Page 9 of 10 FirstFirst ... 78910 LastLast
Results 81 to 90 of 95

Thread: मनहूस जिंदगी - एक मासूम लडका

  1. #81
    कर्मठ सदस्य pkpasi's Avatar
    Join Date
    Jun 2009
    Posts
    1,824
    मै चारपाई से उठा और मार्केट गया।


    वहाँ से मैने क्लोरोफॉर्म लिया......
    और लंबे बालो वाली विग ली और नकली दाढ़ी -मूछे भी खरीदी.....
    और वापस घर आ गया।


    घर आकर मैने एक बार फिर से रुद्रा की दी हुई फाइल खोली.....
    फाइल को देखकर मुझे कुछ और भी मिला.....
    और वो ये था कि किशोरी लाल का एक खास आदमी था और उसका नाम था राजा....
    वो लाला के सारे काम देखता था......
    इसने लाला के लिए कई खून डकैती किडनैपिंग जैसे कई काम किए है.....
    ये अंडरग्राउंड फाइटिंग का भी बादशाह है......
    लगातार कई सालो से सिर्फ जीतता आया है अच्छी खासी बॉडी है उसकी.....
    और एक बात पता चली राणा इसका छोटा भाई था......
    यानी कि ये प्यासा है मेरे खून का.....
    अब कुआँ प्यासे के पास जाएगा यानी कि डीडी खुद जाएगा।


    मेरे चेहरे पर एक कातिल मुस्कान छा गई।


    मै घर 3 मे गया.....


    और वहाँ अपना इंटेलिजेंस वाला बैक निकाला और खोला......
    उसमे से एक बैच और वॉच निकाल के पहनी....
    उस बैग मे एक लैपटॉप था.....
    उसे खोला और चलाया और वाज का एक बटन दबाया......
    वही लैपटॉप मे एक स्क्रीन दिखने लगी......
    कुछ देर बाद एक शख्स की फोटो आने लगी।


    मै:- हेलो सर....
    एजेंट दीप इज रिपोर्टिंग सर।
    चीफ:- हेलो मिस्टर डीडी.....
    तुम्हारा कल रात वाला कारनामा देखा इंप्रेसिव.....
    पहले ही दिन काम स्टार्ट कर दिया।
    मै:- शुक्रिया सर!
    चीफ:- कहो कैसे याद किया?
    मै:- सर मुझे दो तीन आदमियो की जरूरत पड़ेगी।
    चीफ:-ओके हो जाएगा....
    और कुछ!
    मै:- नही सर और कुछ नही.....
    आप उन्हे मेरे इस एड्रेस पर भेज दीजिए।
    चीफ:- ओके वेट डेयर फॉर 15 मिनट।
    मै:- ओके सर।


    तकरीबन 15 मिनट बाद घर 3 की डोर बेल बजी मैने जाकर दरवाजा खोला।
    वहाँ पर तीन शक्स खड़े थे......
    दो लड़के और एक लड़की मैने उनका वेलकम किया।


    पहला लड़का:- कहो कौन से मिशन पर चलना है?
    मै:- राजा और किशोरी लाल की फोटो दिखाते हुए हमे (पहले राजा की फोटो दिखाते हुए) इसको उठाना है फिर इस लाला को इसके फ्लैट से उठाकर लाना है।
    दूसरा लड़का:- हो जाएगा।
    मै:- तुम सब का नाम क्या है?


    पहला लड़का:- मेरा नाम धनवीर सिंह है प्यार से लोग मुझे सोनू बुलाते है....
    हम ने हाथ मिलाया।
    दूसरा लड़का:- मेरा नाम जसपाल सिंह है और प्यार से लोग मुझे जस्सी बुलाते है.....
    मैने उससे भी हाथ मिलाया।
    लडकी:- मेरा नाम तनु है.....
    मैने उससे भी हाथ मिलाया।
    मै:- नाइस टू मीट ऑल ऑफ यू.....
    मेरा नाम दीपक वर्मा है न्यू जॉइनिंग इन इंटेलिजेंस.....
    और आप लोग मुझे डीडी भी बुला सकते हो।
    तनु:- क्या तुम वही डीडी हो जिसका कारनामा अभी तक टीवी पर चल रहा है।


    मैने हाँ मे गर्दन हिला दिया।
    तनु:- ओ माय गॉड!
    चीफ ने हमे तुम्हारे साथ काम करने के लिए भेजा है.....
    तब तो पक्का हमे मजा आने वाला है।


    तनु बाते कर रही थी और हम मुस्कुरा रहे थे।


    मै:- (खड़ा होते हुए) ओके तो अपने लिए रूम देख लो......
    जिसको जो भी रूम पसंद आता है वो उसमे फिट हो जाओ।
    मै जा रहा हूं घर 2 कोई भी जरूरत हो तो एक आवाज लगाना दरवाजे पर खड़े होकर......
    या मेरा नंबर लिख लो।


    सोनू:- ओके भाई!
    जस्सी:- पर क्या तुम यहाँ नही रहते?
    मै:- नही!
    मै साथ मे एक छोटा सा घर है मै वही रहता हूँ चलो दिखाता हूँ.....
    कभी भी जरूरत पड़ सकती है।


    फिर हम चारो बाहर आ गए मैने उन्हे इशारा करके अपना घर दिखाया।


    तनु:- तुम इस बंगलो को छोड़कर वहाँ क्यो रहते हो?
    मै:- है कोई कारण!
    चलो तुम सब लोग आराम कर लो रात को मिशन पर चलना है।
    सभी:- ओके।
    मै उनको ओके बोल बंगलो के पीछे आ गया.....
    पीछे सर्वेंट क्वार्टर थे।
    उनमे से एक मे वॉचमैन की फैमिली रहती थी.....
    और दूसरो मे नौकरों का परिवार.....
    मै उन मे से नौकरो के क्वार्टर मे चला गया....
    मैने दरवाजा खटखटाया।


    दरवाजा एक औरत ने खोला।
    मै:- नमस्ते अम्मा।
    अम्मा:- अरे दीप बाबा!
    आज यहाँ का रास्ता कैसे भूल गए।
    मै:- अम्मा वो क्या है बंगलो मे मेरे दोस्त ठहरे है......
    क्या आप उनके लिए खाना बना दिया करोगी।
    अम्मा:- क्यो नही बेटा.....
    वैसे भी मै पहले यही सब तो करती थी।
    मै:- ओके अम्मा मै चलता हूँ.....
    आप उनका ध्यान रखना।


    मै वहाँ से अपने घर आ गया।


    ##################################################


    शहर के ही एक कोने मे एक अदमी अपने रूम मे इधर से उधर टहल रहा था।
    तभी उसके पास चार आदमी आए।


    आदमी:- पता चला उस डीडी का?
    पहला:- नही राजा भाई।
    (जी हाँ ये कोई और नही राजा ही था)
    कुछ पता नही चला।
    राजा:- तो जल्दी पता करो कौन है और कहाँ है वो.....
    वरना उससे पहले तुम लोगो की जान जाएगी।
    पहला आदमी:- जी भाई
    राजा:- अब खड़े-खड़े मेरा मुँह क्या देख रहे हो जाओ और ढूंढो उसे।
    फिर वो चारो चले गए वहां से.....
    और रह गया सिर्फ राजा!
    राजा वहाँ पास पड़े सोफे पर बैठ गया और अपने बाजू पीछे की ओर कर लिए!


    राजा:- आखिर कौन है तू डीडी....
    कौन है तू?
    एक बार मिल जा मुझे फिर तुझे ऐसी मौत दूंगा कि देखने वाले की रूह तक कांप जाएगी......
    तेरी मौत से ही मेरे भाई की आत्मा को शांति मिलेगी....
    (चिल्लाकर) डी डी डी डी डी कहां गया तू.....
    भा भा भा भाई भरोसा रख जल्द ही उसे तेरे पास भेजता हूँ।


    और वो सोफे पर बैठा गुस्से से इधर-उधर देखने लगा।

  2. #82
    कर्मठ सदस्य pkpasi's Avatar
    Join Date
    Jun 2009
    Posts
    1,824
    इधर मै घर 2 मे बैठा था।
    कुछ देर बाद दरवाजे पर नॉक हुआ।
    मैने दरवाजा खोला तो वही तीनो खडे थे।


    मै:- अरे तुम लोग यहाँ!
    जस्सी:- क्यो हम लोग यहाँ नही आ सकते क्या?
    मै:- अरे क्यो नही।
    सोनू:- तो ऐसे ही दरवाजे पर खडे रखोगे क्या?
    मै:- सॉरी सॉरी आओ।
    तनु:- चलो "डीडी".....
    ये तो है ही ऐसा......
    आओ हमे तुमसे कुछ बात करनी है।
    मै:- ओके।


    फिर वो तीनो चारपाई पर बैठ गए मैने दरवाजे बंद किए और चेयर लेकर उनके सामने बैठ गया।


    मै:- अब बोलो।
    तनु:- हमे तुमसे ये पूछना है कि तुम राजा को किडनैप कैसे करोगे।
    मै:- ओके देयर इज ए प्लान।
    जस्सी:- और वो प्लान क्या है?
    मै:- तो सुनो राजा के 4 खास आदमी है उन सब की तस्वीर फाइल मे है.....
    मै तनु और जस्सी इन को संभाल लेगे और सोनू जाएगा रिंग मे राजा से फाइट करने।
    सोनू:- वेट वेट क्या कहा तुमने!
    राजा से फाइट पागल हो क्या उससे मुझे नही भिड़ना.....
    मैने उसकी फाइट देखी है बिल्कुल जानवर है वो।
    तनु:- फट्टू!
    चलो दीप ऐसा करो रिंग मे मै जाती हूँ।
    मै:- चलो थोड़ा चेंज करते है तनु....
    सोनू सच कह रहा है वो एक जानवर है इसलिए रिंग मे मै जाऊँगा.....
    और तनु जस्सी और सोनू उसके आदमियो को संभालना ये काम ध्यान से करना.....
    क्योकि वहाँ पर चार आदमियो के अलावा भी आदमी होगे समझे।
    तनु:- ओके।


    मै एक शॉपिग बैग देते हुए ये लो क्लोरोफॉर्म तुम्हे क्या करना है ये तुम पर डिपेंड करता है.....
    यानी कि जाहो तो सिर्फ उन्हे बेहोश करना या फिर जान से मारना....
    इट्स योर चॉइस तुम्हे कोई कुछ नही कहेगा और ना ही रोकेगा।


    तीनो:- ओके।
    तनु:- मै जान से ही मारना चाहूँगी।
    जस्सी और सोनू:- हम भी।
    मै:- तो फाइनल रहा.....
    तो आगे सुनो जब मै फाइट करने जाने लगूंगा तो 5 मिनट बाद ही अपना काम शुरू कर देना.....
    और हां अपना फेक मास्क जरूर पहनना।
    तीनो:- ओके।


    मैने तीनो के आगे हाथ कर दिया....
    तीनो ने मेरे हाथ पर हाथ रख दिया।


    मै:- लेट्स बिगन!
    तीनो:- द गेम।
    और हम चारो ने हाथ हवा मे लहरा कर मुठिया बंद कर ली।
    मै:- ओके अब तुम लोग जाओ रात होने वाली है....
    तुम लोगो के लिए अम्मा ने खाना बना दिया होगा जाकर खा लो....
    और रेडी हो जाओ।


    जस्सी:- और तुम्हारा खाना!
    मै:- मेरा खाना तो तैयार है दाल और चावल.....
    तो अब तुम लोग जाओ जल्दी।


    फिर वो लोग वहाँ से चले गए पर उन तीनो की नजर पूरे घर मे घूम रही थी।


    फिर मैने जरूरत के हिसाब से खाना खाया।
    फिर गेटअप चेंज किया मैने नकली दाढ़ी मूछ लगाई और उन तीनो को कॉल करके मेरे पास बुलाया....
    और उन्हे 9:00 बजे का टाइम दिया उसके बाद ठीक 9:00 बजे वो मेरे पास पहुँच गए.....
    तीनो का गेटअप मेरी तरह ही चेंज था।


    मै:- तुम लोग रेडी हो तो चले।
    तीनो:- ये चले धमाल करने।
    मै:- तुम लोगो के पास कोई कार या कोई और व्हीकल है क्या?
    जस्सी:- हाँ मेरी कार है।
    मै:- ओके तो तुम तीनो उसमे आओ और मै अपनी बाइक पर आता हूँ।


    फिर मैने घर को लॉक किया और बाइक स्टार्ट करके निकल गया।
    मेरे पीछे-पीछे उन तीनो की कार आ रही हम लोग ब्लूटूथ से कनेक्ट थे....
    जल्दी ही हम लोग राजा के अड्डे पर खड़े थे।


    मै पहले अंदर गया अंदर काफी भीड़ थी।
    अंदर रिंग मे एक आदमी किसी को जानवरो की तरह मार रहा था.....
    और ये कोई और नही राजा ही था।
    मै उसके दांव पेच देखने लगा फिर मैने अपना नाम फाइटिंग मे लिखवाया......
    जो राजा के साथ करने के लिए कहा।


    रिसेप्शनिस्ट:- देख लो क्यो जान देने पर तुले हो वो जानवर है।
    मै:- तो होगा तुम दीप वर्मा के नाम से रजिस्टर करो....
    फिर मै वापस अंदर आ गया अंदर एक फाइट और हुई....
    वो तो बस दो लोगो मे सिंपल सी फाइट हुई।


    फिर हुई अनाउंसमेंट.....
    पहले नाम लिया गया राजा का नाम.....
    राजा का नाम सुनते ही सभी ने चिल्लाना शुरू कर दिया......
    फिर राजा अंदर आ गया उसकी बॉडी पहलवान जैसी थी.......
    यानी की पूरी टक्कर का बंदा था.....
    फिर मेरा नाम अनाउंस हुआ लोगो ने मेरा नाम सुनकर भी तालियाँ बजाई.....
    अब मै और राजा आमने-सामने थे।


    इधर मैने रिंग मे आने से पहले ही ब्लूटूथ पर बोला.....
    मै:- नाव दा गेम स्टार्टस हेयर जल्दी सारा काम निपटाओ.....
    और हां उस रिसेप्शनिस्ट को जिंदा छोड़ देना......
    और मुझे कार की डिग्गी खोलकर उसी के पास मिलना।


    तीनो:- ओके।


    फिर मैने ब्लूटूथ पॉकेट मे डाल दिया और शुरू हुई हमारी फाइट।
    राजा:- बच्चे तू लड़ेगा मुझसे?
    मै:- पहले लड तो ले फिर फैसला हो जाएगा कि मै बच्चा हूँ या कौन है.....
    चला आ जा फैसला करे।
    राजा:- तू तो गया अब इस रिंग से जिंदा नही जाएगा।
    मै:- ये फैसला तो वक्त करेगा फिर मै और राजा एक दूसरे की और बढ़े।


    हम दोनो ने एक दूसरे को फ्लाइंग किक दी और दोनो ही गिर गए......
    फिर हम दोनो फुर्ती से खड़े हुए और एक दूसरे पर पंच की बरसात कर दी......
    पर हमारे पंच एक दूसरे को छू ही नही रहे थे.....
    इस बीच मैने राजा को एक ट्विस्टिंग किक दी और वो पीछे जाली से टकरा गया।


    #####################################


    उधर मेरा सिग्नल मिलने के बाद जस्सी सोनू और तनु ने अपना काम शुरू कर दिया।
    जब अंदर घुसने लगे तो वहाँ दो आदमी खड़े थे जोकि गेटकीपर थे।
    जस्सी और सोनू ने दोनो पर हमला कर दिया और दोनो को थोड़ी दूर लाकर उनकी गर्दन मरोड़ दी......
    फिर दोनो को एक साइड दीवार से लगाकर अंदर घुस गए जहाँ पहले से ही तनु ने दो को लुढ़का दिया था......
    हुआ यू कि जब जस्सी और सोनू ने उन दो लोगो को सेट किया......
    तो अंदर के दो आदमियो ने उन्हे देख लिया फिर वो बाहर आने लगे.....
    तभी तनु ने उनको फुर्ती से क्लोरोफॉर्म सुघा दिया।


    फिर साइड करके गन पर साइलेंसर लगा कर दोनो की खोपड़ी पर गन लगाकर फायर कर दिया.....
    दोनो वही खत्म .......
    फिर तीनो अंदर जाने लगे अंदर जाते हुए उन्हे चार आदमी अपनी ओर आते दिखे......
    जिनमे से एक राजा का खास आदमी था जब वो इनके पास पहुंचे।
    सोनू ने राजा के उस आदमी को पकड़ लिया और जस्सी ने दो को संभाल दिया.....
    और तनु ने भी एक को संभाल लिया.....
    जस्सी ने दोनो की गर्दन तोड़ दी तनु ने आदमी की चेस्ट पर गन रख कर दिल वाली साइड फायर कर दिया......
    अब बचा राजा का खास आदमी उससे सोनू उलझ रहा था......
    तनु ने उस आदमी की पीठ पर निशाना लगाया.....
    लेकिन तब तक सोनू ने उसकी गर्दन मरोड़ दी थी......
    फिर तीनो ने उन चारो को साइड लगाया और आगे बढ़ गए ........
    तनु:- सोनू तुम कब काम करना अच्छी तरह से सीखोगे।
    सोनू:- कर तो रहा हूं यार वैसे भी वो मुझसे ज्यादा ताकतवर था।
    तनु:- तुम्हारा कुछ नही होने वाला।
    फिर तीनो ने चार और लोगो को लुढ़का दिया ।
    उसके बाद लास्ट मे इन तीनो को राजा के बाकी के मेन आदमी दिख गए।




    ###########################


    इधर मै और राजा एक बार फिर से आमने-सामने थे.....
    राजा और मै फिर से एक दूसरे पर मुक्के बरसाने लगे......
    अबकी बार एक दो पंच मेरे मुंह पर लगे......
    फिर राजा ने मुझे अपने बाजू मे उठा लिया और जाली की एक और फेक दिया.....
    मै वही गिर गया।


    राजा:- उठ बच्चे निकल गया दम।
    मै:- (खड़ा होते हुए) अभी कहा।
    फिर मै आगे बढ़ा और पंच की बरसात कर दी।
    इसके बाद मैने एक पंच उसके मुंह पर मारा......
    और एक लात उसके पेट पर मारी और जब वो घुटनो के बल बैठा.......
    तब मैने एक लात उसके मुंह पर मारनी चाही तो उसने मेरी टाँग पकड़ ली......
    और मुझे टांग पकड़ कर नीचे गिरा दिया।
    उसके बाद वो मेरे ऊपर आकर मेरे मुंह पर पंच मारने की कोशिश करने लगा।


    ##############################


    इधर तनु सोनू और जस्सी ने चाकू निकाले और चुपके से तीनो के पीछे से आकर खड़े हो गए......
    और उन तीनो का पीछे से मुँह बंद कर लिया.....
    तभी एक चाकू जस्सी के पेट मे घुस गया.......
    और ये चाकू जिसे जस्सी ने पकड़ा था उसने घुसाया था......
    जस्सी ने किसी तरह अपनी चीख रोकी और फुर्ती से उस आदमी का गला काट दिया......
    तनु और सोनू ने भी वैसा ही किया।


    फिर तीनो ने उसको भी साइड किया इसके बाद जस्सी वही पेट पकडकर घुटनो के बल बैठ गया.....
    सोनू और तनु ने उसे संभाला।
    तनु:- क्या हुआ जस्सी?
    जस्सी:- साले ने पेड़ चाकू घुसा दिया.....
    चलो बाहर गाड़ी के पास चले बाकी का काम “डीडी” का है।


    सोनू:- चलो गाड़ी मे फर्स्ट एड बॉक्स है।
    फिर वह तीनो बाहर चले गए।


    ################


    इधर मैने राजा को पलट कर नीचे कर दिया और मौका मिलते ही ब्लूटूथ कान मे डाल लिया।


    तभी मेरे कानो मे सोनू की आवाज आई.......
    सोनू चिल्लाकर डीडी हमारा काम हो गया अब तुम्हारी बारी है......
    जल्दी खत्म करो हमारा एक साथी जख्मी है......
    ये सब सुना था कि मै अपने असली रूप मे आ गया.....
    और ताबड़तोड घुस्सो की बरसात राजा के मुंह पर कर दी.......
    फिर मै उसके ऊपर से उठा और उसे बाजू से पकड़ कर उठाया और जाली के एक और फेक दिया......
    और बाद मे उसके करीब गया और उससे अपने हाथो से ऊपर उठा लिया और पूरी ताकत से उसे नीचे फेका......
    और फिर दम लगा कर अपनी कोहनी उसके सीने पर मारी......
    जिससे उसकी हालत पतली हो गई.......
    मैने फुर्ती से अपनी पॉकेट से क्लोरोफॉर्म से भीगा हुआ रुमाल निकाला.......
    और उसकी नाक पर लगा दिया जिससे वो बेहोश हो गया.........
    फिर मैने उसे कंधे पर उठा लिया जब मै उसे उठाकर रिंग से बाहर लाने लगा......
    तो रेफरी और दो आदमियो ने मुझे घेर लिया।


    रैफरी:- कहाँ ले जा रहे हो राजा भाई को?
    मै कुछ भी कहे बिना आगे बढने लगा।


    पहला गुंडा:- अबे ओ हीरो!
    अब मेरा कंट्रोल छूट गया और मैने एक मुक्का उसके मुंह पर मारा वो वही गिर गया......
    फिर मैने दूसरे के पेट पर लात मारी और रेफरी की गर्दन पकड़ के दबा दी.......
    फिर मैने उसे फेक दिया और अपना एक पैर ऊपर करके पैंट ऊपर करके सॉक्स मे से छोटी गन निकाली.....
    और एक एक करके तीनो को सूट कर दिया ......
    मै:- बाकी सब से निकल जाओ सब यहाँ से जल्दी.......
    और हाँ अंदर लॉकर होगा उसमे से पैसे निकाल लेना .....
    अब जाओ।


    मै:- राजा को लेकर बाहर आ गया वो तीनो वही खडे थे.....
    मैने राजा को बांधकर डिग्गी मे डाला और फिर डिग्गी बंद कर दी।
    मै:- (जस्सी के कंधे पर हाथ रखकर) कैसा है मेरे शेर?
    जस्सी:- ठीक हूँ।
    मै:- चलो गाड़ी मे बैठो मै हॉस्पिटल ले चलता हूँ।
    मेरे पीछे पीछे आओ वो तीनो गाडी मे बैठ गए......
    और मै अपनी बाइक पर बैठ गया और चल पड़ा हॉस्पिटल की ओर।
    जहाँ मै अपना इलाज करवाता हूँ वहाँ पहुंचकर मै जस्सी को लेकर सीधा डॉक्टर के कैबिन मे चला गया।


    डॉ:- पहले तो तुम अकेले आते थे आज एक और साथी को ले आए।
    मै:- क्या करे डॉक्टर अब आपको आदत डालनी होगी हमारी......
    हम तो अब आपके रोज के मेहमान है।
    डॉ:- हाँ वो तो है।
    मै:- तो जल्दी से इलाज कीजिए।
    फिर डॉक्टर ने जस्सी का इलाज किया.......
    जख्म पर टांके लगा दिए फिर हम पेमेंट करके वहाँ से घर 3 की ओर निकल लिए।


    वहाँ पहुंचकर मैने राजा को गाड़ी से बाहर निकाला......
    और अपने कंधे पर उठा लिया और चल दिया घर 3 की तरफ......
    अंदर जाकर मै राजा को एक रूम मे ले गया.......
    ये एक साउंडप्रूफ रूम था और टॉर्चर रूम भी।


    मैने ये रूम यहाँ पर इसीलिए बनवाया था इस रूम मे एक भी खिड़की और रोशनदान नही था.....
    बस एक दरवाजा था रूम मे लाइट मैने राजा को चेयर पर बैठा दिया........
    और बांधकर और बाहर आ गया।


    मै उन तीनो के पास चला गया।
    मै:- कीप इट अप गाइस.....
    बहुत ही अच्छा काम किया तुम लोगो ने.......
    मेरी उम्मीद से भी ज्यादा।
    तनु:- वैसे भी डीडी तुम ये मिशन अकेले भी कर सकते थे.....
    तो फिर सोनू जब मुझे रिंग मे भेज रहा था तब कैसे करता इंजॉय।
    मै:- तब तुम्हे मार खाता हुआ देख इंजॉय करता.....
    मेरी बात पर तनु मै और जस्सी हँस पड़े।


    उसके बाद......
    मै:- चलो गाइस मै चलता हूँ कल मुझे कॉलेज जाना है......
    बाय एवरीवन।


    तीनो:- बाय।
    उसके बाद मे घर 2 मे आ गया और ड्रेस चेंज करके सो गया।

  3. #83
    कर्मठ सदस्य pkpasi's Avatar
    Join Date
    Jun 2009
    Posts
    1,824
    सुबह मै रूटीन से उठा और उन तीनो को भी कॉल करके बुलवा लिया.....
    और हम जोगिंग वगैरह और कुछ एक्सरसाइज करके वापस आ गए।

    घर आकर मै फ्रेश हुआ और नहा धोकर तैयार हो गया और घर 3 मे पहुँच गया......
    वो तीनो हॉल मे बैठे थे।

    मै:- क्या प्लान है आज का?
    तीनो:- कुछ भी नही।
    मै:- ओके!
    तो ऐसा करो राजा से इंफॉर्मेशन निकालने की कोशिश करो......
    कहाँ क्या है उसका कहाँ से हो धंधा चलाता है....
    लाला के खिलाफ सबूत ढूंढो।
    तीनो:- ओके
    मै:- और हाँ गलती से भी राजा को खोलना मत......
    साला सांड है.....
    अगर जस्सी ठीक होता तो तुम तीनो उसे संभाल सकते हो.......
    पर अब नहीं संभाल सकते......
    मेरी भी बुरी हालत कर दी थी उसने.......
    शो कुछ भी हो जाए.......
    कुछ भी मतलब कुछ भी हो जाए उसे खोलना मत अंडरस्टूड।

    तीनो:- ओके।
    मै:- चाहे उसे मार ही देना कोई प्रॉब्लम नही है.....
    ओके तो ब्रेकफास्ट करे।

    फिर हम चारो डाइनिंग टेबल पर आ गए.....
    आज मैने अम्मा के हाथ के बने आलू के पराठे खाए बहुत ही लजीज थे।

    ब्रेकफास्ट के बाद

    मै:- ओके तो लग जाओ काम पर
    मै कॉलेज हो आऊ।

    मै घर 3 से बाहर निकल आया साथ मे वो तीनो भी थे......
    अभी मै घर से बाहर निकला ही था कि एक कार आकर दरवाजे पर रुकी.......
    उस कार मे से परिधि निकल कर बाहर आ गई और आकर मेरे गले लग गई......
    कुछ देर तक वो मेरे गले लगी रही फिर वो अलग हुई.....
    और अलग होते ही जो उसने बोला वो मै लगभग 4 साल बाद सुन रहा था।

    और वो ये था।
    गुड़िया:- हैप्पी बर्थडे भैया!
    मै एकदम से सरप्राइस हो गया क्योकि मै खुद अपना बर्थडे भूला हुआ था.....
    चाहे कुछ दिन पहले ही एडमिशन फॉर्म पर मैने अपनी बर्थ डेट डाली थी......
    पर इस सारे चक्कर मे भूल गया।

    मै थोड़ा इमोशनल हो गया क्योकि मुझे ये तक यकीन नही था......
    कि गुड़िया को मेरा बर्थडे याद होगा।
    मै:- तुझे याद था गुड़िया जबकि इन 3 सालो मे हम मिले तक नही.......
    तुम मुझसे इतना गुस्सा थी कि मुझे नही लगा कि तुम्हे मेरा बर्थडे भी याद नही होगा.....
    और यहाँ तक कि मुझे खुद ही याद नही था।
    गुड़िया:- भैया चाहे मै आपसे कितनी भी नाराज थी......
    पर मै आपका और रवि भैया का बर्थडे कभी नही भूली.......
    मै हर साल चुपके से आप दोनो का बर्थडे मनाती थी अकेले ही।
    गुड़िया की बाते सुनकर मेरी आँखे नम हो गई।

    मेरे आँसू पोछकर गुड़िया बोली......
    गुड़िया:-ओ हेलो बुद्धू राम आज के दिन नही रोते......
    आज आपका बर्थडे है।
    मैने गुड़िया को गले लगा लिया।

    मै:- थैक्स टू यू गुड़िया.....
    थैंक्स यू।

    फिर मै गुड़िया से अलग हुआ।
    फिर तीन हाथ मेरे आगे आए ये और कोई नही तनु सोनू और जस्सी थे।

    तनु:- हैप्पी बर्थडे डीडी।
    मै:- थैक्स दोस्तो।
    तनु:- पर डीडी तुमने हमे बताया ही नही......
    हम कल से तुम्हारे साथ है।
    मै:- एक्चुली मुझे खुद भी याद नही था।
    जस्सी:- अच्छी बात है पर ये सोनू साल मे दो बार बर्थडे मनाता है......
    शायद एक तुम्हारे लिए ही मनाता होगा।

    जस्सी की बात पर हम तीनो हँस पड़े।
    गुड़िया:- भैया ये लोग कौन है?
    मै:- ओह हाँ मै भूल गया ये है मेरी टीम जस्सी सोनू और तनु....
    और तनु जस्सी और सोनू ये है गुड़िया मेरी बहन।
    चारो ने हैंडशेक किया।

    मैने देखा उन तीनो की आँखों मे कुछ सवाल थे।
    मै:- तनु सोनू और जस्सी से मै जानता हूँ तुम लोगो के मन मे कई सवाल है......
    मै तुम्हारे सवालो के जवाब दूगा जब सही समय आएगा।
    गुड़िया:- ओके भैया चलो हमे देर हो रही है माँ मंदिर मे आपका वेट कर रही है।
    मै:- क्यो?
    गुड़िया:- वो माँ ने आज मंदिर मे आपके लिए पूजा रखी है......
    और आप तीनो भी चलिए।
    मै:- ओके गुड़िया तू चल मै बाइक लेकर आता हूँ......
    मै मंदिर से सीधा कॉलेज के लिए निकल जाऊँगा।
    गुड़िया:- ओके और हाँ मै एक बात तो आपसे पूछना भूल ही गई.....
    आप के जख्म कैसे है परसो रात आप को गोली लगी थी ना।
    मै:- मै बिल्कुल ठीक हूँ।
    गुड़िया:- ओके तो जल्दी चलिए।

    फिर हम सभी मंदिर की ओर चल दिए जल्दी ही हम मंदिर पहुंँच गए......
    मैने वहाँ पहुँचकर चाची के पांव छुए।

    चाची:-जीते रहो बेटा.....
    और जन्मदिन मुबारक हो।
    मै:- थैंक्स चाची।
    फिर हम लोगो ने पूजा की और फिर चाची ने वहाँ पर गरीबो के लिए लंगर लगाया था......
    वहाँ पर कुछ सेवा की।

    कुछ देर बाद.....
    मै:- गुड़िया और चाची ये बर्थडे मुझे हमेशा याद रहेगा।
    चाची:- बेटा मै कल के लिए तुमसे माफी माँगना चाहती हूँ.....
    अगर मै जिद ना करती तो!
    मै:- कोई बात नही चाची!
    मै कल की बाते तो कब का भूल गया.....
    ओके चाची तो मै चलता हूँ कॉलेज के लिए देर हो रही है।
    चाची:- ओके जाओ बेटा
    मैने गुड़िया के माथे पर किस किया और बाहर आ गया......
    मेरे साथ तनु सोनू और जस्सी भी आ गए।
    मै:- (मै तीनों को) जो काम कहा है वो समझ गए ना.....
    तीनो ने हाँ मे सिर हिलाया।
    मै:- मै एक बार फिर दोहरा रहा हूं कि राजा को भूल से भी खोलना मत.......
    वरना जो भी होगा उसके जिम्मेदार तुम लोग खुद होगे।
    तीनो:- ओके हम ख्याल रखेगे।

    उसके बाद हम सभी अपने-अपने रास्ते हो गए।

  4. #84
    कर्मठ सदस्य pkpasi's Avatar
    Join Date
    Jun 2009
    Posts
    1,824
    मै जल्द ही कॉलेज पहुँच गया।
    वहाँ जाकर मै क्लास मे घुस गया.....
    आज ना तो अनु आई थी ना ज्योति।

    मैने फर्स्ट लेक्चर कंप्लीट किया क्लास मे कुछ भी नही हुआ क्योकि अभी नया सेशन स्टार्ट हुआ था।

    फिर मेरा भी मन नही हुआ तो मै वापस घर 2 की ओर चल दिया.....
    रास्ते मे मैने सोचा कि मै भी राजा से कुछ उगलवा लूगा......
    लेकिन जैसे ही मै घर2 पहुँचा मैने देखा राजा घर 3 से निकल कर भाग रहा था।

    मैने जल्दी से बाइक की स्पीड बढ़ाई और राजा के पास जाकर उसके सिर पर एक पंच मारा......
    और वो नीचे गिर गया मैने बाइक साइड मे लगाई और उतरकर राजा के पास पहुँचा......
    और उसे पीछे से गर्दन पकड़ कर उठाया और जैसे ही मै उससे पंच मारने वाला था.....
    कि उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मेरे पेट मे एक पंच दिया......
    और फिर एक लात मुझे मारी मै थोड़ा घिस्टता हुआ पीछे जा गिरा......
    राजा मेरी और आने लगा।

    पर मै तैयार था और जल्दी से उछलकर उठा।
    और एक टविस्टिग किक राजा के मुँह पर मारी......
    फिर राजा को पीछे से पकड़ कर उठा लिया.....
    और उसकी गर्दन वाली साइड मारकर पीछे की ओर नीचे गिरा दिया......
    फिर मैने एक लात उसके पेट पर मारी और जैसे ही दूसरी लात मैने उसकी चेस्ट पर मारनी चाही ......
    उसने मेरा पैर पकड़ लिया और मुझे पीछे की ओर उछाल दिया.......
    मैं जल्दी से उठा और फिर राजा ने मुझे पंच मारना चाहा मगर मै थोड़ा सा साइड होकर आगे बढ़ा.....
    और राजा की पसलियो मे एक पंच दिया फिर राजा ने मुझे और किक मारनी चाही........
    मैने राजा की टाँग पकड़ कर उसके घुटनो पर अपनी कोहनी से वार किया.......
    जिससे उसकी हड्डी टूट गई......
    इतने मे वहाँ सोनू जस्सी और तनु भी पहुँच गए उनकी हालत काफी बुरी थी।

    मैने राजा का बाजू पकड़ा और उसे भी झटका देकर तोड़ दिया.....
    राजा की चीखे मोहल्ले मे गूँज गई पर किसी ने ज्यादा ध्यान नही दिया।

    मै:- ये काम मुझे कल रात को ही कर देना चाहिए था.....
    और राजा मै तुझे एक बात बता दू मै ही डीडी हूँ......
    जिसे तू कुत्तो की तरह ढूंढ रहा था....।.
    ये सुन राजा खड़ा हुआ अपनी एक टाँग से और मुझे दूसरे हाथ से मारने की कोशिश की.......
    पर उसका बैलेंस बिगड़ गया तो मैने उसका हाथ पकड़ लिया......
    मै:- रस्सी जल गई पर बल नही गया।
    फिर मैने उसका दूसरा हाथ भी तोड़ दिया।

    मै:- ले जाओ और बंद कर दो इसे मै तुम से अंदर आकर बात करता हूँ।

    फिर जस्सी और सोनू उसे उठाकर ले गए.....
    तनु भी उनके साथ चली गई।
    मैने बाइक घर 2 मे पार्क की और घर 3 की और चल पड़ा.....
    जस्सी और सोनू ने राजा को फिर से बंद कर दिया था और तीनो हाल मे बैठे थे......
    मुझे देखकर तीनो खड़े हो गए.....
    मैने जस्सी और सोनू को थप्पड़ मारा तनु लड़की थी इसलिए।

    मै:- मैने तुम लोगो से क्या कहा था कि राजा को मत खोलना.....
    फिर भी इतनी बड़ी गलती तुम किसी काम के नही हो।
    तनु:- डीडी हमारी बात तो सुनो।
    मै:- पहले जाकर तीनो अपनी हालत ठीक करो और नहा धो कर आओ।

    तीनो वहाँ से चले गए।
    (तीनो जाते जाते)
    सोनू:- समझता क्या है ये अपने आपको हम पर हाथ उठाया इसने।
    जस्सी:- भाई बात थप्पड की नही है हमारी गलती की है.......
    जो कि काफी बड़ी गलती है.....
    शो ठंडे रहो।
    तनु:- अगर डीडी वक्त पर नही आता तो बहुत बड़ी मुसीबत हो जाती।

    फिर तीनो अपने अपने रूम मे आ गए और नहा धोकर रेडी होकर वापस हॉल मे आ गए।

    फिर मैने बोलना शुरू किया।
    मै:- तुम लोगो को पता है कि तुम लोगो की ये गलती हम लोगो को मौत के मुँह मे भी ले जा सकती थी.....
    राजा एक प्रोफेशनल किलर है और पता नही तुम लोग कैसे जिंदा बच गए.......
    या फिर उसका ध्यान सिर्फ भागने पर होगा......
    अब मुझे बताओ ये राजा भागा कैसे।

    तनु:-सुनो

    +++++++++++++++++++++++++++++++

    कुछ देर पहले

    जब तनु सोनू और जस्सी घर 3 लौटे तब तीनो एक साथ राजा के रूम मे गए और उससे पूछताछ करने लगे पर राजा ने कुछ नही बताया।

    फिर कुछ देर बाद
    राजा:- तुम सब डरपोक हो अगर मेरे हाथ खुले होते तो तुम सब को चुटकी मे मसल देता।
    सोनू:-ओ अच्छा!
    चल मै तेरे हाथ खोलता हूँ फिर देखते है।
    तनु:- नही सोनू हाथ नही खोलेगे हमे ऑर्डर है.....
    जब तक वो नही आ जाते कुछ मत करना।
    सोनू पीछे हट गया।

    राजा:- क्यो छुप गया लड़की के पीछे....
    फट्टू जा चूड़ियाँ पहन ले।
    सोनू आगे बढ़ने लगा पर तनु ने उसे फिर से रोक लिया।
    राजा:- कहाँ छुपा है उस लड़की के पल्लू मे......
    नामर्द कही का।
    सोनू:- अच्छा तो तुझे अभी बता देता हूँ......
    कि कौन नामर्द है।
    तनु;- सोनू कंट्रोल योरसेल्फ।
    सोनू:- अब बात मेरी आपे से बाहर है.....
    इतना बोल उसने आगे बढाकर हाथ खोल दिए।

    यही उससे गलती हो गई राजा ने जल्दी अपने आप को आजाद करवाया......
    और उठते ही सोनू को पंच किया सोनू वही लड़खड़ा कर गिर गया.....
    फिर तनु आगे आई और लात घुस्सो का उपयोग करने लगी...।।
    पर एक फाइटर को वो टच भी नही कर पाई......
    राजा ने उसके पेट मे एक पंच दिया वो जाकर दीवार से टकराई और पेट पकड़कर वही बैठ गई.....
    इधर सोनू ने दोबारा खड़ा होके एक किक राजा के चेस्ट पर मारी पर राजा हिला तक नही.....
    फिर राजा ने सोनू को एक लात मारी वो भी दीवार से जा लगा.......
    फिर बारी आई जस्सी की जस्सी ने 2-3 पंच राजा के मुंह पर दे मारे......
    राजा थोड़ा सा हिला पर उसने जस्सी के पेट पर पंच मारा जो कि सीधा जस्सी के जख्म पर लगा......
    इस तरह राजा ने दो तीन बार और किया.......
    जस्सी वही पर तडपने लगा फिर राजा बाहर की ओर भागा।

    हम तीनो भी मुश्किल से उठकर इसके पीछे भागे।
    बाकी तो आपको सब पता ही है।

  5. #85
    कांस्य सदस्य asr335704's Avatar
    Join Date
    Jul 2019
    Location
    भारत
    Posts
    6,310
    बहुत बढ़िया ।अच्छी कहानी है। ऐसे ही शेयर करते रहे
    || प्रयास करने से ही सफलता मिलती है ||

  6. #86
    कर्मठ सदस्य pkpasi's Avatar
    Join Date
    Jun 2009
    Posts
    1,824
    वर्तमान मे
    मै:- ओके सोनू तो मै तुमसे एक बात कहना चाहूँगा
    कि तुम्हे जो इंस्ट्रक्शन मिले उसे फॉलो करो
    नही तो नतीजा तुमने देख ही लिया है
    और एक बात मै तुम तीनो से कहना चाहता हू
    मै कल से तुम लोगो को ट्रेनिंग दूगा
    तुम तीनो तैयार रहना
    तीनो:- ठीक है
    सोनू:- सॉरी डीडी
    मैं :- ओके इस बार माफ किया बट आगे से ध्यान रखना
    और एक काम करना तुम लोग
    अगर राजा कुछ इन्फ़ोरमेशन देता है तो ठीक है
    नही तो उसे रात को मारकर शहर के बीचो बीच फेक देना
    इज डेट क्लीयर
    तीनो:- ओके डी डी
    मै :- गुड
    एक बात और कल हमे लाला किशोरी लाल को किडनेप करना है
    तीनो:- बट
    मै:- हाँ क्यूकि वो भी क्रिमिनल है
    जस्सी:- ओके नाव वट इज दा प्लान?
    फिर मैने उन्हे वो सब बताया जो मुझे रूद्र ने बताया था
    मै:- ओके तो आगे का सुनो
    मै और तनु आगे से अटैक करेगे
    उसके बाद सोनू और जस्सी दूसरी तरफ से हमला करेगे
    हमे यहाँ भी यही करना है जो हमने कल रात किया था
    पहले सब को बेहोश करना है फिर शांति से उन्हे टपकाना है
    वो लोग 15 से 20 होगे
    वैसे भी किशोरी लाल पहले से चोकाना हो गया होगा
    यानि कि आदमियो की संख्या बढ भी सकती है
    सोनू और जस्सी पहले तुम लोग उसके घर मे घुसोगे
    आल क्लीयर किसी को कोई सवाल पूछना है
    तनु:- डीडी पर हम उनके आदमियो को पहचानेगे कैसे
    मै:- तनु ये मै तुम्हे पहले ही बता चूका हूँ कि वहाँ उसके आदमी पैरो मे सफेद जुते पहने हुए होगे
    और उनके अलावा वहाँ कोई सफेद जूते नही पहनता
    जस्सी:- वैसे डीडी अगर उसने अपना अड्डा बदल दिया होगा तो
    मै:- डेट्स दा पॉइंट
    पर वो ऐसा नही करेगा
    क्योकि जहाँ तक मुझे पता है वो वही रुकेगा
    क्यूकि उसे भी यकीन है कि राजा को पकडने वाला ये जरुर सोचेगा कि किशोरी लाल ने अपना अड्डा बदल दिया होगा
    पर उसे नही पता इस बार उसका पाला डीडी से पडने वाला है
    तीनो:- ओके
    फिर तनु ने टीवी ओन कर दिया
    रिपोर्टर:- नमस्कार जनता
    आज की ताजा खबर शहर का नामचीन गुंडा “राजा” कल रात से गायब है
    और उसके साथियो की लाशे उसके अड्डे पर मिली है
    जिससे ये लगता है कि ये किसी प्रोफेशनल का काम है
    आपकी जानकारी के लिए बता दे कि पिछले दिनो राजा के भाई राणा की लाश उसके अड्डे पर मिली थी
    आखिर कौन है वो जो ये सब कर रहा है क्या मकसद है उसका इसके पीछे
    क्यो वो एक एक करके इन गुंडों के पीछे पड गया है
    आखिर इतने खून हुए
    राजा गायब है
    आखिर पुलिस क्या कर रही है
    किसी के पास कोई जवाब नही है
    आपको पल पल की खबर मिलती रहेगी
    धन्यवाद
    मै:- इन न्यूज वालो को भी अच्छा खासा मासला मिल गया है
    ओके तो तुम लोग जाओ और काम पर लग जाओ
    हम लोग बात कर ही रहे थे कि
    अनु प्रीत ज्योति घर3 मे आ गए
    मै:- अरे तुम लोग यहाँ
    अनु:- हाँ हम लोग यहाँ
    कोई प्रॉब्लम है तो वापस चले जाते है
    मै:- अरे मेरा वो मतलब नहीं था
    तुमको किसने बातया कि हम यहाँ है
    प्रीत आकर मेरे गले लग गई
    प्रीत:- वो क्या है ना भैया पहले हम कॉलेज गए थे
    वहाँ आप नही थे फिर हमने सोचा घर2 मे होगे
    जब हमने आपके सामने वाले घर मे पूछा तो उन्होंने बातया कि आप अपने इस घर3 मे होगे तो हम यहाँ आ गए
    मै:- ओके
    आओ बैठो
    फिर मै एक सोफे पर बैठ गया
    प्रीत मेरी गोद मे बैठ गई
    ज्योति मेरे पास बैठ गई
    और अनु तनु के साथ
    प्रीत मेरे गले मे बाहे डाले हुए
    प्रीत:- आई मिस यू सो मच भैया
    3 दिन हो गए ना आप घर आए ना काल किया
    मै:- सॉरी बेटू
    मै बिजी था
    वैसे अनु और ज्योति तुम लोग आज कॉलेज क्यो नही गई
    अनु:- वो हमे कुछ जरुरी काम था
    वैसे दीप “हूज दे आल आर”?
    मै:- ओह
    हा ये मेरे नए दोस्त सोनू तनु और जस्सी
    और(अनु प्रीत और ज्योति कि और बारी-बारी इशारा करके)ये है अनु मेरी दोस्त
    ये है प्रीत मेरी बेटू और बहन
    और ये है मेरी बहन ज्योति
    सभी ने एक दुसरे को हाय कहा
    तनु:- वैसे डीवी( लोगो के सामने उन्हे मुझे डीवी बुलाने को कहा था ) प्रीत है क्यूट
    मै:- हा ये मेरी एंजेल है
    फिर कुछ देर फॉर्मल बाते हुई
    तनु और अनु घुलमिल गई
    अनु ने तनु के कान मे कुछ कहा था
    प्रीत:- आज रात ठीक 9 बजे आप अभी जीजू वाले कैफे मे आ जाना कोई जरुरी काम है
    सभी वहाँ होगे
    मै:- पर ऐसा क्या काम है
    अनु:- पता नही
    पर भाई ने सभी को बुलाया है
    और परी भाभी आपको लेने आएगी
    और अब कोई सवाल मत पूछना
    क्यूकि हमारे पास और कोई जवाब नही है
    हमे जितना बाकी लोगो ने बताया हमने तुम्हे बता दिया
    और एक बात अगर किसी कारण से परी भाभी नही आ पाई तो प्लीज ठीक 9 बजे पहुच जाना
    नही तो 8 बजे भाभी आ ही जाएगी
    मै:-ओके
    फिर वो तीनो चली गई
    मै उनको छोड़ने बाहर चला गया
    जब मै अन्दर आया तो
    तनु:- डीडी हमे रात को 8 बजे हैडकवाटर जाना है
    तो क्या हम जा सकते है
    मै:- या या वाई नॉट
    और तुम लोग लग जाओ तैयारी पर
    राजा से इनफार्मेशन निकालो
    तीनो:- ओके
    फिर तीनो एक साथ अंदर घुस गए
    कुछ देर बाद मै अंदर गया
    राजा अंदर नही था
    पर रूम मे एक पुन्चिंग बैग लटक रहा था
    पर राजा की कराहने कि आवाज आ रही थी
    मै:- राजा कहा है
    उसकी सिर्फ आवाज आ रही है
    पर दिखाई नही दे रहा
    किसी ने कोई जवाब नही दिया
    बस सोनू ने आगे आकर पुन्चिग बैग कि जिप खोल दी

    जब जिप खुली तो राजा निचे गिर पडा
    उसकी हालत देख कर मेरी हँसी छुट गई
    मै:- गुड जॉब ऑफिसर
    गुड जॉब
    पर ये सब किस लिए किया
    जस्सी:- साले से कई बार पूछा कि कहाँ क्या है
    कौन कहाँ क्या कन्ट्रोल करता है
    पर इसने जवाब नही दिया
    और हमे भी अपना बदला चाहिये था
    तो हमने ये सब कर दिया
    ये सुनकर मै और तेज से हँसने लगा

  7. #87
    कर्मठ सदस्य pkpasi's Avatar
    Join Date
    Jun 2009
    Posts
    1,824
    इस कहानी का अगला अपडेट में कल अपलोड करूंगा

  8. #88
    कर्मठ सदस्य pkpasi's Avatar
    Join Date
    Jun 2009
    Posts
    1,824
    मै:- चलो कोई बात नही
    अब तुम लोग इन्फोर्मेशन निकालो और हेडकवाटर पहुँचा दो
    तुम लोगो को शाबाशी मिलेगी
    इस इन्फोर्मेशन से उन्हे जल्दी से करवाई करने के लिए कहो
    फिर मै रूम से बाहर आ गया
    और घर पहुँच गया
    कुछ देर बाद दरवाजे पर नॉक हुआ
    मैंने दरवाजा खोला तो एक जाना पहचाना शक्स मेरे सामने खडा था
    जल्दी ही मुझे याद आ गया कि ये है कौन
    ये पवित्रा माँ का वकील था
    मैने उन्हे अंदर बुलाया
    और पानी दिया
    मै:- तो बताईए अंकल कैसे आना हुआ
    और वो भी इतने सालो के बाद
    वकील:- हाँ बेटा वो बात ये है कि मै आज अपनी जिम्मेदारी से मुक्त होने आया हूँ
    मै:- कौन सी जिम्मेदारी अंकल
    वकील:- बेटा आज तुम 19 साल के हो गए हो
    आज तुम लीगली पवित्रा जी की प्रॉपर्टी के हकदार हो गये हो
    तो अब अपना बिजेनस सम्भालो लो
    ये प्रॉपर्टी वाली बात मेरे दिमाग से निकल गई थी
    मै:- थैंक्स अंकल
    फिर अंकल कुछ साईंन लेकर चले गए
    और मै आराम करने लगा

    इधर शहर के कोने मे एक आदमी अपने घर मे इधर से उधर टहल रहा था
    गाल पर तिल
    सर पर नेता वाली टोपी
    सफेद कुर्ता
    ऊपर जाकेट
    और नीचे पैजामा
    आदमी बॉस:- आखिर क्या हो रहा है ये सब
    पहले राणा का मर्डर
    और अब ये राजा भी कल से गायब है
    आखिर हो क्या रहा है ये सब
    कौन कर रहा है ये सब

    तभी एक आदमी आता है
    आदमी बॉस:- कुछ पता चला
    आदमी 1:- नही सर
    पर इतना पता चला है कि ये सब डीडी नाम का शक्स कर रहा है
    राणा भाई को भी उसी ने मारा था
    और शायद कल रात राजा भाई के आदमियो को मार कर किडनेप भी किया होगा
    जैसे उनके आदमियो को मारा था
    उससे पता चलता है कि ये डीडी काम है

    आदमी बॉस:- आखिर कौन है ये डीडी
    आखिर क्या बिगाडा है किसी ने इसका
    इसकी इतनी हिम्मत कि इसने लाला किशोरी लाल से पंगा लिया
    तू ऐसा कर
    अपने आदमियो कि संख्या बढा दो
    वैसे तो उसे लगता होगा कि मै ये जगह छोड चुका हूँ
    अगर उसे इसके बारे मे पता हुआ तो
    तो वो यहाँ आएगा नही
    पर तुम चेंग को बुला लेना
    आदमी 1:- ठीक है लाला जी
    कशोरी लाल:- आखिर कौन है ये
    डीडी


    इधर मै भी 8 बजे घर मे बैठा था
    तभी मेरे पास सोनू का कॉल आया
    सोनू:- हेलो डीडी
    हमने राजा से किशोरी लाल की इन्फोर्मेशन निकल ली है
    और हेडकवाटर रिपोर्ट भी कर दी
    अब आगे क्या करना है
    मै:- वही करो जो मैने कहा था
    उसे मारकर शहर के बीचो बीच फेक दो
    सोनू:- ओके

    फिर मैने कॉल कट कर दिया
    कुछ देर बाद मेरे घर 2 के गेट पर नोक हुआ
    मैने दरवाजा खोला तो सामने परी खडी थी
    बिलकुल सज धज कर
    मैने उसे अन्दर बुला लिया
    मै:- दी क्या बात है आखिर जो सब को कफे पे बुलाया है जीजू ने
    परी:-वो तो मुझे भी नही पता
    हाँ बस इतना पता है
    कि वहा कोई पार्टी है
    और मैने बस उनके मुँह से इतना सुना है कि कोई प्रॉफिट हुआ है
    मै:- तो वह मेरा क्या काम
    परी:- क्यो तुम मेरे इकलोते भाई हो
    और कौन जायेगा तुम्हारे बिना
    चलो ओके अब जल्दी से जाओ और ये ड्रेस पहन कर आ जाओ
    परी ने मुझे एक वाइट शर्ट
    ब्लैक पैन्ट और बिना बाजू वाला जैकेट दिया
    जो वो अपने साथ लाई थी
    मै:-पर ये क्यो
    मेरे पास आलरेडी बहुत कपडे है
    परी:- मैने कहा ना यही पहने है तो पहनो
    नही तो मुझसे बात मत करना मै जा रही हू
    मै:- अरे दी
    ओके ओके
    मै जा रहा हूँ
    एमोशनली ब्लैकमेल तो मत करो
    इतना बोल मै बाथरूम मे घुस गया
    फिर मै कुछ देर बाद बाहर आया

    वो ड्रेस मुझे एकदम फिट था
    और जच भी रहा था
    परी:- हाय किसी कि नजर ना लगे मेरे भाई को
    और अपनी आँख से काजल निकालकर ऊगली से मेरे कान के पीछे लगा दिया
    मै:- अरे ये है
    ऐसी भी कोई बडी बात नही है
    परी:-किसने कहा
    पूरी दुनिया मे मेरे भाई जैसा कोई नही
    मै:- ओके ओके चले अब लेट हो रहे है
    परी:-हाँ हाँ चलो
    उसके बाद हम लोग निकल गए केफे की और


  9. #89
    कर्मठ सदस्य pkpasi's Avatar
    Join Date
    Jun 2009
    Posts
    1,824
    हम लोग निकल लिए केफे कि और
    गाडी परी दी ही चला रही थी
    रास्ते मे उन्होने आइसक्रीम पारलर पर कार रोकी
    परी:- भाई जाके दो आइसक्रीम ले आओ प्लीज
    मै:-पर हमे तो जाना है
    परी:- पर मुझे अभी आइसक्रीम खाने का मन है
    वहा जाने मे कौन सी देर हो रही है
    9 बजने मे अभी 15 मिनट बाकी है
    अब तुम जा रहे हो या मै जाऊ

    मै:-ओके मै जाता हू
    उसके बाद मै हम दोनो के लिए आइसक्रीम ले आया
    हम दोनो ने 5 मिनट मे आइसक्रीम खतम कर दी
    फिर परी ने गाडी चलाना शुरु कर दिया
    10 मिनट बाद हम केफे मे थे
    जेसे ही हम लोग गेट के पास पूछे
    अचानक लाइट चली गई
    परी:- ओह ये लाइट कैसे चली गई
    रुको देखते है
    हम दोनो अन्दर गए
    परी:- अभी
    अभी
    कहा हो
    अभी:- यहाँ हू
    परी:-ये लाइट को क्या हुआ
    अभी:- पता नही मैने एक लडके को देखने भेजा है
    परी:- ओके
    परी भी मेरे पास से आगे बढ गई
    मै वही खडा था
    जैसे ही मै आगे बढने वाला था
    तभी लाइट आ गई
    तभी एक शोर गूंजा
    जिससे मेरे चेहरे पर स्माइल आ गई
    सभी एक साथ:- हैप्पी बर्थडे टू यू हैप्पी बर्थडे टू यू
    मेरे चेहरे पर स्माइल आ गई
    कविता मेम परी प्रीत अभी अनु अंकल ज्योति और मेरी गुडिया
    सभी ने साथ मुझे विश किया

    परिधि प्रीत की फ्रेंड थी
    प्रीत को नही पता था परिधि मुझे जानती है
    बाद मे उसे सब कुछ बताया
    फिर कविता मेम ने आवाज दी
    केक आ चुका था
    केक काटने के पहले मैने तीन लोगो को देखा और हेरान हुआ
    मै:- तुम लोग यहाँ
    तुम लोग तो काम से जाने वाले थे ना
    जस्सी:- सॉरी भाई वो हमने झूठ कहा था
    (तनु कि और इशारा करके) इसके कहने पर
    तनु:- ( अनु की और इशारा करके) मैने इसके कहने पर झूठ बोला था
    मैने अनु कि और देखा
    अनु:- मुझे भाभी और प्रीत ने कहा था तुमसे छुपाने के लिए
    प्रीत:- ये सारा प्लान दी का था
    परी:- मुझे बुआ ने बताया था
    तब मैने ये पार्टी प्लान कि
    मै उन सब के चेहरे देख कर हस पड़ा
    मुझे हस्ता देख वो भी मुस्कुरा उठे
    कविता मेम:- चलो तुम लोगो का हो गया हो तो केक काट लिया जाये
    फिर मैने परिधि प्रीत और परी का हाथ पकड कर केक काटा
    क्यूकि ये तीनो आज मेरी जिन्दगी का हिस्सा थी
    तीनो मेरी प्यारी बहने
    फिर मैंने सबसे पहले प्रीत को केक खिलाया
    फिर परिधि को उसके बाद परी को और फिर कविता मेम को खिलाया
    उसके बाद चारो ने मुझे खिलाया
    और परिधि प्रीत परी ने थोडा थोडा केक मेरे मुह पर भी लगाया
    फिर पार्टी मे बाकी के मेहमानो को खिलाया गया
    उसके बाद थोडा बहुत नाच गाना हुआ
    उसके बाद खाना खा कर जाते हुए मुझे गिफ्ट देने लगे
    तनु सोनू और जस्सी ने भी मुझे गिफ्ट दिया
    उसके बाद मै उन्हे बाहर तक छोडने गया
    मै:- (तीनो से) मेरी बात ध्यान से सुनो आज राजा का काम तमाम कर दो
    पर किसी को कानो कान खबर नही लगनी चाहिए
    कि ये सब किसने किया
    और हा सोनू प्लीज इस बार कोई गडबड मत करना
    सोनू:- ठीक है भाई
    फिर तीनो वहा से चले गए
    कुछ देर बाद हम सब भी सारे गिफ्ट लेके परी दी के घर चल पड़े
    यानि कि उनके ससुराल

    वहा पहुच कर हम सब बाते करने लगे
    कुछ देर बाद परी प्रीत अनु और परिधि मुझे खीच कर एक रूम मे ले गए
    यहाँ सभी गिफ्ट रखे थे
    हमने सभी गिफ्ट खोले
    किसी मे घडी थी
    किसी मे मोबाइल किसी मे कुछ तो किसी मे कुछ
    लास्ट मे कुछ गिफ्ट रह गए
    प्रीत:-अब यही बाकी है
    अब इन्हे भी जल्दी से खोलो
    सब से पहले मैने एक गिफ्ट खोला
    वो गिफ्ट खोलते ही मैने परिधि को गले लगा लिया
    क्यूकि वो गिफ्ट परिधि का था
    उस मे हम तीनो यानि कि रवि परिधि और मेरी कुछ पुरानी तस्वीरे थी
    मेरी आखे थोडी नम हो गई थी
    फिर मैने अगला गिफ्ट खोला
    उस मे भी वैसा ही कुछ था
    ये गिफ्ट मुझे परी और प्रीत ने दिया था
    ये एक बडा सा फोटो फ्रेम था
    जिसमे मै मेरी परी प्रीत अनु कविता मेम अभी और अंकल की पिक्स लगी थी
    एक हमारी ग्रुप फोटो थी
    मैने परी और प्रीत को गले से लगाया
    फिर मैने अनु का गिफ्ट खोला
    उसमे एक न्यू फुल्ली अपग्रेडेड लैपटॉप था
    जो अभी अभी रिलीज हुआ था
    फिर मैने अंकल और कविता मेम का गिफ्ट खोला
    उसमे किसी चीज कि किइस थी
    देखने से बाइक की किइस लग रही थी
    फिर मैने अभी का गिफ्ट खोला उस मे भी किइस थी
    और वो किसी कार कि थी
    फिर लास्ट मे आया सोनू तनु और जस्सी का गिफ्ट
    जैसे कि मुझे उम्मीद थी उसमे वैसा ही गिफ्ट था
    गिफ्ट मे एक लेटेस्ट गन थी
    विद साईंलेंसर
    विद लाइसेंस
    अनु:- अरे ये गन किसने दी
    मै:- मेरे तीन नए दोस्तो ने
    परिधि:- भैया सच कहू तो यही बेस्ट गिफ्ट है आपके लिए
    क्यूकि हम सब ने देखा कि आपको इसकी कितनी जरुरत है
    (थोड़ी रुवासी होकर) रवि भैया के वक्तअगर आपके पास ये होती तो
    आज रवि भैया हमारे साथ होते
    मैने आगे बड़कर परिधि को गले लगया
    मै:- किसने कहा रवि आज हमारे साथ नही है
    वो आज भी हमारे साथ है
    तुम्हे बताया तो है
    परिधि:- फिर वो मुझसे बात क्यो नही करते
    मै:- उसने कहा है न कि वो वक़्त आने पर फेस टू फेस बात करेगा
    तुम्हारे सामने आकर
    रुको मै एक कोशिश करता हू
    (मन मे ) रवि रवि कहा है
    रवि:- यही हू
    मै:- तो प्लीज एक काम कर ना जैसे मुझसे माइन्ड मे बात करता है वैसे ही परिधि से कर ले
    मुझसे उसे रोता हुआ नही देखा जाता
    रवि:- पर
    मै:-( गुस्से से) कोई पर वर नही
    रवि:- ओके मेरे बाप
    रवि परिधि के मन मे
    उसकी आवाज मुझे भी सुनाइ दे रही है
    रवि:- गुडिया
    रवि कि आवाज सुन कर परिधि इधर उधर देहने देखने लगती है
    परिधि:- कहाँ हो आप भैया
    आप दिखाई क्यो नही ऐ रहे
    आपकी सिर्फ आवाज ही सुनाई दे रही है
    रवि:- गुडिया मै अभी तुझे सिर्फ सुनाई दे सकता हू
    पर दिखाई नही दे सकता
    वक़्त आने पर मै तुझसे फेस टू फेस बात करुगा
    परिधि:- कब आएगा वो वक्त
    कितने साल हो गए आपको देखे बिना
    रवि:- बहुत ही जल्दी आएगा
    देखो कितनी दुबली पतली हो गई हो खाना नही खाती क्या
    परिधि:- कहा भैया मै तो माँ के हाथ का खाना खा खा कर मोटी हो गई हू
    पेट भरने पर भी माँ मुझे जबरदस्ती खाना खिला देती है
    रवि:- अच्छा ऐसा क्या
    (मुझ से) थैंक्स दीप गुडिया को माँ का प्यार दिलाने के लिए
    मै:- ओए ये मेरा फर्ज था
    वैसे भी गुडिया की जिम्मेदारी तूने मुझे सोफी थी
    अब वो तो पूरी करनी ही थी
    रवि:- चलो अब मै चलता हू
    गुड नाईट गुडिया
    परिधि:- गुड नाईट भैया
    रवि कि आवाज बंद हो गई
    परिधि:-थैंक्स भैया
    आपने रवि भैया को मुझे वापस लौटा दिया
    आज एक बार फिर से मेरे दोनो भाई मेरे पास है
    मै:- चलो अब चुप हो जाओ
    परिधि:- वैसे बर्थडे आपका है मुझे गिफ्ट आपको देना चाहिए
    पर उल्टा आपने ही मुझे गिफ्ट दे दिया
    थैंक यू भैया थैंक यू सो मच
    हम दोनो ने एक दुसरे को गले लगा लिया
    फिर मैने परिधि के माथे पर किस किया
    और फिर अचानक
    Last edited by pkpasi; 09-09-2021 at 09:04 PM.

  10. #90
    कर्मठ सदस्य pkpasi's Avatar
    Join Date
    Jun 2009
    Posts
    1,824
    अचानक मेरी नजर अनु प्रीत और परी पर पडी
    तीनो के चेहरे पर एक डर था
    हम दोनो अपने मे इतना गुम थे कि
    उनका ध्यान नही रहा
    जब ध्यान से देखा तो उनकी आखे भी नम थी

    मै:- क्या हुआ तुम लोगो को ऐसे क्यो बैठे हो
    जैसे कोई भूत देख लिया हो

    परी:- प...पप.....परिधि अभी अभी किससे बात कर रही थी

    मैने रवि कि पिक उठाकर परी और बाकी सब को दिखाई

    मै:- इस से
    ये हम दोनो का भाई है
    आप लोगो से मिलने से पहले मै इन दोनो से ही तो मिला था
    और मुझे चार गोली लगने के बाद भी मौत के मुह से यही शक्स निकाल के ले आया था

    प्रीत:- तो क्या यहाँ अभी भभ....भभभू.......भूत है क्या

    मै:- नही बेटू यहाँ कोई भूत नही है
    उसकी आत्मा बस हम सब के करीब ही घुमती है
    और हर वक्त मेरे साथ रहती है

    फिर मैंने रवि की परिधि से लेकर अब तक की सारी कहानी बता दी
    तब जाकर उनके चेहरे का डर गायब हुआ

    मै:- ओके चलो सो जाओ अब

    परिधि और प्रीत:- भैया क्या मै तुम्हारे पास सो सकती हू
    मै:- ओके
    चलो रूम मे चलते है

    फिर सभी अपने अपने रूम मे हो लिए
    और सो गए

    अगले दिन

    सुबह हम तीनो एक साथ ऊठे
    मै जल्दी से रेडी हो कर ब्रेकफास्ट टेबल पर बैठ गया
    सभी वहा मोजूद थे

    मैने उनके साथ नास्ता किया
    नास्ता करने के बाद हम सिटीग मे बैठ गए

    और टीवी चल रहा था
    और परी ऐसे ही चैनल चेंज कर रही थी

    कि तभी एक न्यूज चैनल पर न्यूज आ रही थी
    तभी अभी ने उसे रोक दिया

    फिर सभी ध्यान से न्यूज सुनने लगे

    न्यूज़:- ब्रेकिंग न्यूज कल रात किसी ने मशहूर बदमाश राजा का मर्डर कर दिया
    और इस बार भी ये किसी “डीडी” का काम है
    आखिर ये डीडी है कौन
    समाज के ऐसे लोगो से इसकी आखिर दुश्मनी क्या है

    आपको याद दिला दे कि कुछ दिन पहले राजा के भाई राणा को किसी ने मार दिया था
    और उसके अगले ही दिन राजा भी अपने अड्डे से गायब था और उसके आदमियो की लाशे मिली थी
    और आज सुबह शहर के बीचो बीच राजा की लाश मिली है
    पुलिस जाच करने मे लगी है
    पर अभी तक उन्हे कोई सबूत नही मिला है

    अभी:- अब लगता है कोई इस शहर मे भी आ गया है जुल्म के खिलाफ लडने वाला
    अंकल:- सही कहा
    अब शहर से कचरा साफ होगा

    कविता मेम:- पर कानून कि नजर मे ये डीडी खुद को गुनहगार बना रहा है
    प्रीत:- पर लोगो की नजर मे तो ये फरिश्ता बन गया है

    कुछ देर सब ने इसी पर बहस की

    कुछ देर बाद

    मै:- ओके तो मै चलता हू
    मुझे ऑफिस जाना है

    कविता मेम:- ऑफिस
    कौनसा ऑफिस

    फिर मैने उन्हे पवित्रा माँ के बारे मे बताया

    कविता मेम:- तो तुम कॉलेज कब जाओगे

    मै:- वो मै देख लुगा मेम
    मै एक टाइम टेबल बना लुगा

    प्रीत परिधि परी अनु :- हम भी चलेगे
    मै:- ओके

    जब हम जाने लगे तब

    अभी:- दीप पहले अपना गिफ्ट तो देख लो
    कविता मेम:- और हमारा भी

    मै:- ओके

    जब हम बाहर आये तो
    अभी हमे गेराज मे ले गया

    जब उसने गेट खोला तो मै बहुत खुश हुआ
    अन्दर मेरे पसंद की कार और बाइक खडी थी

    बाइक यामहा R15 थी
    और कार Toyota Innova थी

    ये दोनो मेरी पसंद थी

    और ये भी मुझे पता था कि ये किसने किया
    एक बाद मैने कार और बाइक कि चॉइस के बारे मे कविता मेम को बताया था
    जब मै हॉस्पिटल मे था

    मै कविता मेम के गले लग गया
    फिर अभी के
    और फिर अंकल के

    मै:- थैंक्स टू आल ऑफ यू
    आप लोगो ने कल रात से लगातार मुझे खुशी दी है

    तीनो ने मुझे फिर से गले लगा लिया

    प्रीत:-भैया चलो न हम इस कार से आपके ऑफिस चलते है
    मै:- ओके
    परी:- ड्राइव मै करुगी

    मै:- दी डोंट टेक टेंशन मै ड्राइव कर लूगा
    परी:- तुम करोगे
    पर तुम्हे तो ड्राइविंग नही आती

    मै:- मैंने ड्राइविंग सीख ले है
    आप फिकर मत करो
    एक मिनट

    मैंने साइड मे जाकर वकील अंकल को फोन किया
    मै:- हेलो अंकल मै आज ऑफिस जा रहा हू
    आप भी आ जाओ
    क्यूकि ऑफिस मे मुझे कोई नही पहचानता

    वकील:- ओके बेटा तुम आ जाओ
    मै:- ओके
    मै आ रहा हू कुछ ही देर मे

    मै सब के पास वापिस आ गया

    मै:- ओके तो चलो
    रेडी हो

    चारो:- हा हम रेडी है
    मै:- तो आ जाओ फिर

    मै जाकर ड्राइविंग सीट पर बैठ गया
    परिधि और प्रीत दोनो मेरे साथ आगे बैठ गई
    परी और अनु पीछे साथ मे कविता मेम भी बैठ गई
    फिर गाडी घर से बाहर आ गई

Page 9 of 10 FirstFirst ... 78910 LastLast

Posting Permissions

  • You may not post new threads
  • You may not post replies
  • You may not post attachments
  • You may not edit your posts
  •