीयां अपना खेल खेलते आई है।
    महाठग आप ठगाईए, ओर न ठगिए कोय । आप ठगें सुख ऊपजे, ओर ठगें दुःख होय ॥

  10. #10
    कर्मठ सदस्य
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    जब कि देखा जाए तो आरक्षण एक बेकार सा मसला है जिसे ईतना उछाला जाना नहीं चाहिए था। आप दो विद्यार्थीयों के बीच तुलना कैसे कर सकतें है जिस में एक शहरी या उंची ज्ञाति का हो और दुसरा गांव या आरक्षित जाति का हो?

    पिछड़ी जाति का होने का मतलब पहले समजना होगा। यहां मां-बाप ने घनघोर गरीबी अपनी आंखो से देखी हुई होती है। अगर मां-बाप समृध्द हो फिर भी वे जानते है की उनकी पीछली पीढी के खाने के लाले थे और अगर उनके बच्चों को अगर नौकरी नहीं मिली तो उनके वापस वही हालात हो जाएंगे। यह एक डर हंमेशा उन्हें रहनेवाला है।

    पिछड़ी जाति के बच्चे को अगर पढना था तो मां-बाप उसे मजदूरी पर नहीं भेज सकते थे। भरपेट भोजन न मिलना, वाहन-व्यवरार बिलकुल न होना, अच्छी पाठशाला न होना, बिजली न होना, घर का काम होना, बिमारी और अभावों से आज....जी हां आज भे कई लोग लड़ रहें है और पढ भी रहे ं है ताकि उनका और घरवालों का भविष्य सुधरे। एसे में आरक्षण हटा देना बहुत बडी भुल होगी।
    महाठग आप ठगाईए, ओर न ठगिए कोय । आप ठगें सुख ऊपजे, ओर ठगें दुःख होय ॥

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