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Thread: आज का भारत केसा है? कैसे है उसे चलाने वाले ? और चल क्या रहा है?

  1. #91
    कांस्य सदस्य sultania's Avatar
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    Sep 2011
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    नये साल मैं क्या चल रहा भारत मे ?
    करोना के टिके की तैयारी ।
    बस मीडिया को फिर मौका मिल गया , डिबेट का , सवाल फिर से विपक्ष पे ही है , अरे भाई अभी लोकतांत्रिक देशो को देखे तो भारत का विपक्ष सबसे कमजोर है, भारत का विपक्ष इतना रसातल मैं जनता दुवारा पहुंच दिया है कि विपक्ष का कोई नेता भी नही है , अब ये मुठी भर लोग कैसे विदेशी ताकतों से देश को भड़का रहे यही मीडिया समझा रही , हद है जी ।

    कमजोर विपक्ष लोकतंत्र मैं कैसे टारगेट होता है इस ऐतिहासिक घटना के हम गवाह बन रहे , सारे विश्व की मीडिया सत्ता मैं काबिज दल से सवाल पूछती है, यहां मृत विपक्ष पे ही हमले हो रहे, ये लोकतंत्र के उलट हो रहे।

    अब वेक्सीन भारत के वैज्ञानिकों ने लॉन्च कर दी है , ये गर्व की बात है हर भारतीयों के लिये , सभी वैज्ञानिक कोई 2014 से ज्ञानी नही हुए है , पहले से मौजूद infrastrucher की कठनाई मैं बर्षो की मेहनत से ज्ञानी हुए है , इनके ज्ञानी होने मैं कोई पप्पू या फेकू का हाथ नही ।

    राजनीतिक पार्टीयां तो गलत कर ही रही ।
    सबसे ज्यादा गलत मीडिया कर रही ।
    वेक्सीन पे उठते सेफ्टी ओर प्रोटोकॉल के सवाल पे भी ये सिर्फ टारगेट कर रहे है , सिर्फ विपक्ष पे।

    अरे भाई वेक्सीन की डिबेट मैं भी मीडिया ने bjp vs other कर दिया , भईया जी वेज्ञानिको की बात है , डिबेट पे वेक्सीन के सपोर्टर वैज्ञानिक और इनकी खामियों को बताने वाले वेज्ञानिको की डिबेट करवाओ आप , ये क्या सिर्फ गिने चुने लोग ही भारत के हर मुद्दे पे ऐसे बोलते जैसे कि ये साक्षात सरस्वती का अवतार हो , कॅरोना मैं भी हमने देखा कि किसी भी चेनल या भारत सरकार ने कोई अतिरिक्त कॅरोना के लिये पब्लिक की सहायता के लिए स्पेसल चेनल लॉन्च नही किया , अधिकतर देशो ने चेनल लॉन्च किए भारत ये नही कर सका ।
    बस भारत की मीडिया शाद ओर शुसांत के झूठ मैं लोगो को रात दिन उलझाए रखी , नतीजा सिफर था।
    बहुत बहुत धन्यवाद
    हकलाते हैं तो संस्कृत सीखें,जो व्यक्ति धाराप्रवाह बोल नहीं पाते, अटकते हैं या फिर हकलाते हैं उन्हें संस्कृत सीखना चाहिए।संस्कृत से हकलाना भी खत्म हो जाता है।

  2. #92
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    नमस्कार दोस्तो
    भारत मे क्या चल रहा है
    सिर्फ विदेशी साजिशें
    अब देखे भारत के वेज्ञानिको ने कोविड की वेक्सिन बना के गर्व दिया भारत को ये विदेशी ताकतों को बर्दशात नही हुआ , विपक्ष के साथ मिलके एक वेक्सीन ट्रायल मैं शामिल एक वयक्ति को जहर दे के मार दिया , उनके परिवार के लोग विदेशी ताकतों ओर विपक्ष के भड़काने पे वेक्सीन से हुई मौत बता रहे है , साथ ही वेक्सीन ट्रायल हॉस्पिटल पे आरोप लगा रहे है कि वेक्सीन लगाने के बाद स्वस्थ आदमी की कोई खबर नही ली गयी ।
    देश भक्त हॉस्पिटल ने खंडन किया और बताया कि वेक्सीन देने के सात दिन बाद तक ये ठीक था, उसके बाद उसे जहर दे के मारा गया है , अरे गुमराह भड़के गरिबो तुमको 700 मिले ना ट्रायल के ओर संजीवनी फ्री मिली , सात दिन तक तुम ठीक भी थे , अब सरकार कोई तुम्हारा 7 जन्म का ठेका नही ली है , खाली सरकार को बदनाम की साजिश है ।
    दूसरी बड़ी साजिश खालिस्तानी पाकिस्तानी कर रहे और वो भी चीनियों के सहयोग से किसान के वेश मैं दिल्ली को घेर के बैठे है , ओर नाजायज मांगे कर रहे , उनकी मुख्य माँग Msp है , अब जरा देख ले ये Msp क्या है ?
    मिनिमम sale प्राइस , इस दाम पे सरकार पहले ही फसल खरीद रही है , लिखय आश्वासन भी है आगे भी msp रहेगी ।
    किसानों का बोलना है कि सरकार एक तय मात्रा मे ही फसल खरीदती है बाकी फसल उसे बाजार मे Msp से काफी नीचे बेचना होता , आप कानून बना दे कि कोई भी निजी सेक्टर msp से कम मैं फसल नही खरीदेगा , क्योंकि ये कम रेट मैं फसल खरीद के एमआरपी पे फिर उसी प्रोडक्ट को अपना लोगो लगा के बेचते है।
    अरे किसान के वेश मैं छुपे देश द्रोहियो कम्पनिया आपसे न्यूनतम तय मूल्य पे अगर माल खरीदेगी , तो उनहे प्रॉफिट कम होगा , नोकरियों कम मिलेगी , पब्लिक भूखी मर जाएगी , क्योंकि हम निजी कंपनियों के भी अहसान के तले है जिन्होंने हमे नोकरी दी है , msp पे कानून बन गया तो निजी कंपनियों
    को फायदा कम होगा , इससे देश कमजोर हो जायेगा ।
    तीसरी बड़ी घटना विदेशी शक्ति और विपक्ष के दुवारा की जा रही है कि हिन्दुओ पे हमले , महाराष्ट्र मैं पाल घर मे हत्या , बंगाल मैं श्री राम बोलने पे पाबन्दी ,वहां के राज्यपाल ने बताया कि अलकायदा भी अपना गढ़ बना रहा बंगाल को , अब आंध्र मैं हिन्दू मंदिर मूर्ति तोड़े जा रहे , बिहार चुनाव मे भी सेंट्रल बड़े मिनिस्टर ने देश को बताया कि अगर बिहार मे भाजपा नही आएगी , तो कश्मीर के सारे आंतक वादी बिहार मे पनाह ले लेंगे ।

    ये चल रहा भारत मे , ये बिल्कुल सच्चाई है ।
    दोषी कौन है सभी को सोचना है , हम तो मोदी जी के साथ है , हिन्दू मंदिर तोड़ने पे हम इमरान को दोषी मानते जो देश नही संभाल पा रहे , भारत मे हिंदू मंदिर , साधु की हत्या पे हम बिल्कुल भी सवाल नही करेंगे क्योंकि ये विपक्ष की साजिश है , ओर विपक्ष के सामने सरकार नतमस्तक है , आओ सपथ ले , इस बार हम एक भी सीट विपक्ष को जीतने नही देगे ।
    हर हर मोदी
    हकलाते हैं तो संस्कृत सीखें,जो व्यक्ति धाराप्रवाह बोल नहीं पाते, अटकते हैं या फिर हकलाते हैं उन्हें संस्कृत सीखना चाहिए।संस्कृत से हकलाना भी खत्म हो जाता है।

  3. #93
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    क्या भारत कनिबल बन गया है ?
    ऐसी हालत सोचि नही थी ये क्या चल रहा है भारत मे?
    अस्पताल मे बेड खाली नही ओर 250k पेसेंट नये आ गये,
    अब जो पेसेंट पहले से बेड पे है उसका बेड खाली कब होगा या तो वो रिकवर कर जाये या फिर कॅरोना के मोत के आकंड़े मैं अमर हो जाये । रिकवरी मैं समय लगता है अमर होने मैं कोई वक्त नही ,बिस्तर मिलने की लाइन मैं खड़े मरीज अब मना रहे है कि बेड जल्दी खाली हो ?

    मानवता सुन्न हो चुकी है , कॅरोना के विश्व विजिये नायक की झूठी पोल खुल गयी ।

    इधर npa से रोक हटते ही बैंको ने नियम अधिकार को ताक पे रख secure loan की जमानत ( घर गाड़ी गोल्ड) को काफी तेजी से खोसने लगे है / unsucre लोन ( क्रेडिट कार्ड ) वालो पे तुरंत मुकदमा कोर्ट मे होने लगा ।

    महंगाई , रोजगार की तो बात करना देशद्रोह टाइप का मुद्दा हो गया ।

    क्या ये चल रहा है भारत मे ?
    बहुत बहुत धन्यवाद
    हकलाते हैं तो संस्कृत सीखें,जो व्यक्ति धाराप्रवाह बोल नहीं पाते, अटकते हैं या फिर हकलाते हैं उन्हें संस्कृत सीखना चाहिए।संस्कृत से हकलाना भी खत्म हो जाता है।

  4. #94
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    कोई शर्म नही , कोई जिम्मेदारी नही , कोई श्रद्धांजलि नही , कोई मृतको के प्रति संवेदना नही , अहंकार मैं डूबी सत्ता को हजारो लोगो के रोज मरने पे कोई भी अफसोस नही ?
    ये क्या चल रहा भारत मे ?
    व्हाटसअप यूनिवर्सिटी पे अभी भी लोग सत्ता की चाटूकारिता कर रहे है , महामारी के विश्व नायक अब खलनायक साबित हो चुके है ।
    इजराइल ने जहां मोसाद की मदद से कॅरोना पे काबू पा लिया वही हम केवल मो शाद करते गये , लोगो को पापु बनाते गये ओर ना नोकरी ना बेहतर स्वास्थ ,ना ही कोई योजना बस सिर्फ सत्ता विस्तार और चाटूकारिता ।
    गरीब रोज 2000 की संख्या मे मर रहे है , कोई अफसोस भी नही करता , हद है यारो, साधारण सी ऑक्सीजन गेस मौजूद नही है देश मे , बस श्मशानों के आगे भीड़ ।
    इतने अधिक लोगो का देश संभाले ना संभल पा रहा सरकार से , जबकि पंचायत तक को स्वास्थ्य सुधार का पावर है , हाथ खड़े कर दिये सरकार ने , इस सरकार ने , बस चीन का जिक्र नही करेंगे ये , ना ही अफ्रीकी भुखमरे देश की सरकार की बात ना करेगे अधिकतर देशो ने महामारी को कंट्रोल कर लिया , यहां जनता मोत के घाट उतर रही है , आश्चर्य ही है इस लापरवाही पे , हजारो की संख्या मे लोग मर रहे है , अंतिम संस्कार नही हो पा रहे , फिर भी उसी समय नेता लोग रेली कर रहे ।
    130 करोड़ जनता के दुख को संभालने की ताकत मौजूद सरकार मैं नही है , नंगे हो गए शासन चलाने वाले , अरे ििनतने लोगों को नही सम्भाल सकते तो फिर आप बैठे ही क्यों हो ।
    बहुत बहुत धन्यवाद
    हकलाते हैं तो संस्कृत सीखें,जो व्यक्ति धाराप्रवाह बोल नहीं पाते, अटकते हैं या फिर हकलाते हैं उन्हें संस्कृत सीखना चाहिए।संस्कृत से हकलाना भी खत्म हो जाता है।

  5. #95
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    क्या चल रहा है भारत मे ?
    सरकार की चाट रहे है चाटुकार ओर जनता हॉस्पिटल , शमसान ओर कब्रिस्तान मैं ।
    किसी भी चाटुकार ने मोदी जी जो कॅरोना के सयम्भू विश्वनायक है उनसे नही पूछा कि लाशो के ढेर पे जो आपने 75*80 सीट हासिल कर ली उसका क्या करेंगे ।
    विश्व के पहले प्रधान है जो कॅरोना मैं लाखो की भीड़ देख के गदगद हो जाते है , रहा नही गया , मुह से बकार निकल ही गयी ।
    सिस्टम के चाटुकार सेलेब्रेटी भी जनता की मौत पर चुप है जानते है सिस्टम के खिलाफ बोलेगे तो बुरा अंजाम होगा ।
    सीरम के मालिक पूनावाला जान बचा के लंदन भाग गए , सरकार ने रोका नही लगता है कोई अदृश्य विमान से वे भागे है , अब वे लंदन मैं वेक्सीन बनायेगे , कल कारखाने तो खुले नही , चलता उद्योग भी गायब ।
    कोई चाटुकार अब नोकरी , स्टूडेंट एग्जाम , स्वास्थ , की बात नही करता ।
    नैतिक पतन कर केवल हिन्दू मुस्लिम ।
    वर्ल्ड मैं जब 25 वे नम्वर पे पत्रकारिता के उच्च शिखर पे आसीन ऑस्ट्रेलिया के अखबारों ने देश के प्रधान को घमंडी ओर कॅरोना फैलाने वाला बताया है ,PMO ने तुरंत ही उस अखबार को पत्र लिख दिया , अरे भाई आप कोई ज़ी न्यूज़ , आजतक को थोड़ी पत्र लिखे जो वे डर जायेगे , भारत मे पत्रकारिता का मापदंड काफी नीचे है भारत 180 देशो मैं 140 वे स्थान पे है , भला हो ऑस्ट्रेलिया के अखबारों का , खबर छपते ही वर्ल्ड से दनादन भीख सॉरी मदद आने लगी
    कोई शर्म नही कोई मोत का गम नही कोई सहानभूति नही बस झूठ झूठा जुठाई ।
    बिना टिके का टीकाकरण बिना ऑक्सीजन के हस्पताल , सरकार बोलती है सब ठीक है भरपूर ऑक्सीजन ओर दवाई वेक्सीन है ।
    घिन आने लगी अब ऐसी सोच पे ।
    बहुत बहुत धन्यवाद
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  6. #96
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    वैतरणी बनी गंगा कोवीड ने मा गंगा को भी ना बख्शा , जानकारों ने बताया कि हिन्दू अपनी आस्था स्वरूप लाशो को गंगा मैं बहा रहे है और गंगा के किनारे दफना भी रहे है ? अब आस्था पर तो सरकारे रोक ना लगा सकती , अब दफनाई गटई लाशो की रेत कुत्ते खुरच रहे है और फिर उनको ----?मतलब की पूरी तरह गंगा को वैतरणी बना दिया गया है ?मगर इतनी मोते कैसे हुई कॅरोना से या उन्हें मारके गंगा मैं फेंक दिया गया ? सरकार बोल रही है दिसम्बर तक सबको वेक्सीन लगा देंगे यहां भी जुमला दिख रहा है क्योंकि दिसम्बर तक वेक्सीनेटेड करने के लिये पूरी जनसख्या को 30 सितम्बर तक पहला टिका देना होगा , जो की सम्भव नही है। हमेशा की तरह सारे वर्ल्ड की मीडिया ने राहल गांधी के साथ मिलके देश को बदनाम कर दिया मोतो की सँख्या पे , साथ ही गुजरात के काफी पुराने अखबारों ने भी संख्या धांधली की कथित पोल खोल दी ।पाकिस्तान कि मीडिया तो पूरे विश्व मे प्रोपगंडा मीडिया के रूप मे जानी जाती है , ये हम भी जानते है , पर हम सारे ये नही जानते कि पाकिस्तानी मीडिया स्वतन्त्रा के मामले मे 180 देशो मैं 148 वे स्थान पे है, साथ ही भारत की मीडिया 143 वे स्थान पे है , ओर जिन देशो की मीडिया कथित झूठ दिखा रही है वे वर्ल्ड मैं पहले से पच्चीसवें स्थान पे है ।बहुत बहुत धन्यवाद
    हकलाते हैं तो संस्कृत सीखें,जो व्यक्ति धाराप्रवाह बोल नहीं पाते, अटकते हैं या फिर हकलाते हैं उन्हें संस्कृत सीखना चाहिए।संस्कृत से हकलाना भी खत्म हो जाता है।

  7. #97
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    जब मर रहे थे लोग और सब ग़मगीन थे।राजा के महल फिर भी निर्माणाधीन थे।।गुहार लगा कर के गुजर गई जिंदगियाँ-और सिस्टम के सारे तार तमाशबीन थे।जो गर्दिश के दिनों में जी रहे थे विरोधी-उनके लिए सियासी मौक़े बेहतरीन थे।मिल रही थी साँसें कई गुना दाम देकर-कालाबजारियों के तो वो दिन हसीन थे।मदद करने वाले फ़रिश्तों की क्या कहूँ-वो हारे हुये कितने ही घरों के यक़ीन थे।
    हकलाते हैं तो संस्कृत सीखें,जो व्यक्ति धाराप्रवाह बोल नहीं पाते, अटकते हैं या फिर हकलाते हैं उन्हें संस्कृत सीखना चाहिए।संस्कृत से हकलाना भी खत्म हो जाता है।

  8. #98
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    क्या चल रहा है भारत मे ?दशको पुराना सिर्फ वही सवाल बहुत हुई पट्रोल डीजल की मार अबकी बार जनता को फिर लूट रही ये भी सरकार।लगता है जैसे हम रोज बाल्टी लेके पेट्रोल खरीदने अरब जा रहे है और ताजा दाम के हिसाब से आज दाम तय कर रहे है ।सिर्फ बेवकूफ बनाया जा रहा है जनता को , हम रोज बाल्टी लेके तेल खरीदने नही जाते बल्कि एक तय कीमत पे अवधि कॉन्टेक्ट करते है , कच्चा तेल सप्लाई लेते है ?अफसोस कि बात है कि कॅरोना सिर्फ भारत मे हुआ , ओर पूरे विश्व मे कही भी विकास कार्य नही हो रहे , सभी देश पाषाण युग मे चले गये , इसलिए बाकी देशों को पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ाने की आवश्यकता नही , सिर्फ भारत मे ही स्वास्थ सेवाएं बेहतर और विकाश हो रहा , इसलिए सरकार को पैसे अधिक चाहिये ।युवाओ को बोला जा रहा कि आप आत्मनिर्भय बनिये, ओर इधर सरकार अपने खर्चे कैसे चलाये इसकी कोई नीति नही , बस पेट्रोल डीजल के दाम बढाओ ओर मोटा माल अंदर करो ।पारुल खक्कर की आज के भारत पे कविता एक-साथ सब मुर्दे बोले ‘सबकुछ चंगा-चंगा’,सा’ब, तुम्हारे रामराज में शववाहिनी गंगा.ख़तम हुए श्मशान तुम्हारे,ख़तम काष्ठ की बोरी;थके हमारे कंधे सारे,आंखें रह गयीं कोरी;दर-दर जाकर यमदूत खेलें–मौत का नाच बेढंगा.सा’ब, तुम्हारे रामराज में शववाहिनी गंगा.नित्य निरंतर जलती चिताएंराहत मांगें पल-भर;नित्य निरंतर टूटती चूड़ियां,कुटती छाती घर-घर;देख लपटों को फ़िडल बजाते–वाह रे ‘बिल्ला-रंगा’!सा’ब, तुम्हारे रामराज में शववाहिनी गंगा.सा’ब, तुम्हारे दिव्य वस्त्र,दिव्यत् तुम्हारी ज्योति;काश, असलियत लोग समझते,हो तुम पत्थर, ना मोती;हो हिम्मत तो आके बोलो–‘मेरा साहब नंगा’.सा’ब, तुम्हारे रामराज में शववाहिनी गंगा
    हकलाते हैं तो संस्कृत सीखें,जो व्यक्ति धाराप्रवाह बोल नहीं पाते, अटकते हैं या फिर हकलाते हैं उन्हें संस्कृत सीखना चाहिए।संस्कृत से हकलाना भी खत्म हो जाता है।

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