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Thread: नेताजी मृत्यु का रहस्य

  1. #131
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    पुलिस देखकर अजय और सपना फ्लैट से बाहर लिफ़्ट की ओर भागते हैं। उसी समय लिफ़्ट का दरवाज़ा खुलता है और लिफ़्ट में अजय और सपना का प्रतिरूप हाथ में रिवॉल्वर लिए दिखाई देता है। अपने प्रतिरूप को देखकर अजय और सपना सीढ़ियों से छत की ओर भागते हैं। अजय और सपना का प्रतिरूप उनका पीछा करता है। अजय और सपना छत पर पहुँच जाते हैं। अजय और सपना के प्रतिरूप भी छत पर पहुँच जाते हैं और हाथ में रिवॉल्वर लिए धीरे-धीरे अजय और सपना की ओर बढ़ते हैं। अजय अपने हाथ उठा देता है, किन्तु सपना भागना चाहती है।

  2. #132
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    अजय हाथ उठाए हुए चीखता हुआ सपना से कहता है- 'हिलना मत। अपनी जगह पर खड़े रहो।'

    सपना हाथ उठाकर अपनी जगह पर खड़ी हो जाती है। अजय और सपना के प्रतिरूप हाथ में रिवॉल्वर लिए धीरे-धीरे अजय और सपना की ओर बढ़ते हैं। अजय और सपना के अत्यन्त निकट आने के बाद अजय और सपना के प्रतिरूप फुर्ती के साथ अजय और सपना का हाथ पकड़कर उनकी कनपटी पर रिवाल्वर रखना चाहते हैं, किन्तु अचानक गायब हो जाते हैं।

    सपना आश्चर्यचकित हो जाती है। अजय हँसते हुए कहता है- 'ब्रह्माण्ड का नियम है- जो प्रतिरूप स्थिर है वह कभी गायब नहीं होगा। इसीलिए मैंने तुमसे कहा था- अपनी जगह से हिलना मत।'

    सपना- 'क्या ब्रह्माण्ड का यह नियम उन्हें नहीं पता था?'

    अजय- 'ज़रूर पता रहा होगा। वो कहते हैं न- इंसान जोश में होश खो बैठता है।'

    उसी समय छत पर पुलिस आ जाती है।

    पुलिस का एक अधिकारी पूछता है- 'सर, आपके प्रतिरूप कहाँ गए?'

    अजय- 'भाग गए!'

    पुलिस अधिकारी चारों ओर देखता है। भागने का कोई रास्ता नहीं है और नीचे सड़क दिखाई दे रही है।

    अजय बताता है- 'हम दोनों उनका पीछा करते हुए छत पर आए। अचानक एक स्पेसशिप आसमान में प्रकट हुआ और उन दोनों को अपने अन्दर खींचकर गायब हो गया।'

    पुलिस अधिकारी विश्वास कर लेता है।

  3. #133
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    अजय और सपना अजय के प्रतिरूप के फ़्लैट में वापस पहुँच जाते हैं। सपना प्रसन्नतापूर्वक कहती है- 'अब हमें यहाँ रहने में कोई डर नहीं।'

    अजय- 'हाँ, अब हमें इस धरती का अन्तरिक्षयान लूटने में भी कोई दिक्कत नहीं आएगी।'

    सपना- 'अन्तरिक्षयान लूटने से पहले हमें एक बार ताइहोकू जाना होगा। वहाँ हमें शायद कोई क्लू मिल जाए।'

    अजय हाँ में सिर हिलाता है।

  4. #134
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    अजय और सपना विमान द्वारा ताइहोकू पहुँच जाते हैं जहाँ से उनका अन्तरिक्षयान लापता हुआ था। सपना टेबलेट में देखते हुए बताती है- 'यही है वह जगह जहाँ से हमारा अन्तरिक्षयान लापता हुआ था। यह वही जगह है जहाँ से नेताजी का विमान भी लापता हुआ था।'

    अजय- 'कोई चीज़ तभी लापता होती है जब वह अनजाने में किसी वर्महोल में प्रवेश कर जाए।'

    सपना- 'भौतिकी का सिद्धान्त है- धरती पर इतना बड़ा वर्महोल तब तक नहीं बनता जब तक कोई परमाणु विस्फोट न हो।'

    अजय- 'हाँ.. परमाणु विस्फोट होने से स्पेसटाइम विकृत हो जाता है जिससे बहुत बड़ा वर्महोल बनता है। यह वर्महोल स्थाई नहीं होता और समुद्र की लहरों की तरह बार-बार बनता और बिगड़ता रहता है।'

    सपना टेबलेट में देखते हुए कहती है- 'पता चल गया। उस समय धरती में द्वितीय विश्वयुद्ध चल रहा था और अमेरिका ने हिरोशिमा और नागासाकी में दो परमाणु बम गिराए थे!'

    अजय- 'यह जगह हिरोशिमा और नागासाकी से बहुत दूर नहीं है। इसका मतलब यहाँ पर बहुत बड़ा वर्महोल बना था जो आज भी बन रहा है।'

    सपना ज़मीन पर एक जगह दिखाते हुए कहती है- 'यह देखो, अजय। अन्तरिक्षयान के उतरने के निशान। हमारा अन्तरिक्षयान यहीं पर उतरा था!'

    अजय- 'साँप निकल जाने के बाद लकीर पीटने से कोई फायदा नहीं, सपना। हमें अन्तरिक्षयान लूटकर ब्रह्माण्ड के सफ़र पर तुरन्त निकलना होगा। तभी हम समय के पीछे चल रही धरती पर जाकर यह पता लगा सकते हैं- हमारा अन्तरिक्षयान कैसे लापता हुआ?'

  5. #135
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    अजय सपना के साथ अपने प्रतिरूप अजय के फ़्लैट में वापस आ जाता है। उसी समय डोर बेल बजती है। अजय जाकर दरवाज़ा खोलता है। सामने एक पुलिस अधिकारी खड़ा है। पुलिस अधिकारी के हाथ में मेटल डिटेक्टर जैसा एक यन्त्र है। पुलिस अधिकारी मेटल डिटेक्टर को अजय के निकट ले जाता है। मेटल डिटेक्टर से 'बीप' की ध्वनि सुनाई देती है और लाल रंग की एलईडी० जलने-बुझने लगती है। पुलिस अधिकारी रिवॉल्वर निकालकर अजय और सपना के ऊपर तानते हुए 'यू आर अण्डर अरेस्ट' कहता है। अजय और सपना हक्के-बक्के रह जाते हैं।

    अजय पूछता है- 'मुझे क्यों गिरफ़्तार किया जा रहा है, ऑफ़ीसर?'

    पुलिस अधिकारी- 'शटअप.. तुम्हारा भाँडा फूट चुका है। तुम हमारी धरती के नहीं हो। युनिवर्स डिटेक्टर ने हमें सब कुछ सही-सही बता दिया है।'

    उसी समय सपना अत्यन्त फुर्ती के साथ एक कुर्सी उठाकर पुलिस अधिकारी के ऊपर फेंक देती है। पुलिस अधिकारी के हाथ से रिवॉल्वर छूट जाता है जिसे अजय लपककर पुलिस अधिकारी के ऊपर तान देता है।

    अजय- 'तुम्हें हमारे ऊपर शक़ कैसे हुआ?'

    पुलिस अधिकारी- 'तुम्हारी कहानी झूठी थी। उस दिन किसी चश्मदीद ने कोई अन्तरिक्षयान नहीं देखा था।'

    पुलिस अधिकारी अजय पर हमला करना चाहता है। अजय गोली चलाता है। गोली पुलिस अधिकारी के माथे के बीचों-बीच लगती है और वह मर जाता है। अजय और सपना बाहर भागते हैं।

  6. #136
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    स्पेस सेन्टर के बाहर एक टैक्सी आकर रुकती है। अजय और सपना भागते हुए स्पेस सेन्टर के अन्दर पहुँचते हैं। अजय स्पेस सेन्टर के एक अधिकारी से झूठ बोलते हुए कहता है- 'धरती पर एलियन्स का हमला होने वाला है। हमें उन्हें तुरन्त रोकना होगा।'

    अजय और सपना भागते हुए अन्तरिक्षयान में प्रवेश करते हैं और थोड़ी देर में अन्तरिक्षयान वहाँ से उड़ जाता है। सपना हँसते हुए कहती है- 'हमने झूठ बोलकर बड़ी आसानी से अन्तरिक्षयान लूट लिया।'

    अजय- 'थोड़ी देर में हम इस ब्रह्माण्ड से बाहर निकलकर दूसरे ब्रह्माण्ड में प्रवेश करेंगे।'

    उसी समय अन्तरिक्षयान के ऑटो पायलट की तस्वीर कम्प्यूटर स्क्रीन पर प्रकट होती है।

    ऑटो पायलट- 'आप लोगों ने झूठ बोलकर इस अन्तरिक्षयान को लूटा है। इसलिए यह अन्तरिक्षयान वापस धरती की ओर जा रहा है।'

    सपना भयभीत होकर चीखती है- 'नहीं..!'

    अजय अपना सिर पकड़कर कहता है- 'ये ऑटो पायलट का ए०आई० ऑन कैसे रह गया?'

    अन्तरिक्षयान धरती की ओर वापस जाने लगता है। अजय जल्दी से एक लीवर खींच कर ऑटो पायलट ऑफ़ करना चाहता है, किन्तु लीवर नहीं खिंचता।

    ऑटो पायलट- 'ये इमर्जेंसी लैंडिंग है। इसलिए ऑटो पायलट लॉक हो चुका है।'

    अजय अपना सिर पकड़ लेता है। अन्तरिक्षयान लैंडिंग करने के लिए स्पेस सेंटर की ओर बढ़ता है। अजय और सपना बाहर देखते हैं। स्पेस सेंटर में पुलिस-बल का भारी जमावड़ा है।

    सपना- 'अन्तरिक्षयान जैसे ही लैंड होगा, हम अपने अन्तरिक्षयान का रूट कार्ड डालकर इसके कम्प्यूटर को रिबूट करेंगे। रिबूट होने के बाद यह अन्तरिक्षयान पूरी तरह से हमारे कंट्रोल में होगा।'

    अजय- 'गलती मेरी है। मैं जल्दीबाजी में अपना रूट कार्ड डालना भूल गया था।'

    सपना- 'यह छोटी-मोटी नहीं, बहुत बड़ी भूल है।'

    अजय जेब में हाथ डालकर रूट कार्ड खोजता है।

    अजय- 'अरे, रूट कार्ड कहाँ गया? लगता है- कहीं गिर गया।'

    सपना चिंतित होकर कहती है- 'बिना रूट कार्ड के हम अपनी धरती पर वापस कैसे लौटेंगे?'

    अन्तरिक्षयान स्पेस सेन्टर में लैंड करता है। पुलिस अन्तरिक्षयान को घेर लेती है।

    अजय- 'रूट कार्ड यहीं पर कहीं गिरा होगा, सपना। खोजो सपना, खोजो।'

    अजय और सपना रूट कार्ड खोजने लगते हैं। पुलिस अन्तरिक्षयान का दरवाज़ा तोड़ने की कोशिश करती है। सपना को रूट कार्ड मिल जाता है जो क्रेडिट कार्ड जितना बड़ा है। अजय अन्तरिक्षयान में रूट कार्ड डालकर कम्प्यूटर को रिबूट करता है। कम्प्यूटर रिबूट होते ही अन्तरिक्षयान एक बार फिर अन्तरिक्ष के सफ़र के लिए तैयार हो जाता है। अजय और सपना कुछ बटन दबाते हैं और अन्तरिक्षयान अन्तरिक्ष की ओर उड़ने लगता है। अन्तरिक्षयान के चारों ओर खड़े पुलिस के जवान हवा में उड़कर इधर-उधर गिरते हैं। अन्तरिक्षयान आँखों से ओझल हो जाता है।

  7. #137
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    अजय- 'थोड़ी देर में हम अपने ब्रह्माण्ड को गुड बाइ करके नए ब्रह्माण्ड में प्रवेश करेंगे।'

    सपना अन्तरिक्षयान से बाहर देखते हुए कहती है- 'अरे.. ये क्या है, अजय?'

    अजय अन्तरिक्षयान से बाहर देखता है। एक अन्तरिक्षयान तेजी से आगे बढ़ता है और फिर उसी रफ़्तार से पीछे की ओर जाता है, फिर तेजी से आगे बढ़ता है और फिर तेज़ी से पीछे की ओर जाता है। अजय अपना अन्तरिक्षयान रोक देता है।

    अजय- 'शायद यह हजारों साल पुराना अन्तरिक्षयान है, सपना.. जो दूसरे ब्रह्माण्ड की खोज के लिए रवाना किया गया होगा।'

    सपना- 'मगर ये अन्तरिक्षयान बार-बार आगे जाकर पीछे क्यों लौट आता है?'

    अजय- 'यही तो समझ में नहीं आ रहा, सपना।'

    सपना- 'कहीं ऐसा तो नहीं- इस ब्रह्माण्ड की कोई शक्ति इसे बाहर जाने से रोक रही हो?'

    अजय- 'हाँ, यह हो सकता है, क्योंकि जैसे ही अन्तरिक्षयान आगे बढ़ता है, युनिवर्सल पॉवर उसे वापस धकेल देती है।'

    सपना- 'तो फिर क्या हम भी दूसरे ब्रह्माण्ड में नहीं जा सकते?'

    अजय- 'हम जा सकते हैं, क्योंकि हमारा अन्तरिक्षयान वर्म होल पैदा करके उसके अन्दर सफ़र करता है। अब हमें इस 'युनिवर्सल पॉवर' का रेज़िस्टेंस पता करना होगा।'

    सपना- 'सबसे पहले हमें अपने साथियों का पता लगाना है, अजय।'

    अजय- 'हाँ, सपना।'

    सपना- 'पता नहीं- विनोद और प्रिया किस हाल में हैं? ज़िन्दा भी हैं या नहीं?'

    अजय एक बटन दबाता है और अन्तरिक्षयान दूसरे ब्रह्माण्ड में प्रवेश कर जाता है।

    अजय- 'अब हम इस ब्रह्माण्ड के सबसे निकट वाली धरती की ओर जा रहे हैं।'

    सपना कम्प्यूटर पर टाइप करते हुए कहती है- 'मैं इस नए ब्रह्माण्ड का नाम एन०यू० वन दे रही हूँ।'

    अजय- 'एन०यू० वन? मैं समझा नहीं।'

    सपना- 'एन०यू० वन का मतलब है- न्यू युनिवर्स नम्बर वन।'

    अजय- 'ठीक है!'

    अन्तरिक्षयान धरती पर उतर जाता है। अजय अन्तरिक्षयान से 'रूट कार्ड' निकालकर जेब में रखता है और फिर सपना के साथ अन्तरिक्षयान से बाहर आता है। बाहर आते ही वहाँ पर छिपा हुआ सशस्त्र पुलिस बल दोनों को गिरफ्तार कर लेता है।

  8. #138
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    सूचना: कहानी में कुछ गड़बड़ी दर्ज की गई है जिसमें सुधार करना अत्यावश्यक है। अतः अद्यतन में विलम्ब हेतु खेद है!

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